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SSC एग्जाम: सीबीआई जांच कराने के लिए एक वक्त का खाना खाकर डटे हैं दो हजार स्टूडेंट्स

रोजगार का संघर्ष: चंदे से बेड लाकर चार दिन से कर्मचारी चयन आयोग ऑफिस के बाहर सो रहे हैं 200 स्टूडेंंट्स

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 04:04 AM IST
कर्मचारी चयन आयोग के बाहर दिनभर नारेबाजी करते रहे छात्र। आयोग से चर्चा हुई, लेकिन सबूत नकार दिए। - फाइल कर्मचारी चयन आयोग के बाहर दिनभर नारेबाजी करते रहे छात्र। आयोग से चर्चा हुई, लेकिन सबूत नकार दिए। - फाइल

नई दिल्ली. एसएससी एग्जाम देने वाले दो हजार से ज्यादा छात्र चार दिन से धांधली का आरोप लगाते हुए कर्मचारी चयन आयोग के ऑफिस के बाहर डटे हुए हैं। पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद से ये सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इनमें से 500 छात्र दिल्ली के बाहर से हैं।


200-200 छात्र बारी-बारी से मेट्रो स्टेशनों के बाहर और एसएससी के ऑफिस के ठीक सामने किराए पर बेड लेकर सो रहे हैं। इसके लिए रोज आठ हजार रुपए का भुगतान करना पड़ रहा है, जिसकी व्यवस्था दिल्ली में रहने वाले और बाहर से आए छात्र पॉकेटमनी से जुटा रहे हैं। पैसे बचाने के लिए खाना भी एक समय खा रहे हैं। गुरुवार को समाजसेवी योगेंद्र यादव और जेएनयूएसयू की पूर्व छात्र नेता शैला राशिद भी इनके समर्थन में पहुंचे। यादव ने कहा कि सीबीआई को इस मामले में जांच करनी चाहिए।

छात्रों का आरोप: नौकरी दिलाने के लिए रेट तय हैं, हर पद की अलग कीमत

भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे उत्कर्ष कुमार ने बताया कि एडमिनिस्ट्रेशन हमारी सुनवाई नहीं कर रहा है। गुरुवार को कैंडिडेट्स का एक डेलिगेशन सबूतों के साथ चेयरमैन से मिला था, लेकिन सबूतों को मानने से ही इनकार कर दिया गया। हम सीबीआई जांच शुरू होने तक नहीं हटेंगे। स्टूडेंट आदित्य ने आरोप लगाया कि एसएससी परीक्षाओं के लिए रैकेट का काम कर रहा है, जो दिन-रात तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स की मेहनत पर पानी फेर देता है। हम चाहते हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने वाली मोदी सरकार परीक्षाओं से भी धांधली दूर करे। उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरी दिलाने के लिए रेट तय है। एग्जामिनर के लिए 40 लाख, इनकम टैक्स के लिए 35 लाख, सब इंस्पेक्टर के लिए 25 लाख और क्लर्क के लिए आठ लाख रुपए तक मांगे जाते हैं।

हर राज्य का छात्र प्रदर्शन में शामिल

चार दिन से कर्मचारी चयन आयोग के ऑफिस के बाहर डटे ज्यादातर छात्र दिल्ली में परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। कई लड़के-लड़कियां बिहार, यूपी, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत देशभर के अलग-अलग राज्यों से यहां पहुंचे हैं। इनका आरोप है कि एसएससी की भर्ती परीक्षाओं में बड़े स्तर पर धांधली का रैकेट चल रहा है।

आयोग का जवाब: दो इंस्टीट्यूट से जुड़े छात्र लगा रहे आरोप, सबूत सौंपे

परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप पर एसएससी चेयरमैन असीम खुराना ने बुधवार रात कहा था कि एसएससी टियर-II परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले स्टूडेंट्स दो कोचिंग इंस्टिट्यूट से जुड़े हैं। आयोग उनके डेलिगेशन से बात करने के लिए तैयार है। गुरुवार को आरोपों से जुड़े पुख्ता सबूत पेश करें। इसके बाद मामले में जांच कराने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग से सलाह लेंगे। गुरुवार को चर्चा हुई। कोई बयान नहीं आया।

छात्रों ने कहा- जो सबूत थे वो दे दिए
छात्रों ने कहा कि गुरुवार को आयोग से चर्चा की और सबूत सौंपे लेकिन वह उन्हें सबूत नहीं मान रहे हैं। हम स्टूडेंटस हैं, जो था दे दिया आैर क्या सबूत लाएं। एेसे में निष्पक्ष जांच के लिए हमारी मांग है कि इस मामले की सीबीआई निष्पक्ष जांच करे।

इसलिए बढ़ा विरोध: वाॅट्सएेप और फेसबुक पर चलाई मुहिम

22 फरवरी को ग्रेजुएट लेवल टियर-II की परीक्षा हुई थी। इसके पहले पार्ट में 17 फरवरी को दिल्ली के एक सेंटर पर एग्जाम हुई थी। इसी में पेपर लीक का आरोप लगाया जा रहा है।

17 फरवरी को हुई परीक्षा रद्द करने और रैकेट की जांच सीबीआई से कराने की मांग कैंडिडेट कर रहे हैं।
परीक्षाओं में धांधली से तंग आकर कुछ स्टूडेंट्स ने फेसबुक और वाॅट्सएप पर भी मुहिम छेड़ हुई है।

शशि थरूर का ट्वीट

- एसएससी मेन्स 2018 को फिर से शेड्यूल किया जाए। सीबीआई जांच की जानी चाहिए। देश यह सहन नहीं कर पाएगा कि स्टूडेंट्स का भरोसा प्रतियोगात्मक परीक्षा प्रणाली से उठ जाए।’

प्रदर्शन में 500 से ज्यादा छात्र दिल्ली से बाहर के, रैकेट चलाने का आरोप। - फाइल प्रदर्शन में 500 से ज्यादा छात्र दिल्ली से बाहर के, रैकेट चलाने का आरोप। - फाइल