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महिलाओं ने PM मोदी को लिखे 5.55 लाख लेटर, 6 ऑटो-10 कारों से ले जा रहे थे PMO

वुमन्स डे पर आज का मुद्दा-सीता ही सुरक्षित नहीं तो मंदिर बनाने का क्या मतलब।

Danik Bhaskar | Mar 08, 2018, 06:28 AM IST
ऐसी बोरियों में बंद थे लेटर ऐसी बोरियों में बंद थे लेटर

नई दिल्ली. दिल्ली महिला आयोग ने सत्याग्रह और ‘रेप रोको आंदोलन’ के समर्थन में लोगों से प्रधानमंत्री को भेजने के लिए हस्ताक्षर युक्त पत्र भेजने की अपील की थी। इस पर 35 दिन में करीब पांच लाख 55 हजार पत्र आए। इसमें लोगों ने प्रधानमंत्री से अपनी पीड़ा बताते हुए सख्त कानून बनाने की अपील की ताकि महिलाओं और बच्चियों के प्रति लोगों का नजरिया बदल सके।


ऐसे ही एक पत्र में एक महिला ने लिखा है कि दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। अपराधियों में कोई भय नहीं है। हमारी भारतीय संस्कृति में महिलाओं को देवी का स्थान दिया गया है। इसके बावजूद महिलाएं शारीरिक, मानसिक अपराध से लगातार पीड़ित हो रही हैं। इनमें से कई मामलों में तो कोई शिकायत तक नहीं करने जातीं। इसका कारण कानून व्यवस्था का पुख्ता नहीं होना है। कुछ समय पहले मैंने आपको राम मंदिर निर्माण के पक्ष में बोलते सुना था। मेरा अनुरोध है कि यदि सीता ही सुरक्षित नहीं रहेगी तो फिर मंदिर बनाने का क्या मतलब होगा। मैं उत्तम नगर में रहती हूं। यहां आए दिन महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं होती हैं। इससे मेरी एक सहेली भी पीड़ित है, जिसे लंबे समय बाद भी न्याय नहीं मिला। मेरा आपसे अनुरोध है कि छोटी बच्चियों के साथ होने वाले अपराध को रोकने और कठोर कानून बनाने के लिए जल्द से जल्द कार्रवाई करें।

सोशल मीडिया और घर-घर जाकर की अपील
बुधवार सुबह 12 बजे को आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद छह ऑटो और 10 कार में ये पत्र लेकर सदस्यों के साथ पीएमओ के लिए निकली। पुलिस ने रास्ते में रोककर मंदिर मार्ग थाने ले गई। यहां से दोपहर तीन बजे उन्हंे प्रधानमंत्री कार्यालय ले गई। जहां पीएमओ के अधिकारी ने उनकी मांगों का पत्र लिया।

सजा दिलाने के लिए सत्याग्रह शुरू
आयोग ने 31 जनवरी को बच्ची से दुष्कर्म को सजा दिलाने के लिए सत्याग्रह शुरू किया था। इसमें लोगों से पत्र लिखने की अपील की थी। एक लाख पत्र का लक्ष्य रखा गया था। सोशल मीडिया पर प्रचार, आयोग की महिला पंचायत सदस्यों ने घर-घर जाकर लोगों से पत्र लिखने की अपील की।

रास्ते में पुलिस ने रोका रास्ते में पुलिस ने रोका