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डीडीए का अकाउंट सीज कर आईटी ने वसूले 884 करोड़

आनंद पवार | नई दिल्ली anand.pawar1@dbcorp.in इनकम टैक्स विभाग द्वारा दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के खाते सील करने का मामला...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:10 AM IST
आनंद पवार | नई दिल्ली anand.pawar1@dbcorp.in

इनकम टैक्स विभाग द्वारा दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के खाते सील करने का मामला सामने आया है।

विभाग ने 13 दिन खाते सील रख देनदारी तो वसूली ही, केंद्र सरकार की एफडी भी जब्त की। इनकम टैक्स विभाग का कहना है कि डीडीए 15 साल से देनदारी नहीं चूका रहा था। इसीलिए यह कार्रवाई की गई। वहीं डीडीए का आरोप है कि मनमाने तरीके से रुपए वसूले गए। इस कारण करीब 15 दिन खाते सील रहने से डीडीए के कई काम रुक गए थे। इसके चलते डीडीए को नियम विरुद्ध जाकर दूसरे मद से उनको करना पड़ा। मामले में डीडीए ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की याचिका भी दायर कर दी है।

डीडीए ने सुप्रीम कोर्ट में मनमाने तरीके से राशि लेने की याचिका लगाई

जानकारी के अनुसार आईटी विभाग ने डीडीए के अलग-अलग बैंक खातों को 22 फरवरी 2018 को सील किया था। दरअसल, डीडीए पर आईटी विभाग ने 2003-04 और 2005-06 से 2015-16 तक 884.17 करोड़ रुपए की देनदारी निकाली थी। इसे डीडीए देने से इंकार कर रहा था और मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। इसके बाद मामला लंबे समय तक शांत हो गया। हाल ही में आईटी विभाग ने डीडीए के अलग-अलग बैंक अकांउट को सील कर करीब 402.16 करोड़ रुपए की राशि निकाल ली और डीडीए की करीब 750 करोड़ रुपए की एफडीआर को होल्ड करवा दिया। इसमें अघिकांश राशि केंद्र सरकार की थी, जिसमें डीडीए की भूमिका एक संरक्षक के रूप में थी। इसके चलते डीडीए के लेन-देन से संबंधित मामले कुछ समय के लिए अटक गए। अपने रुके कामों को तुरंत सुचारु रूप से संचालित करने के लिए डीडीए ने बकाया करीब 481.99 करोड़ रुपए का आईटी विभाग को भुगतान किया। इसके बाद 7 मार्च 2018 को डीडीए के खाते को डी-सील किया गया। इस कारण करीब 15 दिन तक डीडीए के खाते सील रहे। इस मामले में डीडीए ने आईटी विभाग के खिलाफ 24 मार्च 2018 को अवमानना याचिका दायर की है।

कोर्ट के निर्देशों पर की जा रही है कार्रवाई


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