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दुकानदारों ने चहेतों को छोड़ने का लगाया आरोप, अमले ने सबको लपेटा, 30 दुकानें सील

सुबह 10 बजे से ही पत्थर मार्केट में दुकानदार सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में जमा होने लगे थे।

आनंद पवार | Last Modified - Dec 28, 2017, 04:46 AM IST

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    नई दिल्ली.सुबह 10 बजे से ही पत्थर मार्केट में दुकानदार सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में जमा होने लगे थे। यहां इनके खाने-पीने के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया। दुकानदार, भूमि स्वामी और बड़ी संख्या में कर्मचारी एकजुट थे। सुबह करीब 12 बजे नगर निगम के अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्हें देखते ही दुकानदारों ने नगर निगम और भूरेलाल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दुकानदार अधिकारियों से कहते रहे हैं कि हमें नोटिस दिखा दो हम कार्रवाई के साथ हैं। साथ ही उनका सवाल था कि कार्रवाई 100 फूटा रोड से क्यों शुरू नहीं की गई।

    - पत्थर मार्केट के व्यापारियों की दुकानों को ही क्यों सील किया जा रहा है। इस पर निगम अफसरों ने उलटा व्यापारियों से अपने दस्तावेज दिखाने का कह दिया। जब एक व्यापारी एमसीडी में टैक्स और कंर्वजन शुल्क जमा करने की रसीद लेकर पहुंचा तोे अधिकारी ने कहा आप कोर्ट जाओ। हम कुछ नहीं कर सकते। हम तो कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं।

    - इसके बाद पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी। दुकानदार हाथ जोड़ते हुए सड़क पर बैठ गए तो उनको उठाकर अलग कर दिया। इस दौरान व्यापारियों और पुलिस में झड़प भी हुई, लेकिन कुछ लोगों के दखल से मामला शांत हो गया। इसके बाद व्यापारी एमसीडी, पुलिस और भूरेलाल के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और नकर्मचारी दुकानें सील करते रहे।

    कमेटी सदस्य भी पहुंचे
    - दोपहर एक बजे मॉनीटरिंग कमेटी के सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। करीब आधे घंटे तक दुकानदार उनसे लगातार कर्ज लेकर व्यापार करने और दुकान बंद होने पर नुकसान की बात कहते रहे।

    - भूरेलाल ने दुकानदारों को तीन बजे कार्यालय बुलाया। मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया उनकी बात सुनी गई। लेकिन सदस्यों ने कहा कि 15 दिन का समय देने पर विचार कर सकते हैं।

    सामान निकालने के लिए गिड़गिड़ाते रहे दुकानदार, नहीं रुकी कार्रवाई

    - पत्थर व्यापारियों के आरोप के बाद निगम अधिकारियों ने रेस्टाेरेंट सहित दूसरी छोटी दुकानों पर भी सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान कुछ रेस्टाेरेंट संचालकों ने खाने-पीने का सामान बाहर निकाल लिया, लेकिन कुछ को सामान निकालने का समय ही नहीं मिला।

    - वह अधिकारियों के सामने 20 मिनट का समय देने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उनकी एक भी बात नहीं सुनी गई। छतरपुर भाटी रोड स्थित बिकानेर स्वीट्स शॉप के संचालक ने कर्मचारियों के साथ खराब होने वाला सामान मिठाई, केक सहित अन्य सामग्री सड़क पर रख ली।

    - वहीं, पास का रेस्टोरेंट सामान सहित सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान लोग सवाल उठा रहे थे कि निगम के अधिकारियों ने एक डॉक्टर के क्लीनिक को सील कर दिया, लेकिन हॉस्पिटल को छोड़ दिया। लोगों का सवाल था कि रिहायशी इलाके में डॉक्टर का क्लीनिक नहीं होगा क्या?

    यहां 96 दुकानें हैं, 100 से ज्यादा परिवार का घर चलता है, उदयपुर-चित्तौड़गढ़ तक पड़ेगा असर

    नहीं दी गई जानकारी
    - मार्बल वालों को टारगेट कर कार्रवाई की गई। न तो कोई नोटिस दिया और न ही कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी।

    पंकज राठी

    हमें दबाया जा रहा है
    - यहां 100 फीट रोड से कार्रवाई नहीं की गई। हमने नोटिस दिखाने को कहा तो कुछ भी नहीं बताया जा रहा। यह तो व्यापारियों को दबाने की कार्रवाई है।
    वरुण, व्यापारी

    कार्रवाई चेहरा देख कर न करें
    - हम लोग सुप्रीम कोर्ट का आदर करते हैं। सीलिंग की कार्रवाई होना चाहिए, लेकिन कार्रवाई चेहरा देखकर न की जाए। हमें नोटिस दिया जाए।
    महमूद खान

    हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे
    - यहां 96 दुकान है। एक दुकान में 100 से ज्यादा लोगों का घर चलता है। इस तरह कार्रवाई से हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इसका असर उदयपुर, चित्तौड़गढ़ पर भी पड़ेगा। - सुरेश राम

    पक्षपात किया जा रहा है
    यहां पर एक बैक्वेंट हॉल को छोड़ दिया गया। वहीं उसके सामने के बैक्वेंट हॉल को सील कर दिया गया। इस तरह कार्रवाई क्यों हो रही है।
    -विनोद कुमार

    पहले नोटिस देना चाहिए
    - पहले नोटिस देना चाहिए था, यहां रेस्टाेरेंट को सामान सहित सील कर दिया। उसका तो नुकसान हो गया।
    ओमप्रकाश जिंदल

    समय देना चाहिए
    - कार्रवाई का तरीका गलत है। लोगों को अपना सामान निकलने के लिए नोटिस या समय देना था।

    ऋषि चौधरी

    यह अन्याय है
    - दुकानदारों को परेशान करना है। लोगों ने गलत क्या है तो उनको पहले बता देते। यह तो अन्याय है।-कमल सिंह

    बातचीत में कुछ नहीं निकला
    - हमें कार्रवाई के दौरान कमेटी ने मिलने का समय दिया। उन्होंने कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर होने की बात कही, 15 दिन का समय देने की बात पर विचार हो रहा है। बातचीत कर आगे की कार्रवाई करेंगे।
    संतराम गोयल, अध्यक्ष, मार्केट एसोसिएशन छतरपुर, पत्थर मार्केट

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Web Title: Shopkeepers Charged To Leave The Girls, Amla Wrapped Up Everyone
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