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4 मूर्तियों के लिए खर्च किए जा रहे 7000 करोड़, राज्यों में रुके अस्पताल जैसे जरूरी काम

भास्कर मूर्ति बनाने के विरोध में नहीं है, लेकिन मूर्ति बना रहे राज्यों में कई महत्वपूर्ण काम रुके हैं।

Danik Bhaskar | Jan 07, 2018, 08:00 AM IST
गुजरात में बन रही स्टैच्यू ऑफ गुजरात में बन रही स्टैच्यू ऑफ

नई दिल्ली. देशभर में राज्य सरकारें इस समय मूर्तियों के 4 बड़े प्रोजेक्ट पर पैसा खर्च कर रही हैं। इन चारों प्रोजेक्ट की लागत जोड़ें तो करीब 6,939 करोड़ रुपए अनुमानित है। केवल मूर्तियां बनाने पर गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश की सरकारें यह रकम खर्च कर रही हैं। हालांकि, महाराष्ट्र में भले ही 3600 करोड़ का स्मारक बन रहा हो, लेकिन यहां कोई भी बड़ी योजना पैसाें की कमी के कारण नहीं रुकी। इनके अलावा निजी संस्थान और मंदिर ट्रस्ट भी भव्य मूर्तियां स्थापित करने में लगे हैं। तेलंगाना में संत रामानुजाचार्य की 216 फीट ऊंची प्रतिमा बन रही है। इसका निर्माण मंदिर ट्रस्ट करवा रहा है। यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी बैठी हुई प्रतिमा होगी। इसके अलावा राजस्थान में एक प्राइवेट ग्रुप नाथद्वारा में भगवान शिव की प्रतिमा बनवा रहा है। इसकी ऊंचाई 351 फीट है। इस तरह कुल 6 बड़ी मूर्तियों पर काम चल रहा है। जबकि, इन्हीं राज्यों में कई जरूरी काम और योजनाएं पैसों की कमी से रुके पड़े हैं। इसके अलावा दो और मूर्तियां भी यहां बन रही हैं। हालांकि, इन मूर्तियों का राज्य सरकार से कोई संबंध नहीं है। इन मूर्तियों को संस्था और ट्रस्ट बना रहे हैं।

1. गुजरात : 2989 करोड़ रु. की मूर्ति, मांगा 17,620 करोड़ रु. का लोन

यहां बन रही है : गुजरात में बन रही स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में 2989 करोड़ रुपए लग रहे हैं। इसका 70% काम पूरा हो गया है। लौह पुरुष सरदार पटेल की 182 मीटर की इस मूर्ति पर अब तक 1100 करोड़ रु. खर्च हो चुके हैं। जुलाई 2018 तक इसके तैयार हो जाने का अनुमान है।

जबकि पानी के लिए चाहिए 4600 करोड़ रु.

गुजरात सरकार ने कई विकास योजनाओं के लिए इंटरनेशनल एजेंसी के पास से 17,620 करोड़ रुपए के सॉफ्ट लोन के लिए केन्द्र सरकार को प्रपोजल भेजा है। सौराष्ट्र अंचल में नर्मदा का पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी सौनी योजना के लिए 4600 करोड़ रुपए चाहिए। दूसरी ओर वर्ल्ड बैंक और जापानी जाईका जैसी एजेंसियों की फंडिंग से मेट्रो रेल सहित कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं।

2. उत्तर प्रदेश: अयोध्या में 108 मीटर की मूर्ति, इलाज के लिए चाहिए 473 करोड़

यहां बन रही है : उप्र सरकार की ओर से अयोध्या में भगवान राम की 108 मीटर ऊंची प्रतिमा की स्थापना का प्रस्ताव है। बजट प्रावधान या लागत का आकलन नहीं किया गया है। प्रतिमा पर 150 से 200 करोड़ रुपए खर्च होगा। लोगों से भी चंदा लिया जाएगा।

जबकि इमरजेंसी वार्ड ही नहीं बन पा रहा है
लखनऊ पीजीआई में 250 बेड का इमरजेंसी वार्ड, लिवर व किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इन पर 473 करोड़ का खर्च होना है। ट्रॉमा सेंटर की स्थापना के मामले में भी फंड की कमी है। इसके साथ ही यूपी में बन रही लॉ साइंस लेबोरेटरी (कन्नौज) की बिल्डिंग फंड न मिलने से पिछले करीब 8 महीने से रुकी हुई है।

3. मध्यप्रदेश: 108 फीट की मूर्ति की तैयारी, लेकिन पेट्रोल महंगा किया

यहां बन रही है : मध्यप्रदेश में सरकार आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची भव्य मूर्ति बनवा रही है। इसकी लागत तय नहीं हुई है, मगर एक अनुमान के मुताबिक इस पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं। इसके लिए सरकार एकात्म यात्रा निकाल रही है।

जबकि रजिस्ट्री शुल्क भी बढ़ा दिया

राज्य सरकार ने सड़क निर्माण का पैसा जुटाने के लिए पेट्रोल-डीजल पर 50 पैसे सेस लगा दिया। इसी तरह ऐन फाइनेंशियल ईयर के खत्म होने से पहले प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री फीस भी 10% तक बढ़ा दिया है। रेवेन्यू में कमी और चुनावी साल में लोकलुभावन योजनाओं के लागू किए जाने के दबाव के चलते 5 करोड़ रु. से ज्यादा के भुगतानों पर पहले ही रोक लगी है। स्कूल-अस्पलात जैसे निर्माण भी रुके।

4. तेलंगाना: 1000 करोड़ रु. की स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी
हैदराबाद से 40 किमी दूर शमशाबाद में संत रामानुजाचार्य की 216 फीट ऊंची प्रतिमा बनाई जा रही है। पूरा प्रोजेक्ट 1000 करोड़ रुपए का है। इसको मंदिर ट्रस्ट बनवा रहा है।


5. राजस्थान: 351 फीट की भव्य शिव प्रतिमा
राजस्थान के नाथद्वारा में 351 फीट की शिव प्रतिमा बन रही है। इसका निर्माण एक निजी समूह कर रहा है। करीब 600 मजदूर और 100 कर्मचारी मूर्ति बनाने में जुटे हैं।

रिपोर्ट- भरूच से कल्पेश गुर्जर, भोपाल से मनीष दीक्षित, नाथद्वारा से सुधीर पुरोहित , लखनऊ से विजय उपाध्याय।