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सुन्नी बोर्ड ने ही दी थी सिब्बल को कोर्ट में बहस की इजाजत, सहमति स्लिप में उसके वकील के सिग्नेचर

एडवोकेट कपिल सिब्बल किसकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे, इसको लेकर गुरुवार को भी बहस होती रही।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 08, 2017, 06:46 AM IST

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    कपिल सिब्बल सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे।

    नई दिल्ली/लखनऊ.अयोध्या मामले में मंगलवार को सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल किसकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे, इसको लेकर गुरुवार को भी बहस होती रही। दैनिक भास्कर ने एक दिन पहले बताया था कि सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील के तौर पर सिब्बल का भी नाम है। इसकी पुष्टि सिब्बल को बहस की इजाजत देने वाली बोर्ड की सहमति (अपीयरेंस) स्लिप से भी होती है। यह स्लिप सुन्नी बोर्ड के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड (एओआर) सैयद शाहिद रिजवी ने अपने सिग्नेचर के साथ सुप्रीम कोर्ट की दी थी। रिजवी ने खुद के सिग्नेचर की बात तो स्वीकार की, लेकिन कहा कि सिब्बल वक्फ बोर्ड के वकील नहीं थे। उनके नाम के आगे सुन्नी बोर्ड की पिटीशन का नंबर 4192 और 8096 गलती से लिखा गया है।

    सिब्बल आखिर किसके वकील?

    - सुन्नी बोर्ड के दूसरे एओआर शकील अहमद ने भी कहा कि बोर्ड के वकील सिब्बल नहीं, राजीव धवन हैं।

    - वहीं, पक्षकार इकबाल अंसारी के एओआर एमआर शमशाद ने कहा कि सिब्बल उनके वकील हैं। उनके जिरह करने की सूचना वाली स्लिप भी उन्होंने कोर्ट को सौंपी है। सीनियर वकील होने के नाते उन्हें सभी पिटीशनर्स की ओर से बोलने दिया गया।

    - सुप्रीम कोर्ट के डॉक्युमेंट्स में भी लिखा हुआ है कि सिब्बल पिटीशन नंबर 2894 और 7226 पर पेश हुए थे। ये पिटीशन नंबर इकबाल अंसारी के हैं।

    - उधर, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सीनियर मेंबर सदस्य और सुन्नी बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने भी कहा कि क्लेरिकल गलती के कारण सिब्बल का नाम बोर्ड के वकील के तौर पर दर्ज हो गया।

    सिब्बल बोले- क्या मोदी समझते है सीजेआई ने गलत ऑर्डर लिखवाया
    - विवाद पर सिब्बल ने लगातार दूसरे दिन सफाई दी। उन्होंने कहा, "ऑर्डर लिखवाने से पहले सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने मुझसे पूछा कि आप किसकी ओर से पेश हुए, तो मैंने अपनी बात रखी।"

    - "मैं सुन्नी बोर्ड नहीं, इकबाल अंसारी की ओर से पेश हुआ था। यह बात चीफ जस्टिस ने भी ऑर्डर में लिखी है। क्या प्रधानमंत्री मोदी समझते हैं कि चीफ जस्टिस ने गलत ऑर्डर लिखवाया। वो जिस पद पर बैठे हैं, उन्हें सोच-समझकर बात करनी चाहिए।"

    - "सुन्नी बोर्ड की पिटीशन नंबर के आगे जो मेरा नाम लिखा है, वह ऑर्डर नहीं है। मुझे मोदी में कोई आस्था नहीं, न ही मोदी तय करेंगे कि राम मंदिर कहां बनेगा।"


    कांग्रेस नेता की मांग-सिब्बल को बर्खास्त करें

    - कांग्रेस के एक सीनियर मुस्लिम नेता ने अयोध्या मामले की सुनवाई लोकसभा चुनाव के बाद करने की मांग करने वाले सिब्बल को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग की है।

    - यूपी कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन सिराज मेहंदी ने इस संबंध में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को खत लिखा है। उन्होंने कहा कि सिब्बल या तो इस्तीफा दें या उन्हें बर्खास्त किया जाए।

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    सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील के तौर पर सिब्बल का भी नाम है।
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Web Title: Sunni Board Gave Sibal Permission To Debate In Supreme Court
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