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आरके सिंह बोले- इंडस्ट्री को 7-9 रुपए प्रति यूनिट से कम दर पर मिले बिजली

बिजली से जुड़े मुद्दों पर आरके सिंह की भास्कर संवाददाता राजीव कुमार के साथ बातचीत के अंश:-

Dainik Bhaskar

Dec 27, 2017, 11:26 PM IST
मिनिस्टर आरके सिंह ने कहा कि आने वाले समय में हम 4 करोड़ घरों को बिजली देने जा रहे है। हमें और कोयले की जरूरत होगी। कई नए पावर प्लांट लग रहे हैं। मिनिस्टर आरके सिंह ने कहा कि आने वाले समय में हम 4 करोड़ घरों को बिजली देने जा रहे है। हमें और कोयले की जरूरत होगी। कई नए पावर प्लांट लग रहे हैं।

नई दिल्ली. केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह का मानना है कि बिजली उत्पादन के लिए कोयले की उपलब्धता को सहज बनाने की जरूरत है। कोयला खुले बाजार में उपलब्ध हो। वहीं, बिजली के ओपन एक्सेस (अपनी मर्जी से बिजली कंपनी के चुनाव का अधिकार) को आसान करने के लिए क्रॉस सब्सिडी (किसी प्रोडक्ट पर एक समूह को सब्सिडी देने के लिए दूसरे ग्रुप से उसी प्रोडक्ट की अधिक कीमत वसूलना) को बंद करना जरूरी है। बिजली से जुड़े मुद्दों पर आरके सिंह की भास्कर संवाददाता राजीव कुमार के साथ बातचीत के अंश-

सवाल : जनता को सातों दिन 24 घंटे कैसे बिजली उपलब्ध कराएंगे?
जवाब:
बिजली वितरण कंपनियों पर पेनाल्टी लगाएंगे ताकि वे अपने मन से लोड शेडिंग न कर पाएं। नए कानून में इसे डलवाया जाएगा। कानून अब भी है, लेकिन एसईआरसी (स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन) कुछ कर नहीं पाता है। स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इसके बाद न बिल देने की जरूरत होगी और न मीटर रीडिंग की। हर माह के 7वें दिन तक बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर बिजली अपने आप कट जाएगी। बिजली वितरण के लिए फ्रेंचाइजी को आगे लाना होगा।

सवाल: पिछले कुछ महीनों से ई-ऑक्शन में कोयले की कमी रही, जिससे बिजली के दाम में 2 रुपए प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी हो गई। क्या मंत्रालय कोयले की उपलब्धता बढ़वाने के लिए प्रयास कर रहा है?
जवाब: कोयले की कमी रही है, लेकिन अब स्थिति ठीक हो गई है। नवंबर में रोजाना 216 रैक कोयले की आपूर्ति की जा रही है, जो सितंबर-अक्टूबर में 193 रैक के आसपास थी। मेरा मानना है कि जैसे बिजली बनाने के लिए लाइसेंस नहीं चाहिए, वैसे ही कोयले के लिए भी होना चाहिए। लिंकेज की जरूरत ही नहीं हो। कोल इंडिया के 8 से 10 ब्लॉक को कमर्शियल माइनिंग के लिए नीलाम कर दीजिए। जिनको बिजली बनानी होगी, वे प्लांट लगाएंगे। कोयला लेंगे और बिजली को ओपन मार्केट में बेचेंगे। लिंकेज वाली कहानी खत्म होनी चाहिए, इस मामले में कोयला मंत्री से बात करेंगे।

सवाल: मतलब ई-ऑक्शन में कोयले की उपलब्धता बढ़नी चाहिए?
जवाब: हमारा मानना है कि ई-ऑक्शन में कोयले की उपलब्धता को बढ़ाया जाना चाहिए। आने वाले समय में हम 4 करोड़ घरों को बिजली देने जा रहे है। हमें और कोयले की जरूरत होगी। कई नए पावर प्लांट लग रहे हैं। स्ट्रेस वाले पावर प्लांट का हम रिव्यू भी कर रहे हैं।

सवाल : पावर प्लांट को लिंकेज से मिलने वाले कोयले की गुणवत्ता जांच के लिए थर्ड पार्टी सैंपलिंग की व्यवस्था है, जबकि ई-ऑक्शन से मिलने वाले कोयले की थर्ड पार्टी सैंपलिंग नहीं होती है?
जवाब:
यह वैलिड प्वाइंट है। इस पर ध्यान देंगे। ई-ऑक्शन में भी थर्ड पार्टी सैंपलिंग होनी चाहिए।

सवाल: ओपन एक्सेस कब से लागू किया जा रहा है? इसे लागू करने से बिजली सस्ती हो सकती है?
- हम ओपन एक्सेस के पक्ष में हैं। पहले क्रॉस सब्सिडी को कंट्रोल करना होगा। यह 20 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए। अभी क्रॉस सब्सिडी के कारण इंडस्ट्री के लिए बिजली की दर 7 से लेकर 9 रुपए है, जो और कम होनी चाहिए, तभी मेक इन इंडिया सफल होगा। यदि किसी को राहत देनी है तो उसके खाते में पैसा डाल दीजिए। ओपन एक्सेस के लिए जरूरी है कि क्रॉस सब्सिडी बंद हो, नहीं तो डिस्कॉंम (डिस्ट्रीब्यूशन कंपनीज) को घाटा होगा। इंडस्ट्री वाले ओपन बाजार से बिजली खरीदेंगे।

सवाल: तो क्या डिस्कॉम मुफ्त मे बिजली नहीं दे पाएंगी?
-अभी डिस्कॉम सारे नुकसान को कृषि के मत्थे मढ़ देती हैं, यह नहीं चलेगा। हम टाइम ऑफ डे टैरिफ भी लागू करने जा रहे है। लोगों को अपनी बिजली खपत की प्लानिंग करनी होगी। बिजली कानून में संशोधन के माध्यम से यह सब करेंगे। हालांकि, इस संसद सत्र में यह संभव नहीं हो सकेगा।

सवाल: बिजली उत्पादकों को अभी पूरी क्षमता के हिसाब से ट्रांसमिशन चार्ज देना पड़ता है, जबकि उनका उत्पादन कम होता है, क्या यह तार्किक है?
- इस पर हम लोगों ने विचार किया है। इसकी समीक्षा हो रही है। ट्रांसमिशन चार्ज को तार्किक बनाने की बात चल रही है।

सवाल: पावर प्लांट के लिए बनने वाले नए पर्यावरण नियम कब से लागू होंगे?
- देखिए, पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हम रिन्युएबल को बढ़ा रहे है। पहले से जो नियम हैं, हम उनका पालन कर रहे हैं। पर्यावरण मंत्रालय ने कुछ अतिरिक्त नियम बनाए हैं, जिसको फाइनल किया जा रहा है। अब हमारे यहां जो कोयला है, उसमें सल्फर का कंटेंट काफी कम है। इसके लिए उपकरण लगाने को लेकर बातचीत चल रही है। 2018-19 तक नए नियमों को लागू कर देंगे।

पावर मिनिस्टर ने बताया कि हर माह के 7वें दिन तक बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर बिजली अपने आप कट जाएगी। बिजली वितरण के लिए फ्रेंचाइजी को आगे लाना होगा। पावर मिनिस्टर ने बताया कि हर माह के 7वें दिन तक बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर बिजली अपने आप कट जाएगी। बिजली वितरण के लिए फ्रेंचाइजी को आगे लाना होगा।
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मिनिस्टर आरके सिंह ने कहा कि आने वाले समय में हम 4 करोड़ घरों को बिजली देने जा रहे है। हमें और कोयले की जरूरत होगी। कई नए पावर प्लांट लग रहे हैं।मिनिस्टर आरके सिंह ने कहा कि आने वाले समय में हम 4 करोड़ घरों को बिजली देने जा रहे है। हमें और कोयले की जरूरत होगी। कई नए पावर प्लांट लग रहे हैं।
पावर मिनिस्टर ने बताया कि हर माह के 7वें दिन तक बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर बिजली अपने आप कट जाएगी। बिजली वितरण के लिए फ्रेंचाइजी को आगे लाना होगा।पावर मिनिस्टर ने बताया कि हर माह के 7वें दिन तक बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर बिजली अपने आप कट जाएगी। बिजली वितरण के लिए फ्रेंचाइजी को आगे लाना होगा।
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