--Advertisement--

19 साल की बेटी के साथ वर्ल्ड टूर पर जाएगी ये महिला, 21 देशों में रूकेंगी

ऑद्रे दीपिका माबेन अपनी 19 साल की बेटी के साथ जल्द ही वर्ल्ड की 21 कंट्री के टूर के लिए उड़ान भरेंगी।

Danik Bhaskar | Dec 02, 2017, 01:05 AM IST
फ्लाइट इंस्ट्रकटर कैप्टन ऑद्रे दीपिका माबेन और उनकी बेटी एमी। फ्लाइट इंस्ट्रकटर कैप्टन ऑद्रे दीपिका माबेन और उनकी बेटी एमी।

बैंगलोर . मैसूर की फ्लाइट इंस्ट्रकटर कैप्टन ऑद्रे दीपिका माबेन अपनी 19 साल की बेटी के साथ जल्द ही वर्ल्ड की 21 कंट्री के टूर के लिए उड़ान भरेंगी। ये मिशन 80 दिन का होगा। इस मिशन के लिए वे फरवरी में उड़ान भरेंगी। दोनों मां - बेटी वूमन वेलफेयर और उन्हें इंस्पायर करने के लिए इस मिशन में पार्टिसिपेट कर रही हैं। 21 देशों से होकर गुजरना होगा...

- माबेन के मुताबिक, उनके इस रिकॉर्ड से महिलाएं इंस्पायर होंगी। इस मिशन की घोषणा जक्कुर एयरपोर्ट पर की गई है। मिशन का कांसेप्ट सोशल एक्सेस कम्यूनिकेशन द्वारा दिया गया है।

- ये WE नाम से कैंपेन है, जिसका मोटिव वूमन इंपावरमेंट को बढ़ावा देना है। इस मिशन को प्राइवेट टीवी चैनल और यूनियन मिनिस्टर ऑफ वूमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट सपोर्ट कर रहे हैं।

- ऑद्रे ने 15 साल की उम्र में ग्लाइडर उड़ाना शुरू कर दिया था। वे देश की पहली माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट इंस्ट्रक्टर हैं। उन्होंने 2003 में एयर रेस इंडिया में इकलौती वूमेन अल्ट्रालाइट पायलट होने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

- ऑद्रे के 19 साल की बेटी एमी जब बच्ची थी अपनी मां के बगल में बैठकर उड़ान भर चुकी हैं। वे इस मिशन के लिए भी एक्साइटेड नजर आती हैं। एमी का कहना है, कि इस मिशन में वे अपनी मॉम की आंख और कान बनेंगी।

- वहीं बेटी, एमी फोटोग्राफी स्टूडेंट हैं। उन्होंने इसके लिए स्पेशल लीव ली है। एमी का कहना है कि वे इस मिशन के दौरान फोटो भी क्लिक करेंगी। इस ट्रीप के बाद एक फोटोग्राफी बुक भी लाएंगी।

- अर्थ पर घूमने के लिए, लांगीट्यूड में कटौती करनी पड़ती है, कम से कम 37000 किमी कवर करना होता है। इस मिशन में जुटी टीम पूरे प्लान की तैयारी कर रही हैं। ये जर्नी नॉर्थन हेमिसफेयर तक सीमित रहेगा। वे इस मिशन के दौरान 21 कंट्री में रुकेंगी।

- इस मिशन में ऑद्रे और उनकी बेटी साइनस पिपिस्टल 912 इंजन अल्ट्रालाइट मोटर ग्लाइडर में जा रहे हैं। इसे स्लोवेनिया से इंपॉर्ट किया गया। ये ग्लाइडर अच्छे मौसम में 4-5 घंटे तक ही उड़ान भर सकता है। इसलिए मिशन के दौरान इस बात का खासा ख्याल रखा जा रहा है कि वे दिन में ही जर्नी कर सकें।

- ऑद्रे अभी अपनी हेल्थ का भी खासा ख्याल रख रही हैं। क्योंकि इस तरह के मिशन के लिए फिजिकली और मेंटली प्रिपेयर रहना जरूरी है।

- ऑद्रे का कहना है कि वे इस जर्नी के लिए अपने बच्चों और फैमिली मेंबर को भी तैयार कर ही है। उनका कहना है कि उनकी फैमिली इस जर्नी को लेकर श्योर नहीं। ऑद्रे का मानना है कि आसमान से ज्यादा रोड खतरनाक होते हैं।

- उनका कहना है कि इस जर्नी से यंग गर्ल्स और वूमेन इंसपायर्ड होंगी। ये कैंपेन एक क्राउडफंडेड है। जिससे "वी उड़ान स्कॉलरशिप" के नाम से शुरू किया गया है। इस कैंपेन से उन लड़कियों को मदद मिलेगी जो किसी भी वजह से वंचित रह जाती हैं।

आगे की स्लाइड्स में देखें PHOTOS...

ये WE नाम से कैंपेन है, जिसका मोटिव वूमन इंपावरमेंट को बढ़ावा देना है। ये WE नाम से कैंपेन है, जिसका मोटिव वूमन इंपावरमेंट को बढ़ावा देना है।
एमी फोटोग्राफी स्टूडेंट हैं। एमी फोटोग्राफी स्टूडेंट हैं।
ऑद्रे और उनकी बेटी साइनस पिपिस्टल 912 इंजन अल्ट्रालाइट मोटर ग्लाइडर में जा रहे हैं। ऑद्रे और उनकी बेटी साइनस पिपिस्टल 912 इंजन अल्ट्रालाइट मोटर ग्लाइडर में जा रहे हैं।
ये ग्लाइडर अच्छे मौसम में 4-5 घंटे तक ही उड़ान भर सकता है। ये ग्लाइडर अच्छे मौसम में 4-5 घंटे तक ही उड़ान भर सकता है।