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घरों में बिखरा खून, टूटी छतें बयां कर रहीं तबाही; अपनों को खोकर रो पड़े लोग

सीमा पर युद्ध जैसे हालात, 45 चौकियों व 50; गांवों पर पाक ने तीसरे दिन भी दागे गोले

Bhaskar News | Last Modified - Jan 21, 2018, 03:15 AM IST

  • घरों में बिखरा खून, टूटी छतें बयां कर रहीं तबाही; अपनों को खोकर रो पड़े लोग
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    सीमा पर युद्ध जैसे हालात, 45 चौकियों व 50 गांवों पर पाक ने तीसरे दिन भी दागे गोले। जवान शहीद, 3 नागरिकों की मौत। (परिजन खोने का गम)

    जम्मू.पाकिस्तान सेना ने शनिवार को लगातार तीसरे दिन जम्मू एरिया में बॉर्डर और एलओसी के पास चौकियों और रिहायशी इलाकों पर गोले बरसाए। पांच जिलों की 45 से ज्यादा चौकियां और 50 गांव निशाने पर रहे। गोलाबारी में पंजाब के संगरूर के सेना के जवान मंदीप सिंह शहीद हुए। तीन नागरिक मारे गए। सरकार ने 5 जिलों में बॉर्डर और एलओसी के 5 किमी दायरे में आ रहे 100 से ज्यादा स्कूल बंद किए। गांवों से 15 हजार से ज्यादा लोगों का पलायन।

    ग्राउंड रिपोर्ट: घरों में बिखरा खून, टूटी छतें बयां कर रहीं तबाही
    - सीमा पर स्थित गांवों के घरों में फैला खून, टूटी छतें व खिड़कियां दिखाती हैं कि पाक कैसी तबाही मचा रहा है। गांवों में गनपाउडर की गंध फैली है। मोर्टार के गोलों से खेतों में गड्‌ढे बन गए हैं। कई जगह जिंदा बम भी मौजूद हैं। आरएस पुरा के झोरा फार्म में 150 से ज्यादा झोपड़ियां राख हो गईं।

    - अरनिया के साई खुर्द की रत्नो देवी कहती हैं, ‘घरों पर मोर्टार बरस रहे थे। सोचा किसी भी क्षण मर जाएंगे, लेकिन पुलिस ने बचा लिया।’

    5 जिलों में एलओसी और बॉर्डर के 5 किमी दायरे में आ रहे 100 से अधिक स्कूल बंद

    - पागोलाबारी के बीच सीमावर्ती गांवों से 10 हजार से ज्यादा लोग पलायन कर चुके हैं। करीब एक हजार लोग आरएस पुरा, सांबा और कठुआ इलाकों के शिविरों में ठहरे हैं। बाकी लोगों ने पाकिस्तानी गोलाबारी की पहुंच से दूर अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण ली है। बीएसएफ और सेना के जवान पाकिस्तान की करतूतों का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।

    सीमावर्ती इलाके युद्ध क्षेत्र में बदल गए हैं। पाकिस्तान रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहा है। मकानों और जानवरों को काफी नुकसान पहुंचा है।
    -सुरिंदर चौधरी, उपमंडलीय पुलिस अफसर, आरएस पुरा

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    04 जवान शहीद, 3 दिन में 06 नागरिकों की भी जान गई
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    10 हजार लोगों का पलायन...

    पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी के बीच सीमावर्ती गांवों से 10 हजार से ज्यादा लोग पलायन कर चुके हैं। करीब एक हजार लोग आरएस पुरा, सांबा और कठुआ इलाकों के शिविरों में ठहरे हैं। बाकी ने अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण ली है।

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    एलओसी से 5 किमी दूर तक गिर रहे मोर्टार, हर जगह गन पाउडर की गंध

    - भारत-पाक सीमा पर स्थित गांवों के घरों में फैला खून, खिड़कियों के टूटे शीशे और टूटी छतें दिखाती हैं कि पाक कैसी तबाही मचा रहा है। 82 एमएम के मोर्टार गोले एलओसी और बॉर्डर से 5 किमी अंदर स्थित अरनिया कस्बे से भी आगे तक गिर रहे हैं।

    - गांवों में गन पाउडर की गंध फैली है। मोर्टार के गोलों से खेतों में गड्ढे बन गए हैं। झोरा फार्म में गुज्जरों की 150 से ज्यादा झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। अरनिया के साई खुर्द गांव की रत्नो देवी कहती हैं, ‘हम मौत के साये में जी रहे हैं।

    अरनिया वार्ड 13 की चंचलो देवी कहती हैं, “मैं और मेरे पति धमाकों की आवाज से जागे। हमारा घर तहस-नहस हो चुका था। तुरंत पड़ोस के एक मकान में जाने की कोशिश की। तीन माह पहले भी ऐसा ही हुआ। आखिर कब तक हम डर के साये में जिएंगे।’

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Web Title: Three People Killed In Pakistan Firing
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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