Hindi News »Union Territory »New Delhi »News» Special Story On Baba Harbhajan Singh Temple In Gangtok Sikkim

मौत के 48 साल बाद भी ये फौजी कर रहा बॉर्डर की रखवाली, कुछ ऐसा है रहस्य

सिक्किम की राजधानी गंगटोक में जेलेप्ला दर्रे और नाथुला दर्रे के बीच बना है बाबा हरभजन सिंह मंदिर।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Feb 15, 2018, 06:41 PM IST

  • मौत के 48 साल बाद भी ये फौजी कर रहा बॉर्डर की रखवाली, कुछ ऐसा है रहस्य
    +5और स्लाइड देखें

    दिल्ली. सिक्किम में भारत-चीन सीमा पर एक सैनिक ऐसा भी है जो मौत के 48 साल बाद भी सरहद की रक्षा कर रहा है। आपको सुनने में ये थोड़ा अजीब जरूर लगेगा, लेकिन लोगों का ऐसा ही मानना है और दूर-दूर से लोग यहां बाबा हरभजन सिंह मं‌दिर में पूजा करने आते हैं। यही नहीं इस सैनिक ने मरने के बाद भी अपनी नौकरी जारी रखी है। फिलहाल, ये सैनिक अब रिटायर हो चुका है। 13 हजार फीट पर है मंदिर...

    सिक्किम की राजधानी गंगटोक में जेलेप्ला दर्रे और नाथुला दर्रे के बीच बना बाबा हरभजन सिंह मंदिर लगभग 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस मंदिर में बाबा हरभजन सिंह की एक फोटो और उनका सामान रखा हुआ है।

    ऐसे हुई थी बाबा हरभजन सिंह की मौत

    बताया जाता है कि 4 अक्टूबर 1968 में सिक्किम के नाथुला पास में गहरी खाई में गिरने से सैनिक हरभजन सिंह की मृत्यु हो गई थी। लोगों का ऐसा मानना है कि तब से लेकर आज तक इस सैनिक की आत्मा यहां सरहदों की रक्षा करती है।

    चीनी सैनिक भी खाते हैं खौफ

    सरहद पर बाबा हरभजन सिंह की मौजदगी पर देश के सैनिकों को पूरा विश्वास है, साथ ही चीन के सैनिक भी इस बात को मानते हैं और डरते हैं कि बाबा बॉर्डर की रखवाली पर मुस्तैद हैं, क्योंकि उन्होंने भी बाबा हरभजन सिंह को मरने के बाद घोड़े पर सवार होकर बॉर्डर पर गश्त करते हुए देखा है।

    आगे की स्लाइड्स में जानें कौन थे हरभजन सिंह....

  • मौत के 48 साल बाद भी ये फौजी कर रहा बॉर्डर की रखवाली, कुछ ऐसा है रहस्य
    +5और स्लाइड देखें

    कपूरथला के रहने वाले थे बाबा

    - कैप्टन हरभजन सिंह का जन्म 3 अगस्त 1941 को पंजाब के कपूरथला जिला के ब्रोंदल गांव में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1966 में 23वीं पंजाब बटालियन ज्वाइन की थी।

    - सिक्किम में पोस्टेड हरभजन सिंह जब 4 अक्टूबर 1968 को टेकुला सरहद से घोड़े पर सवार होकर अपने मुख्यालय डेंगचुकला जा रहे थे तो वो एक तेज बहते हुए झरने में जा गिरे और उनकी मौत हो गई।

  • मौत के 48 साल बाद भी ये फौजी कर रहा बॉर्डर की रखवाली, कुछ ऐसा है रहस्य
    +5और स्लाइड देखें

    5 दिन तक चला सर्च ऑपरेशन

    - उनकी खोज में पांच दिन तक सर्च ऑपरेशन चला, फिर उन्हें लापता घोषित कर दिया गया। पांचवें दिन उनके एक साथी सिपाही प्रीतम सिंह को सपने में आकर हरभजन सिंह ने अपनी मृत्यु की जानकारी दी और बताया की उनका शव कहां है।

    - उन्होंने प्रीतम प्रीतम सिंह से ये भी इच्छा जाहिर की थी कि उनकी समाधि भी वहीं बनाई जाए। पहले प्रीतम सिंह कि बात का किसी ने विश्वास नहीं किया, लेकिन जब उनका शव बताए हुए स्थान पर मिला तो सेना के अधिकारियों को उनकी बात पर विश्वास हो गया।

  • मौत के 48 साल बाद भी ये फौजी कर रहा बॉर्डर की रखवाली, कुछ ऐसा है रहस्य
    +5और स्लाइड देखें

    यहां बनाई गई समाधि

    - इसके बाद सेना के अधिकारियों ने हरभजन सिंह की छोक्या छो नामक जगह पर समाधि बनवा दी।

    - कहा जाता है कि मृत्यु के बाद भी बाबा हरभजन सिंह अपनी ड्यूटी करते हैं और चीन की सभी गतिविधियों की जानकारी अपने साथियों को देते हैं। यहां तक उनके प्रति सेना का भी इतना विश्वास है कि उन्हें बाकी सभी की तरह वेतन, दो महीने की छुट्टी आदि सुविधा भी दी जाती थी। फिलहाल वे अब रिटायर हो चुके हैं।

  • मौत के 48 साल बाद भी ये फौजी कर रहा बॉर्डर की रखवाली, कुछ ऐसा है रहस्य
    +5और स्लाइड देखें

    ट्रेन की टिकट होती है बुक

    - सेना की तरफ से दो महीने की छट्टी के दौरान ट्रेन में उनके घर तक की टिकट बुक करवाई जाती थी और स्‍थानीय लोग उनका सामान लेकर जुलूस के रूप में उन्हें रेलवे स्टेशन छोड़ने जाते थे। उनके वेतन का एक चौथाई हिस्सा उनकी मां को भेजा जाता था।

    - बताया जाता है कि नाथुला में जब भी भारत और चीन के बीच फ्लैग मीटिंग होती है तो चीनी बाबा हरभजन के लिए एक अलग से कुर्सी भी लगाते हैं।

  • मौत के 48 साल बाद भी ये फौजी कर रहा बॉर्डर की रखवाली, कुछ ऐसा है रहस्य
    +5और स्लाइड देखें

    मंदिर में सैनिक करते हैं ड्यूटी

    - बाबा हरभजन सिंह के मंदिर में उनके जूते और बाकी सामन रखा हुआ है। भारतीय सेना के जवान इस मंदिर की ख्याल रखते हैं और रोजाना बाबा के जूते पॉलिश करना, उनका बिस्तर सही करना, ये उनकी ड्यूटी है।

    - यहां तैनात सिपाहियों का कहना है कि रोज बाबा हरभजन सिंह के जूतों पर किचड़ लगा हुआ होता है और उनके बिस्तर पर सलवटें दिखाई देती हैं।

आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×