--Advertisement--

चीफ जस्टिस ने कहा था- चिल्लाने वाले सीनियर वकील बनने लायक नहीं, इसे अपमान बता धवन ने छोड़ी वकालत

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और कॉन्स्टीट्यूशन स्पेशलिस्ट राजीव धवन ने वकालत का पेशा छोड़ दिया है।

Danik Bhaskar | Dec 12, 2017, 07:43 AM IST
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट राजीव धवन कॉन्स्टीट्यूशन स्पेशलिस्ट भी हैं। -फाइल सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट राजीव धवन कॉन्स्टीट्यूशन स्पेशलिस्ट भी हैं। -फाइल

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और कॉन्स्टीट्यूशन स्पेशलिस्ट राजीव धवन ने वकालत का पेशा छोड़ दिया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर भरी कोर्ट में अपमानित करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को उन्होंने यह घोषणा की। दरअसल, अयोध्या विवाद और दिल्ली सरकार के अधिकारों पर सुनवाई का हवाला देकर चीफ जस्टिस ने 7 दिसंबर को कहा था कि कोर्ट में चिल्लाने वाले सीनियर एडवोकेट बनने लायक नहीं हैं।

धवन ने क्या लिखा लेटर में?

- धवन ने चीफ जस्टिस को भेजे लेटर में लिखा, "दिल्ली सरकार के केस की सुनवाई के आखिर में जिस तरह मेरा अपमान किया गया, उसे देखते हुए मैं वकालत छोड़ रहा हूं।"

SC से लाइब्रेरी हटा लूंगा, घर भी बेच दूंगा: राजीव

- सीनियर एडवोकेट राजीव धवन ने कहा- "कोर्ट में मेरा बुरी तरह अपमान हुआ। इस अपमानजनक टिप्पणी को लेकर कोर्ट में मेरी हंसी उड़ी।"

- "चीफ जस्टिस की टिप्पणी से मैं बहुत आहत हूं। अब कहीं भी प्रैक्टिस नहीं करूंगा। आगे क्या करूंगा, यह अभी तय नहीं किया है। नहीं जानता कि वक्त कैसे बिताऊंगा। लेकिन इतना जरूर है कि अपनी पर्सनल लाइब्रेरी को सुप्रीम कोर्ट से हटा लूंगा। अपना घर भी बेच दूंगा। मैं यहां रहूंगा ही नहीं।"

चीफ जस्टिस ने बिना नाम लिए कुछ सीनियर एडवोकेट्स के बर्ताव पर सख्त कमेंट किया था। -फाइल चीफ जस्टिस ने बिना नाम लिए कुछ सीनियर एडवोकेट्स के बर्ताव पर सख्त कमेंट किया था। -फाइल