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अब टेलीकॉम कंपनियां लाएंगी सस्ते स्मार्टफोन, 5 गुना बेहतर नेटवर्क

साल 2018 में टेलीकॉम कंपनियां अपने कंज्यूमरओं के लिए सस्ते स्मार्टफोन ला सकती हैं।

Danik Bhaskar | Dec 31, 2017, 05:33 AM IST
देश में 80 फीसदी कंज्यूमर इंटरनेट के लिए मोबाइल का प्रयोग करते हैं। देश में 80 फीसदी कंज्यूमर इंटरनेट के लिए मोबाइल का प्रयोग करते हैं।

नई दिल्ली. 2018 में टेलीकॉम कंपनियां अपने कंज्यूमर्स के लिए सस्ते स्मार्टफोन ला सकती हैं। 2017 देश में टेलीकॉम कंज्यूमर्स के लिए ऐतिहासिक रहा। अब तक इंडस्ट्री की रीढ़ रही वॉइस कॉलिंग फ्री हो गई और डाटा नई रीढ़ बनकर उभरा। देश में रोमिंग और एसटीडी चार्ज खत्म हुआ। डाटा 10 से 15 रु. प्रति जीबी की कीमतों पर आ गया। पूरे साल डाटा कीमतों पर ही जोर रहा। 2017 4जी का साल था और 2018 हैंडसेट का साल होगा। वहीं 2018 में टेलीकॉम इंडस्ट्री के बीच मुख्य कॉम्पिटीशन स्मार्टफोन यूजर्स को बढ़ाने पर होगा जिसमें वे हैंडसेट बिक्री में कॉम्पिटीशन करेंगी। जिसकी शुरुआत 2017 में हो गई है।

2018 में दोगुनी हो जाएगी स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या

- यही कारण है कि बेसिक स्मार्टफोन की कीमतें एक हजार रुपए तक आ गई हैं। 2018 में स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या दोगुनी हो जाएगी।

- देश में 80 फीसदी कंज्यूमर इंटरनेट के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। करीब 50 करोड़ फीचर फोन यूजर्स हैं।

- वहीं कंज्यूमर को सर्विस की क्वालिटी बेहतर मिलेगी, मिनी 5जी स्पीड यानी 4जी की माइमो क्वालिटी शहरी क्षेत्रों में देखने को मिलेगी, यह 4जी स्पीड से करीब चार से पांच गुना बेहतर स्पीड देती है।

- आइडिया के चीफ काॅर्पोरेट अफेयर्स ऑफिसर रजत मुखर्जी ने बताया कि स्मार्टफोन की कीमतें और कम होंगी। स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या मौजूदा 30 करोड़ से बढ़कर साल के अंत तक 60 करोड़ हो जाएगी। यह कंज्यूमर संख्या वर्ल्ड में दूसरी सर्वाधिक होगी। लोगों को बेहतर स्पीड मिलेगी।

- 2018 में आइडिया-वोडाफोन मर्जर के बाद कॉम्पिटीशन कम रहेगा क्योंकि सिर्फ चार प्रमुख कंपनियां बचेंगी। रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आईडिया और बीएसएनएल।

- कीमतें अब इससे नीचे जाने की संभावना ना के बराबर ही है। कीमतों में भी स्थिरता और नए-नए ऑफर की संख्या में भी गिरावट आएगी।

2018 स्मार्ट फोन पर केंद्रित होगा

- एयरटेल के सीनियर अधिकारी के मुताबिक, वाइस फ्री हो गया, डेटा सस्ता हुआ, रोमिंग खत्म हो गई और इंटरनेशनल कॉलिंग रेट 80% तक गिरीं। 2018 स्मार्ट फोन पर केंद्रित होगा। अभी कंपनियों के जितने भी प्लान हैं उनमें वॉइस और इंटरनेट साथ में ही आ रहे हैं क्योंकि काॅलिंग, एसटीडी और रोमिंग प्लान खत्म हो गए हैं। लगभग सभी कंपनियों ने स्मार्ट फोन बनाने वाली कंपनियों के साथ समझौता किया है।

- वोडाफोन के स्पोक्सपर्सन सुदीप भल्ला ने बताया कि स्मार्टफोन पेनिट्रेशन बढ़ाने के लिए टेलीकॉम कंपनियां काम करेंगी क्योंकि टेलीकॉम कंपनियाें की मुख्य लड़ाई ही डाटा पर है। ऐसे में 50 करोड़ फीचरफोन कंज्यूमर केंद्र में होंगे। कंपनियां चाहेगी कि ज्यादा से ज्यादा यूजर स्मार्टफोन पर हो।

- सीएमआर के रिसर्च हेड फैसल कौसा ने कहा कि 2017 में इसलिए टैरिफ रेट कम हुए क्योंकि रिलायंस जियो ने रेट बेहद कम कर दिए थे क्योंकि उसे कंज्यूमर संख्या बढ़ानी थी। ऐसे में 2018 में डेटा की असली कीमत सामने आएगी। हम यह नहीं कह सकते कि रेट कम या ज्यादा होंगे लेकिन यह कह सकते हैं कि पैकेज सही तरह से डिफाइन हो जाएगा। 2017 ऐसा साल भी रहा जब कंज्यूमर ने डेटा का सही तरीके से प्रयोग किया, 2018 में यह जारी रहेगा।

- ट्राइ के इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज, आईयूसी के 2020 तक खत्म हो जाने या अभी 14 पैसे/मिनट से छह पैसे प्रति मिनट करने का बहुत अधिक फर्क कंज्यूमर्स के बिल पर नहीं आएगा। कंपनियों की कोशिश होगी कि दो ऑपरेटर, दो सिम को इस्तेमाल करने के बजाए एक ही सिम या एक ही ऑपरेटर का कनेक्शन प्रयोग करें, यह जोर रहेगा। भारत में 2017 ही वह साल रहा, जब वोल्टी टेक्नॉलाजी का प्रयोग हुआ। अभी रिलायंस जियाे और एयरटेल यह सेवा दे रही है लेकिन साल 2018 में सभी टेलीकॉम ऑपरेटर यह सर्विस मुहैया करने लगेंगे।

नेटवर्क क्वालिटी होगी बेहतर

- अब नेटवर्क क्वालिटी बेहतर होगी क्योंकि कंपनियों के पास स्पैक्ट्रम काफी है। जैसे एयरटेल को ही वीडियोकॉन, टाटा डोकोमो, यूनीनॉर का स्पेक्ट्रम मिला। इसी प्रकार वोडाफोन और आइडिया अपना स्पैक्ट्रम एक साथ प्रयोग कर पाएंगे। जियो-रिलायंस कम्युनिकेशन अपना नेटवर्क प्रयोग कर रहे हैं। कंपनियों के पास अलग-अलग कैटेगरी का अधिक स्पैक्ट्रम हो गया है कि कंपनियां कंज्यूमरओं के लिए बेहतर प्रयोग कर पाएंगे, कंज्यूमर्स को सुविधा रहेगी।

- सारे मर्जर 2018 में पूरे होंगे। बेहतर क्वालिटी नेटवर्क मिलेगा। जैसे बेंगलुरु और कोलकाता में एयरटेल ने मेसिव इनपुट, मेसिव आउटपुट, माइमो टेक्नॉलाजी शुरू कर दी है।

- इससे वर्तमान में 4जी स्पीड से 4 से 5 गुना अधिक स्पीड मिलेगी। माइमो सेवा वोडाफोन ने भी शुरू की है। ऐसी ही तकनीक अन्य कंपनियां और शहरों में देंगी। 2018 में यह स्पीड देश के कई शहरों में देखने को मिलेगी।

कंपनियां अपने कंज्यूमर्स के लिए सस्ते स्मार्टफोन ला सकती हैं। कंपनियां अपने कंज्यूमर्स के लिए सस्ते स्मार्टफोन ला सकती हैं।