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ट्रैफिक संभालते वक्त पैर खोया, अब कृत्रिम पैर से करेंगे ड्यूटी

ये हैं कोलकाता के सुदीप रॉय। इस साल जून में ट्रैफिक संभालते वक्त एक मिनी बस ने उन्हें कुचल दिया था।

Danik Bhaskar | Dec 18, 2017, 04:38 AM IST

कोलकाता | ये हैं कोलकाता के सुदीप रॉय। इस साल जून में ट्रैफिक संभालते वक्त एक मिनी बस ने उन्हें कुचल दिया था। उनके दाएं पैर की कई हडि्डयां टूट गईं। डॉक्टरों को यह पैर काटना पड़ा। कूल्हे के जोड़ में मेटल की प्लेट लगाई गई। इन सबके बावजूद ट्रैफिक पुलिस की नौकरी करने के प्रति उनका जज्बा कम नहीं हुआ। वह जल्द से जल्द फिर से ड्यूटी ज्वाइन करना चाहते हैं। सीनियर अफसरों की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए उन्होंने इसके लिए विभाग में आवेदन दिया। काम के प्रति जुनून देख उन्होंने भी इजाजत दे दी। वो फरवरी 2018 में फिर से काम शुरू करेंगे। नकली पैर के साथ ट्रैफिक संभालने वाले वे देश के संभवत: पहले ट्रैफिक पुलिसकर्मी होंगे।

जून में हादसा, अक्टूबर में कृत्रिम पैर लगा, फरवरी 2018 में फिर से ड्यूटी ज्वाइन करेंगे
सुदीप ने 2014 में ट्रैफिक पुलिस की नौकरी शुरू की थी। इस साल जून में हुए हादसे के बाद उन्हें करीब चार महीने बिस्तर पर बिताने पड़े। इस दौरान वो यही सोचते थे कि कैसे जल्द से जल्द ठीक हो जाऊं और ड्यूटी ज्वाइन करूं। अक्टूबर में उन्हें कृत्रिम पैर लगाया गया। जल्द स्वस्थ होकर ट्रैफिक की जिम्मेदारी संभालने के लिए उनकी अभी ट्रेनिंग चल रही है। सुदीप आसानी से चल पा रहे हैं, सीढ़ी चढ़ जाते हैं और थोड़ी-थोड़ी दूरी तक मोटरसाइकिल भी चला रहे हैं। कोलकाता ट्रैफिक पुलिस ने उनकी कहानी के साथ एक वीडियो भी जारी किया है। इसमें कहा है कि उन्हें सुदीप पर गर्व है।

एकमात्र इसी लक्ष्य के कारण मैं जल्द स्वस्थ हो पा रहा हूं: सुदीप
मेरा सपना है कि मैं जीवनभर ट्रैफिक की जिम्मेदारी संभालूं। एकमात्र इसी लक्ष्य के कारण मैं जल्द स्वस्थ हो पा रहा हूं। - सुदीप रॉय, ट्रैफिक सार्जेंट, कोलकाता


सुदीप के निर्णय का सम्मान करते हैं, हमें उनपर गर्व है: डिप्टी कमिश्नर
सुदीप रॉय हर हाल में ट्रैफिक पुलिस की ही नौकरी करना चाहते हैं। हम उनके निर्णय का सम्मान करते हैं। हमें उनपर गर्व है। -सोलोमन वी नेसकुमार, डिप्टी कमिश्नर (ट्रैफिक)