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सेना के हथियारों का जखीरा पुराना, आपात खरीद के लिए पर्याप्त पैसा नहीं

नई दिल्ली| सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि दो मोर्चों पर एक साथ युद्ध की संभावना “सच्चाई’ है और सेना के लिए...

Danik Bhaskar | Mar 14, 2018, 02:10 AM IST
नई दिल्ली| सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि दो मोर्चों पर एक साथ युद्ध की संभावना “सच्चाई’ है और सेना के लिए मौजूदा बजट इस जरूरत की पूर्ति के लिए पर्याप्त नहीं है। दो मोर्चाें पर युद्ध की तैयारी के नजरिए से भी सेना के पास हथियारों की कमी है। जरूरत पड़ने पर हथियारों की आपात खरीद, 10 दिन के भीषण युद्ध के लिए जरूरी हथियार एवं साजो-सामान, आधुनिकीकरण की 125 योजनाओं के लिए भी पर्याप्त पैसा नहीं है। भाजपा सांसद सांसद मेजर जनरल (रिटायर्ड) बीसी खंडूरी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने मंगलवार को रिपोर्ट लोकसभा में पेश की। सेना के उपप्रमुख लेफ्टीनेंट जनरल सरत चंद ने बताया है कि एक आदर्श सेना के पास 30 प्रतिशत हथियार और उपकरण अत्याधुनिक, 40 प्रतिशत मौजूदा समय में प्रचलित और 30 प्रतिशत हथियार और उपकरण पुराने होना चाहिए, जबकि 12 लाख से अधिक जवानों वाली सेना के पास 68 प्रतिशत हथियार और उपकरण पुराने, 24 प्रतिशत प्रचलित व 8 प्रतिशत ही अत्याधुनिक हथियार एवं उपकरण हैं।