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संगीनों के साए में सीलिंग, 52 घरों में चल रही दुकानें सील

कारोबारियों के महाबंद के बीच निगम की कार्रवाई| डोमेस्टिक बिजली बिल दिखाने के बाद भी नहीं मिली राहत

Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 07:10 AM IST

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मॉनीटरिंग कमेटी के निर्देश पर मंगलवार को संगीनों के साए में सीलिंग हुई। सीलिंग के विरोध में कारोबारियों ने जहां मंगलवार को महाबंद रखा, वहीं गणतंत्र दिवस को देखते हुए भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। मंगलवार को नगर निगम के अमले ने अलग-अलग इलाकों में 52 घरों में चल रही दुकानों को सील किया। इस दौरान सारे दस्तावेज दिखाने के बावजूद अमले ने सीलिंग की कार्रवाई कर दी। सीलिंग की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।

ओल्ड राजेन्द्र नगर मार्केट में सीलिंग की कार्रवाई के दौरान पुलिस के साथ-साथ काफी संख्या में हथियार बंद सुरक्षाकर्मी भी मौजूद रहे। गणतंत्र दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल के चलते मंगलवार को पुलिस फोर्स अमले को करीब दो बजे मिल पाई। इसके बाद सीलिंग की कार्रवाई शुरू हुई। दोपहर दो बजे फर्स्ट, सेकंड, थर्ड फ्लोर और बेसमेंट में कुल 25 जगह सील की गई। यहां ग्राउंड फ्लोर पर दुकान और बाकी हिस्सा रहने के लिए उपयोग किया जा सकता है। इसके उलट लोग बेसमेंट, फर्स्ट, सेकंड व थर्ड फ्लोर पर आॅफिस, पीजी और किराये पर उठाए हुए थे। इसको देखकर निगम के अमले ने सीलिंग की कार्रवाई तेज कर दी। बिल्डिंग के मालिक निगम के अमले को अपना बिजली बिल दिखा रहे थे, लेकिन कमर्शियल मीटर होने से उन्हें राहत नहीं मिली। वहीं, नारायणा विहार मार्केट में 8 जगह सील कर दी गई।

बिल दिखाया, फिर भी सील कर दिया फ्लैट
राजेन्द्र नगर ओल्ड मार्केट में शॉप नंबर-63 के फर्स्ट फ्लोर पर राखी परिवार के साथ रहती है। मंगलवार को उनके घर में दादी अकेली थी। निगम के अमले ने कागज मांगे, लेकिन नहीं दिखाने पर बुजुर्ग महिला को बाहर कर दरवाजे पर सील लगा दी। राखी को किसी ने सूचना दी। वह ऑफिस से भाग कर पहुंची और बिजली, पानी व निगम के कागजात लेकर निगम के अधिकारियों के पास पहुंची और बोली मेरे पास सारे कागजात। इन्हें देखने के बाद अधिकारी देखते हैं कहकर आगे बढ़ गए।

मार्केट एसोसिएशन के सात लाख कारोबारी हुए शामिल
सीलिंग व एफडीआई के खिलाफ आप ने भी बाजार बंद का समर्थन किया। विधायकों ने विधानसभा क्षेत्र में सीलिंग के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर श्रम मंत्री गोपाल राय ने भाजपा शासित निगम और केंद्र पर हमला बोला। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए सीलिंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

500 जगह पैदल मार्च 100 जगह दिया धरना
सीलिंग के विरोध में मंगलवार को दिल्ली के करीब 7 लाख व्यापारी सड़क पर उतर आए। सभी बाजार बंद रहे। इस दौरान 500 जगह पैदल मार्च और 100 जगह धरना प्रदर्शन किया गया। कारोबारियों ने सरकार से सीलिंग रोकने की मांग की। सुबह 11.30 पर कारोबारी चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन पहुंचे, जहां पहले पैदल मार्च निकाला गया। इसके बाद स्टेशन पर दोपहर 2 बजे तक धरना प्रदर्शन किया।

इस मौके पर कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि 2000 मार्केट एसोसिएशन के 7 लाख व्यापारी महाबंद में शामिल हुए। बंद के कारण 1500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। 2007 का डीडीए का एक नोटिफिकेशन भी दिखाया गया। इसमें 1962 में सभी बाजारों को कन्वर्जन चार्ज और पार्किंग चार्ज नहीं देना है, इसके लिए व्यापारियों को 1962 से पहले की दुकान के कागजात दिखाने की बात कही गई है।

इस पर खंडेलवाल ने कहा कि तब दुकानें पगड़ी पर थीं। इन दुकानों की रजिस्ट्री वर्ष 1962 के बाद हुई। खंडेलवाल ने बताया कि बंद से सरकार को 125 करोड़ के राजस्व की हानि हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने 2006 में अवैध निर्माण की सीलिंग के आदेश दिए थे। इसमें दुकानों या को सीलिंग से बचाने के लिए कन्वर्जन शुल्क जमा करने को कहा गया। कई कारोबारियों ने शुल्क अदा नहीं किया। अब कमेटी की देखरेख में निगम सीलिंग कर रहा है।