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निचली अदालत हत्या में 25 साल की सजा नहीं दे सकती : हाईकोर्ट

अमित कसाना | नई दिल्ली amit.kasana@dbcorp.in हाईकोर्ट ने हत्या के दो अलग-अलग मामलों में हत्यारों को राहत प्रदान की है।...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:10 AM IST
अमित कसाना | नई दिल्ली amit.kasana@dbcorp.in

हाईकोर्ट ने हत्या के दो अलग-अलग मामलों में हत्यारों को राहत प्रदान की है। हाईकोर्ट ने एक मामले में दोषी नाइजीरियन का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने के कारण निचली अदालत द्वारा हत्या के मामले में दी गई उम्र कैद (14 साल) की सजा को घटाकर 10 साल कर दिया। दूसरे मामले में डबल मर्डर में दोषी को दी गई 25 साल की सजा को सख्त बताते हुए उसे 14 साल में बदल दिया। जुर्माने की राशि को भी 2 लाख रुपए से घटाकर 5000 रुपए कर दिया। जस्टिस एस मुरलीधर और जस्टिस आईएस मेहता की बेंच ने कहा कि निचली अदालत हत्या के मामले में 14 साल से अधिक की सजा नहीं दे सकती है। उसे 25 साल की सजा देने का अधिकार ही नहीं है। वह अधिकतम उम्र कैद यानी 14 साल की सजा दे सकती है।



हाईकोर्ट ने दो अलग-अलग मामले में निचली अदालत के फैसले को बदला

कोर्ट की टिप्पणी

पहले मामले में बेंच ने कहा कि नाइजीरियन ने गुस्से में यह कदम उठाया। वह हत्या नहीं करना चाहता था। उसका पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं मिला है। ऐसे में उसे राहत प्रदान की जाती है। दूसरे मामले में कोर्ट ने कहा कि 25 साल की सजा और उसके साथ 2 लाख रुपए का जुर्माना काफी सख्त सजा है। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी उम्रकैद के साथ भारी जुर्माना नहीं करने की वकालत कर चुका है। दोषी जेल में रहेगा तो इतना भारी जुर्माना कहां से देगा। यह कहते हुए कोर्ट 2 लाख रुपए की जुर्माने की राशि को घटाकर 5000 रुपए कर दिया। कोर्ट ने इस बात को भी माना कि वारदात के दौरान हत्यारा नशे में था। उसे पता नहीं था कि वह क्या कर रहा है।

नवायो ने मिशेल की गला घोंटकर की थी हत्या

मामला उत्तम नगर थाने का है। यहां नाइजीरियन नवायो किराए पर रहता था। पड़ोस में ही मिशेल रहता था। नवायो की महिला मित्र थी, जिसे मिशेल भी पसंद करता था। इस पर 7 मई, 2011 को नवायो ने मिशेल की गला घोंटकर हत्या कर दी। उसका शव बैग में बंदकर भाग गया। कमरे से बदबू आने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने नवायो को गिरफ्तार किया। निचली अदालत ने 23 जुलाई, 2016 को नवायो को उम्र कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस आदेश को हाईकोर्ट में चैलेंज किया गया था।

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गोविंद ने रमेश व बबलू की चाकू से गोदकर हत्या की थी

मामला सुल्तानपुरी का है। यहां 6 अप्रैल, 2013 को गोविंद ने दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर पार्क में रमेश और बबलू की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। गोविंद का उनसे झगड़ा हुआ था। 15 दिसंबर, 2014 को निचली अदालत ने गोविंद को उम्र कैद की सजा सुनाते हुए कहा था कि दोषी को 25 साल जेल में काटने पड़ेंगे। उससे पहले उस पर दया न की जाए। साथ ही उस पर 2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था। निचली अदालत के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

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