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कैंसर से हुई थी बेटे की मौत, 'किराए की कोख' से वापस लौटी खुशियां

48 साल की राजश्री पाटिल के बेटे की 2 साल पहले कैंसर से मौत हो गई थी।

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2018, 11:13 AM IST
प्रथमेश की मां राजश्री (बाएं) और बहन (दाएं)। प्रथमेश की मां राजश्री (बाएं) और बहन (दाएं)।

दिल्ली. पुणे की एक महिला अपने मृत बेटे के सीमन का इस्तेमाल करके दादी बनी है। उन्होंने अपनी एक रिश्तेदार को सरोगेसी के लिए राजी किया। जिसकी कोख से 12 फरवरी को जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ है। इनमें से एक बेटा और एक बेटी है। 48 साल की राजश्री पाटिल के बेटे की 2 साल पहले जर्मनी में कैंसर से मौत हो गई थी।

ठीक नहीं हुआ तो बेटे को भारत ले आए
- राजश्री पाटिल पेशे से टीचर हैं। उनका बेटा प्रथमेश पाटिल 2010 में जर्मनी में पढ़ाई करने गया था। कुछ समय बाद पता चला कि उसे ब्रेन कैंसर है। यह फोर्थ स्टेज में पहुंच चुका था।
- डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन आराम नहीं हुआ तो, उसे वापस भारत ले जाने की सलाह दी गई।
- 2013 में प्रथमेश को भारत लाया गया। मुंबई में उसका इलाज होता रहा। आखिरकार सितंबर 2016 में उसकी मौत हो गई।

वंश बढ़ाने के लिए प्रिजर्व करवाया था सीमन
- प्रथवेश का कोई भाई नहीं था। उसका परिवार चाहता था कि उनका वंश ना रुके। ऐसे में उसने जर्मनी के डॉक्टरों की सलाह पर वंश बढ़ाने के लिए अपना सीमन पहले ही प्रिजर्व करवा दिया था।

मां-बहन को दिया फैसले का हक
- 27 साल के प्रथमेश की शादी नहीं हुई थी। ऐसे में उसने इस सीमन के इस्तेमाल का फैसला करने के लिए अपनी मां और बहन को नॉमिनेट किया था

प्रथमेश पाटिल पढ़ाई के लिए 2010 में जर्मनी गया था। -फाइल प्रथमेश पाटिल पढ़ाई के लिए 2010 में जर्मनी गया था। -फाइल

मां ने जर्मनी से कॉन्टैक्ट करके भारत बुलवाया सीमन
- बेटे की मौत के बाद राजश्री ने जर्मनी की सीमन बैंक में कॉन्टैक्ट किया, जहां प्रथमेश के स्पर्म प्रिजर्व किए गए थे। 
- कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद प्रथमेश के सीमन को भारत लाया गया। 

 

IVF टेक्नोलॉजी का किया गया इस्तेमाल
- राजश्री ने अपनी एक रिश्तेदार को सरोगेसी के लिए राजी किया। इसके बाद यहां के सहयाद्री हॉस्पिटल में इन-विट्रो फर्टिलाइजेंशन (आईवीएफ) के जरिए प्रथमेश के स्पर्म को डोनर के एग में डाला गया। इससे तैयार भ्रूण (embryos) को सरोगेट मां की कोख में ट्रांसफर कर दिया गया।  

 

वापस मिल गया बेटा
- राजश्री ने जुड़वां बच्चों का नाम प्रथमेश और प्रीशा रखा है। उनका कहना है कि मेरा बेटा मुझे वापस मिल गया है। मैं ही अब इन बच्चों की मां हूं।

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प्रथमेश की मां राजश्री (बाएं) और बहन (दाएं)।प्रथमेश की मां राजश्री (बाएं) और बहन (दाएं)।
प्रथमेश पाटिल पढ़ाई के लिए 2010 में जर्मनी गया था। -फाइलप्रथमेश पाटिल पढ़ाई के लिए 2010 में जर्मनी गया था। -फाइल
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