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प्रदेशभर के टीजीटी-पीजीटी ने 10728 पदों पर भर्ती के लिए सीएम सिटी में 4 घंटे किया प्रदर्शन

अध्यापकों सहित प्रेरकों ने शुक्रवार को सीएम सिटी में जमकर प्रदर्शन किया और ओएसडी कैंप की ओर कूच किया।

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 07:34 AM IST

करनाल. प्रदेशभर के टीजीटी-पीजीटी पात्र अध्यापकों सहित प्रेरकों ने शुक्रवार को सीएम सिटी में जमकर प्रदर्शन किया और ओएसडी कैंप की ओर कूच किया। पुलिस ने बेरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों का रास्ता रोक लिया। टीजीटी और पीजीटी ने कुंजपुरा रोड पर धरना दिया वहीं दूसरी ओर लघु सचिवालय की ओर जाने वाली सड़क पर प्रेरक धरने पर बैठ गए।


धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने चार घंटे तक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का बढ़ता गुस्सा देखकर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात हो गया। प्रदर्शनकारी सीएम से मीटिंग करने की मांग को लेकर अड़े रहे, चार घंटे बीतने के बाद तहसीलदार राजबक्श ने उच्च अधिकारियों से बात कर टीजीटी और पीजीटी को मंगलवार को ओएसडी से मिलवाने का आश्वासन दिया है और वहीं प्रेरकों को सीएम से मुलाकात कराने के लिए 10 फरवरी का आश्वासन दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी घर वापस लौट गए।

2015-16 में हुई थी 11303 पदों पर परीक्षा

प्रदेशभर के ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) शुक्रवार सुबह करनाल के कर्ण पार्क में एकत्रित हुए। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र मान ने बताया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने वर्ष 2014 में मांगे गए आवेदनों को निरस्त कर जून 2015 में पुन: विज्ञापित किया था। 2015-16 में 11303 विभिन्न विषयों के पदों पर लिखित परीक्षा आयोजित कराई थी। जिनका परिणाम आ चुका है। सरकार ने कुछ पात्र अध्यापकों का तो इंटरव्यू ले लिया था, लेकिन उनका रिजल्ट अभी तक नहीं निकाला, वहीं कुछ पात्र अध्यापकों का अभी तक इंटरव्यू ही नहीं हुआ है। अभी तक 575 पदों पर ही भर्ती पूर्ण हो गई है। अभी तक 10728 पदों की भर्ती बीच में ही अटकी हुई है।

गणतंत्र दिवस पर दिखाएंगे काले झंडे : टीजीटी-पीजीटी के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र मान ने सरकार को चेताया कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों को नहीं माना तो वे 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर सभी जिला मुख्यालयों में होने वाले समारोह में आने वाले मंत्रियों को काले झंडे दिखाएंगे और पूरे प्रदेश में सरकार की विफलता के दस लाख पर्चे हर गली व मोहल्ले में बांटकर सरकार की नीयत लोगों के सामने रखेंगे।
5100 प्रेरकों को हटाया
प्रदेशभर के प्रेरक शुक्रवार को करनाल स्थित सेक्टर-12 के फव्वारा पार्क में एकत्रित हुए थे, वहां प्रेरक संघ हरियाणा के जिला प्रधान सुनील कुमार ने बताया कि अगस्त 2011 में सरकार ने प्रदेश के दस जिलों में 5100 प्रेरकों को नियुक्त किया था, इन जिलों में साक्षरता दर 50 प्रतिशत से कम थी। साक्षरता दर बढ़ाने के लिए सरकार ने हर गांव में दो-दो प्रेरकों को लगाया था। इन सभी प्रेरकों को सरकार ने बजट न होने का हवाला देकर सभी 5100 प्रेरकों को 6 जून 2017 को हटा दिया गया। जिस कारण सभी प्रेरक सड़क पर आ गए हैं।