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6 में से 2 मेट्रो कॉरिडोर को नहीं मिली मंजूरी 3 लाख लोगों को नहीं मिल पाएगा फायदा

अखिलेश कुमार | नई दिल्ली akhilesh.kumar4@dbcorp.in दिल्ली मेट्रो रेल फेज-4 की उलझन सुलझने का नाम ही नहीं ले रही है। डीएमआरसी ने 7...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:10 AM IST

6 में से 2 मेट्रो कॉरिडोर को नहीं मिली मंजूरी 3 लाख लोगों को नहीं मिल पाएगा फायदा
अखिलेश कुमार | नई दिल्ली akhilesh.kumar4@dbcorp.in

दिल्ली मेट्रो रेल फेज-4 की उलझन सुलझने का नाम ही नहीं ले रही है। डीएमआरसी ने 7 अक्टूबर, 2014 को फेज-4 का डीपीआर सौंपा, तब से तीन बार कैबिनेट बैठी, एक बार सैद्धांतिक मंजूरी भी दी लेकिन अब निगेटिव कैश फ्लो (कम राजस्व) ने दो कॉरिडोर का रास्ता रोक दिया है। वित्त विभाग ने 6 में से दो कॉरिडोर टालने की बात की है। तर्क है कि रिठाला-बवाना-नरेला और एरोसिटी से तुगलकाबाद कॉरिडोर में राइडरशिप कम रहेगी, जिससे खर्च निकालना मुश्किल होगा।

15 जनवरी, 2018 को डीएमआरसी ने जो प्राथमिकता वाले तीन कॉरिडोर की जल्द मंजूरी मांगी थी, एरोसिटी से तुगलकाबाद (20.20 किमी) कॉरिडोर भी उसमें शामिल था। डीएमआरसी ने प्राथमिकता सूची में शामिल एरोसिटी से तुगलकाबाद कॉरिडोर को टालने और लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक को फेज-4 का हिस्सा बनाने की सलाह पर कहा कि लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक कॉरिडोर में अलग से डिपो नहीं है और ये एरोसिटी कॉरिडोर का हिस्सा है। फिर एरोसिटी से तुगलकाबाद कॉरिडोर दक्षिण दिल्ली से पश्चिम दिल्ली की पब्लिक की यात्रा के लिए बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के बीच पिछले दिनों मुलाकात में भी आगे बढ़ने की राह नहीं मिल पाई।

मेट्रो फेज-4

इन 6 कॉरिडोर के लिए मांगी थी मंजूरी

वित्त विभाग ने कम नकदी का हवाला देकर रिठाला-बवाना-नरेला और एरोसिटी-साकेत-तुगलकाबाद कॉरिडोर टालने की बात कही, लेकिन...

दिल्ली के लिए इसलिए जरूरी हैं ये दो कॉरिडोर

एरोसिटी-साकेत-तुगलकाबाद

एरोसिटी

एरोसिटी से तुगलकाबाद कॉरिडोर पर एयरपोर्ट लाइन का एरोसिटी स्टेशन, येलो लाइन पर साकेत स्टेशन, फेज-4 के साकेत जी ब्लॉक से लाजपत नगर कॉरिडोर पर साकेत जी ब्लॉक स्टेशन व बदरपुर लाइन पर तुगलकाबाद स्टेशन पर इंटरचेंज की सुविधा मिलती। अकेले एरोसिटी-तुगलकाबाद लाइन के बनने से रोजाना 1.97 लाख यात्रियों को फायदा मिलता। इसलिए इसे शामिल किया जाना चाहिए।

विधायकों ने कहा-अगर कॉरिडोर टाला गया तो सीएम से बात करेंगे

एरोसिटी से तुगलकाबाद कॉरिडोर डीएमआरसी के प्राथमिकता वाले कॉरिडोर में भी शामिल था। इसे टाले जाने की खबर पर महरौली के विधायक नरेश यादव और तुगलकाबाद के विधायक सही राम ने भास्कर से कहा, ऐसा कैसे हो सकता है। ये कॉरिडोर जनता की जरूरत है। अगर कॉरिडोर टाला गया तो मुख्यमंत्री केजरीवाल से बात करेंगे। डीएमआरसी या परिवहन मंत्री से भी मिलेंगे। सही राम ने कहा कि कॉरिडोर कंपल्सरी है तो नरेश यादव ने कहा कि अगर रुकावट आई तो पब्लिक डिमांड के लिए मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री से मिलेंगे।

1. मुकुंदपुर - बुराड़ी - मौजपुर | 12.54 किमी

2. आरके आश्रम से जनकपुरी वेस्ट | 28.92 किमी

3. इन्द्रलोक - दिल्लीगेट - इंद्रप्रस्थ | 12.58 किमी

4. लाजपत नगर - साकेत जी ब्लॉक | 7.96 किमी

5. एरोसिटी - साकेत-तुगलकाबाद|20.20 किमी

6. रिठाला - बवाना - नरेला | 21.73 किमी

साकेत

अप्रैल, 2018 में तय तीसरी डेडलाइन भी मिस

तुगलकाबाद

मेट्रो का तर्क

रिठाला-बवाना-नरेला

बवाना

रिठाला-बवाना-नरेला (21.72 किमी) कॉरिडोर का लाभ शुरुआत में 1.08 लाख यात्रियों को मिलता जो 2031 में 1.77 लाख व 2041 में 2.54 लाख तक पहुंच जाता। कॉरिडोर को दूसरे चरण में करने के विकल्प के अलावा डीएमआरसी ने यह भी सुझाया था कि ट्रेन खरीदने और चलाने के साथ-साथ सनोठ डिपो को भी पीपीपी मॉडल पर कर सकते हैं। इसमें कुल 1684 करोड़ खर्च आएगा।

पहली डेडलाइन

अप्रैल 2016

अभी तो कॉरिडोर ही फाइनल नहीं | 15 जनवरी 2018 को डीएमआरसी ने प्राथमिकता वाले तीन कॉरिडोर की डीपीआर भेजी थी। इसमें पहले चरण में 61 किमी के कॉरिडोर की मंजूरी मांगी थी। साथ ही अप्रैल, 2018 में काम शुरू करके मार्च, 2023 में खत्म करने का लक्ष्य रखा था। काम कम से कम 5 साल में पूरा होगा। अप्रैल शुरू हो गया पर अभी कॉरिडोर ही फाइनल नहीं हुए हैं।

नरेला

रोहिणी

रिठाला

दूसरी डेडलाइन

अक्टूबर 2017

तीसरी डेडलाइन

अप्रैल 2018

भास्कर सवाल

सैद्धांतिक मंजूरी देने के बाद अध्ययन की बात का क्या मतलब?

परिवहन मंत्री : केंद्र सरकार ने कहा कि अगर मेट्रो के ऑपरेशन में घाटा हुआ तो दिल्ली सरकार को अकेले इसकी भरपाई करनी पड़ेगी। ऐसे में अगर घाटा भरना है तो अध्ययन तो कराना ही पड़ेगा। प्रधान वित्त सचिव को अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन कॉरिडोर पर खर्च के हिसाब से पैसे वापस नहीं मिल रहे हैं, उसे अगले चरण में देख सकते हैं।

भास्कर ने दिल्ली सरकार और

डीएमआरसी के बीच चल रहे पत्र संवाद

की पड़ताल की तो ये बातें सामने आईं।

राइडरशिप पर...

दिल्ली सरकार | मेट्रो फेज-एक और फेज-2 में जो राइडरशिप प्रोजेक्शन दिया गया था, उसकी तुलना में 12.3 फीसदी की कमी आई है?

डीएमआरसी | अतिरिक्त क्षमता बढ़ाने से ये कमी दूर हो जाएगी।

किराये पर...

दिल्ली सरकार | किराया वृद्धि से राइडरशिप घटी है फिर भी फेज-4 की डीपीआर में सालाना 7 फीसदी वृद्धि की बात कही गई है?

डीएमआरसी | पिछली बार किराया 7 साल बाद बढ़ा, अब सालाना 7 फीसदी बढ़ेगा तो ऐसा प्रभाव नहीं होगा।

नोट : डीएमआरसी के बिजनेस डेवलपमेंट निदेशक बीडी शर्मा ने दिल्ली से मेरठ के आरआरटीएस के कारण मेट्रो की राइडरशिप प्रभावित होने की दिल्ली सरकार की आशंका को खारिज किया।

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Web Title: 6 में से 2 मेट्रो कॉरिडोर को नहीं मिली मंजूरी 3 लाख लोगों को नहीं मिल पाएगा फायदा
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