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जरूरत जितनी सप्लाई फिर भी घंटों कट रही बिजली

सरकारी आंकड़ों में बिजली की मांग एवं आपूर्ति में अंतर लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन दिल्ली के आसपास ही बिजली की घंटों...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:05 AM IST
सरकारी आंकड़ों में बिजली की मांग एवं आपूर्ति में अंतर लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन दिल्ली के आसपास ही बिजली की घंटों कटौती हो रही है। गांवों में तो यह कटौती 8 घंटे तक की है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में फरवरी में बिजली की अधिकतम मांग 7120 मेगावाट और आपूर्ति 7120 मेगावाट रही। लेकिन दिल्ली से सटे सोनीपत में ही रोजाना 3-4 घंटे की बिजली कटौती चल रही है। ऐसे ही उत्तर प्रदेश में मांग व आपूर्ति में सिर्फ 2.4 फीसदी का अंतर है। लेकिन यहां भी बिजली कटौती हो रही है। राजस्थान में भी अधिकतम मांग व आपूर्ति में सिर्फ 0.5 फीसदी का अंतर रहा, लेकिन जयपुर से सटे गांवों में ही 6-8 घंटे बिजली गुल हो रही है। फिच इंडिया रेटिंग के सलील गर्ग के मुताबिक शेड्यूल्ड पावर में कटौती को आपूर्ति में कमी मानते हैं। मतलब ये कि अगर कहीं 100 मेगावाट की मांग है और वहां 98 मेगावाट आपूर्ति हुई तो सिर्फ दो फीसदी की कटौती मानी जाएगी। जबकि जमीनी हकीकत यह होती है कि उस इलाके में घंटों की कटौती चल रही होती है।

शहरों में 3-4 घंटे तो गांवों में 8 घंटे तक की कटौती

अधिकतम मांग व आपूर्ति

राज्य मांग आपूर्ति अंतर

दिल्ली
3992 3992 0

पंजाब 6358 6358 0

छत्तीसगढ़ 3390 3387 0.1%

गुजरात 14239 14233 1.5%

मध्य प्रदेश 11,444 11,444 0

(सीईए के फरवरी, 2018 आंकड़े)