--Advertisement--

सिसोदिया ने सर्वे का उदाहरण देकर कहा- ऑनलाइन से बेहतर है डोर स्टेप सर्विस

आम आदमी पार्टी की चुनी हुई सरकार और उपराज्यपाल के बीच लड़ाई ने फिर तेजी पकड़ ली है।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 04:46 AM IST

नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी की चुनी हुई सरकार और उपराज्यपाल के बीच लड़ाई ने फिर तेजी पकड़ ली है। इस बार मामला सेवाओं की होम डिलिवरी का है। 16 नवंबर को हुए कैबिनेट के फैसले को पुनर्विचार के लिए उपराज्यपाल अनिल बैजल ने लौटाया तो उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया पर हमला बोला दिया। बुधवार को प्रशासनिक सुधार के साथी मंत्री कैलाश गहलोत के साथ मीडिया से मिले।

- सिसोदिया ने परिवहन विभाग और राजस्व विभाग के सर्वे का हवाला देकर कहा है कि हर व्यक्ति को काम पूरा कराने के लिए दो या उससे ज्यादा बार दफ्तर आना पड़ता है। परिवहन विभाग में 61 फीसदी और राजस्व विभाग में 56 फीसदी लोगों ने कहा है कि सरकारी दफ्तर की खिड़की तक जाकर सेवा लेने में 100 रुपए तक खर्च करना पड़ता है।

- वहीं परिवहन विभाग में 27 फीसदी और राजस्व विभाग में 13 फीसदी आवेदकों को 500 रुपए से अधिक खर्च करने पड़ते हैं। परिवहन विभाग के 13 फीसदी और राजस्व विभाग के 6 फीसदी आवेदकों को एक हजार रुपए से अधिक पैसे सेवा लेने के लिए खर्च करने पड़ते हैं। 93 फीसदी लोगों ने एक शुल्क लेकर डोर स्टेप सर्विस के लिए हां कहा है।
- उन्हों ने कहा सेवा को सिर्फ डिजिटल करने से कुछ नहीं होगा। अभी जो सिस्टम चल रहा है, उसमें भ्रष्टाचार के मौके अधिक हैं। आखिर एलजी काे भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था में क्या इंटरेस्ट है।