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सामान की तरह लोड होकर गए व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के प्लेयर्स

चलने से लाचार यह प्लेयर किसी तरह टेंपो और ऑटो में अपना सामान चढ़ाते हुए नजर आए।

Danik Bhaskar | Jan 23, 2018, 06:45 AM IST

चंडीगढ़. व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहने वाले आयोजक सोमवार को इन खिलाड़ियों की वापसी के समय गायब रहे। न तो उन्हें स्टेशन तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई और न ही उनके सामान को सही-सलामत पहुंचाने के लिए किसी व्यक्ति की ड्यूटी लगाई गई। चलने से लाचार यह प्लेयर किसी तरह टेंपो और ऑटो में अपना सामान चढ़ाते हुए नजर आए।

व्हीलचेयर क्रिकेटर्स चंडीगढ़ में नेशनल स्तर का टूर्नामेंट खेलने चंडीगढ़ आए हुए थे। टूर्नामेंट के खत्म होने के बाद सोमवार को यह खिलाड़ी पेक कैंपस से बाहर व्हीलचेयर पर आए। उन्हें स्टेशन जाना था। जाने के लिए ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा न होने पर इसका इंतजाम उन्होंने अपने स्तर पर किया था। एक खिलाड़ी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा कि करीब आधा घंटा हो गया। एक छोटा हाथी टेंपो को उन्होंने बुलाया है। वह नहीं आया। करीब 45 मिनट के इंतजार के बाद टेंपो आ गया। इसके बाद इन खिलाड़ियों ने टेपों चालक की मदद से किसी तरह अपना सामान चढ़ाया। वापस जाने वाले खिलाड़ियों में गुजरात और छत्तीसगढ के खिलाड़ी शामिल थे।

एक खिलाड़ी ने बताया कि स्टेशन जाने के लिए उन्होंने 500 रुपए देकर एक टेंपो बुक कराया। खिलाड़ी ने बताया कि उनकी ट्रेन शाम चार बजे थी लेकिन टेंपो ही दोपहर 3.15 पर आया। गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट का आयोजन राजीव गांधी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ यूथ डेवलपमेंट की ओर से किया गया था।

हम खिलाड़ियों को आने जाने का किराया देते हैं
राजीव गांधी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ यूथ डेवलपमेंट के रीजनल डायरेक्टर व्हीलचेयर क्रिकेट प्लेयर्स को खेलने के लिए मंच मुहैया करवाया जाता है। जो भी खिलाड़ी हमारे यहां आता है उसके कैंपस में आने के बाद उनके ठहरने-खाने और अन्य सुविधाओं की जिम्मेदारी हमारी होती है। जहां तक वापसी में ट्रांसपोर्टेशन का सवाल है इसका इंतजाम उन्हें खुद करना होता है। हम इसके लिए उन्हें आने जाने का पैसा देते हैं। यहां आए सभी खिलाड़ियों को आने-जाने का किराया दिया गया।
राजीव गांधी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ यूथ डेवलपमेंट के डायरेक्टर