Hindi News »Union Territory »New Delhi »News» Shops Sealing In Delhi

दिल्ली में अब तक 3900 दुकानें सील, सीलिंग की हकीकत दिखाती दो तस्वीरें

राजधानी में अब तक 3900 दुकानें सील हो चुकी हैं, आज व्यापारियों ने का आह्वान किया है, उससे पहले का बंद

Bhaskar News | Last Modified - Mar 13, 2018, 05:21 AM IST

  • दिल्ली में अब तक 3900 दुकानें सील, सीलिंग की हकीकत दिखाती दो तस्वीरें
    +1और स्लाइड देखें

    नई दिल्ली. सीलिंग से राहत दिलाने के लिए डीडीए ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश कर दिया। यह जानकारी देते हुए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सीलिंग रोकने के लिए अध्यादेश की मांग और अनशन की धमकी को राजनीति ड्रामा बताया। उन्होंने कहा कि जिनको समाधान तलाशना चाहिए वह राजनीति फायदे के लिए मुश्किल पैदा कर रहे हैं। वर्ष 2007 के बाद मास्टर प्लान 2021 में 234 संशोधन और 44 नोटिफिकेशन जारी किए गए। यह संशोधन कोई नया नहीं है। इस कारण संसद में अध्यादेश लाने की जरूरत नहीं है। डीडीए संवैधानिक संस्था है, जिसे मास्टर प्लान में संशोधन का अधिकार है। दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इससे बुनियादी सुविधाओं पर असर पड़ता है, जिससे मास्टर प्लान में संशोधन की आवश्यकता होती है।

    अवैध निर्माण और गलत उपयोग को छूट नहीं

    पुरी ने कहा कि राजनेता स्पेशल पावर एक्ट में सीलिंग रोकने के अधिकार होने की बात कर रहे हैं, उनको यह जानकारी ही नहीं है कि स्पेशल पावर एक्ट में सात कैटेगरी को निश्चित सीमा में ही राहत दी गई है। इसमें झुग्गी-झोपड़ी वालों का पुर्नस्थापित किया जाना। स्ट्रीट वेंडर के लिए नए कानून और रूल्स बनाना। अनधिकृत कॉलोनी के लिए 2008 में रेगुलेशन है, जिस पर कार्रवाई की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की है। कृषि भूमि पर कंस्ट्रक्शन, स्कूल, गोडाउन के लिए पॉलिसी बनाई जा रही है। फॉर्म हाउस को रेगुलाइज करने के लिए कानून और स्पेशल एरिया का रेगुलेशन बना है। सभी में समय सीमा निर्धारित है। इसमें अवैध निर्माण सहित गलत उपयोग करने वालों को छूट नहीं है। पुरी ने कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए हमने प्रावधान किए हैं। कोई भी आने वाली पीढ़ी को प्रदूषित माहौल नहीं देना चाहता।

    कोर्ट से मांगी नोटिफिकेशन जारी करने की मंजूरी
    हलफनामे में डीडीए ने सुप्रीम कोर्ट से मास्टर प्लान में किए गए संशोधन का अंतिम नोटिफिकेशन जारी करने की मंजूरी मांगी है। डीडीए ने यह भी कहा है प्रस्तावित संशोधनों का पर्यावरण व अन्य मौजूदा सुविधाओं पर न्यूनतम असर नहीं होगा। डीडीए ने यह भी कहा है कि मौजूदा हालात में जमीनी हकीकत को देखते हुए उसके पास मास्टर प्लान में संशोधन के अलावा कोई विकल्प नहीं था। साथ ही उन्होंने बताया कि कोर्ट ने तीनों नगर निगमों को 9 फरवरी के आदेश में 9 बिंदुओं और दिल्ली सरकार को 351 सड़कों के रेगुलेशन करने का हलफनामा पेश करने को कहा है।


    अमर कॉलोनी में 40 मीटर का प्लाट, 250 मीटर कब्जा
    पुरी ने कहा कि लाजपत नगर की अमर कॉलोनी की घटना से राजनीति फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है। हम समस्या के निदान के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसमें हम सभी लोगों का स्वागत भी करते हैं। लेकिन गलत बात और अवैध निर्माण का हम स्वीकार नहीं कर सकते। इस मामले में साउथ एमसीडी के आयुक्त पुनीत गोयल ने बताया कि लाजपत नगर कॉलोनी में एलएंडडीओ विभाग ने प्लॉट दिए हैं। प्लॉट लीज पर दिए हैं। यहां 40 मीटर के प्लॉट रेसीडेंशियल हैं, लेकिन इस पर 12 फीट आगे और 30 फीट पीछे निर्माण कर दिया गया। इससे प्लॉट का साइज 40 मीटर से बढ़कर 250 मीटर हो गया। यहां सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है। यहां चार-चार मंजिल बना ली गई है। वहां पर पुलिस और नगर निगम का अमला अतिक्रमण हटाने गया था।

    कन्वर्जन शुल्क से बनेगी पार्किंग

    डीडीए के उपाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने बताया कि मार्केट में पार्किंग, जाम, पॉल्यूशन और इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती समस्या के लिए काम कर रहे हैं। नगर निगम पार्किंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए डिटेल रिपोर्ट तैयार करेगा। करीब 300 पार्किंग बनाई जाएगी। इसके लिए कन्वर्जन शुल्क का उपयोग किया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर में पानी, सीवर, बिजली सहित अन्य सुविधाओं को शामिल किया जाएगा। वहीं, पर्यावरण और जाम की समस्या से निपटने के लिए भी प्रावधान कर रहे हैं।

    सीलिंग के बाद जीना ही हो रहा भारी, कैसे देंगे एक लाख रुपए

    सीलिंग से परेशान व्यापारियों को अपनी प्रॉपर्टी डी-सील कराने के एवज में एक लाख रुपए जमा करने की बात ने परेशान कर दिया है। व्यापारी कह रहे हैं कि जीना ही दूभर हो गया है, ऐसे में एक लाख रुपए कहां से देंगे। कोर्ट को नरमी बरतते हुए इससे राहत देनी चाहिए। एक लाख रुपए मॉनिटरिंग कमेटी के पास पे-ऑर्डर के तौर पर जमा करने होंगे, जो वापस नहीं होंगे।


    बेटी की शादी कैसे करूंगा
    बीते गुरुवार ओल्ड डबल स्टोरी, लाजपत नगर-4 में एक साथ 350 दुकानें सील कर दी गई थीं। यहां एक ताले चाबी वाले की दो फीट की दुकान भी सील कर दी गई। दुकान के मालिक अजीत सिंह का कहना है कि तालों की चाबियां बनाकर मैं रोजाना 300-400 रुपए कमाता था। अब रोजगार पूरी तरह बंद हो गया है। मेरी सात बेटियां हैं, जिसमें से एक की मई में शादी है। समझ नहीं आ रहा कैसे होगी।
    सीलिंग खुलवाने की एक लाख कहां से लाऊंगा, जब खाने के ही लाले पड़े हैं।


    घर सील, किस्त भर रहा हूं
    रोशनारा रोड निवासी मुकेश कुमार का दो कमरों का फ्लैट फरवरी में कमेटी ने सील किया था। अब वह किराए पर रह रहे हैं। मुकेश का कहना है जो मकान सील हुआ है, उसका लोन भी चल रहा है। ऐसे में एक लाख रुपए जमा करना बहुत भारी है। मेरे घर की रजिस्ट्री हुई थी। यदि अवैध था तो रजिस्ट्री कैसे हुई। मैं कमेटी से हाथ जोड़कर कहता हूं कि वह बिना पैसे लिए ही जांच करा दें।

    सुप्रीम कोर्ट से राहत दिलाए कमेटी -संगठन

    - कैट, दिल्ली के महामंत्री देवराज बवेजा ने कहा- सीलिंग से व्यापारी परेशान हैं। एक-एक रुपए को तरस रहे हैं। हम कमेटी से अपील करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट से एक लाख जमा न करते हुए जांच की इजाजत दिलाए।

    - सीटीआई के संयोजक बृजेश गोयल ने कहा- व्यापारियों की रोजी-रोटी छिन गई है। ऐसे में प्रॉपर्टी डी-सील कराने के लिए एक लाख लेना उचित नहीं है।

    - एकीकृत एमसीडी में निर्माण समिति के चेयरमैन रहे जगदीश ममगांई ने कहा कि सीलिंग की मार से कराहते व्यापारियों से डी-सील के नाम पर एक लाख रुपए लेना एवं बिल्डिंग प्लान से निर्मित होने की शर्त पूरी तरह से अनुचित है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।

    रुपए वापस नहीं होंगे, कोर्ट का आदेश फॉलो करेंगे
    प्रॉपर्टी डी-सील कराने के लिए अपील के साथ एक लाख रुपए का पे-ऑर्डर मॉनिटरिंग कमेटी के नाम देना होगा। अपील के बाद प्रॉपर्टी डी-सील हो या फिर न हो, एक लाख रुपए वापस नहीं होंगे। ये आदेश सुप्रीम कोर्ट का है। हम इसे फॉलो कर रहे हैं।’
    -केजे राव, चेयरमैन, मॉनिटरिंग कमेटी

  • दिल्ली में अब तक 3900 दुकानें सील, सीलिंग की हकीकत दिखाती दो तस्वीरें
    +1और स्लाइड देखें
Topics:
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Delhi News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Shops Sealing In Delhi
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×