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गवाहों की संख्या को लेकर 14 साल से अटका मामला

दहेज प्रताड़ना का एक मामला पिछले कई साल से गवाहों को संख्या को ही लेकर लटका है। आरोपी पक्ष का कहना है कि आरोपपत्र...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:10 AM IST
दहेज प्रताड़ना का एक मामला पिछले कई साल से गवाहों को संख्या को ही लेकर लटका है। आरोपी पक्ष का कहना है कि आरोपपत्र दाखिल करते समय कुल छह गवाह पेश किए गए थे। जबकि वर्तमान में इस मामले में अभियोजन ने 11 गवाहों की सूची अदालत में लगाई। अदालत ने इस मामले में आरोपी पक्ष की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि बेमतलब के विवाद में मुकदमे को लटकाना सही नहीं है। रोहिणी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार की अदालत ने इस मामले में आरोपी कृष्ण कुमार की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की याचिकाएं दायर कर मामले को लटकाएं नहीं। अदालत ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में पुलिस को जितने गवाह मिले उनको आरोपपत्र के साथ जोड़ दिया गया। आगे की जांच में अन्य गवाह सामने आए तो अतिरिक्त गवाह के तौर पर उन्हें इस सूची में शामिल कर लिया गया। गवाह बढ़ाने के आरोप बेबुनियाद हैं। अगर ऐसी याचिकाएं आए दिन लगती रहेंगी तो मुख्य मामले की सुनवाई अधर में लटकी रहेगी। यह मामला वर्ष 2004 में सुलतानपुरी थाने में दर्ज किया गया था।

आरोपी पक्ष बोला- शुरू में 6 गवाह थे, जबकि अब 11 गवाहों की सूची लगाई गई है