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निशाने पर गैंगस्टर, दिल्ली के टॉप-10 गिरोहों पर मकोका की तैयारी

धर्मेंद्र डागर | नई दिल्ली dharmendra.dagar@dbcorp.in दिल्ली पुलिस ने सरेआम गैंगवार कराने वाले राजधानी के दस बड़े गैंग पर नकेल...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:10 AM IST
धर्मेंद्र डागर | नई दिल्ली dharmendra.dagar@dbcorp.in

दिल्ली पुलिस ने सरेआम गैंगवार कराने वाले राजधानी के दस बड़े गैंग पर नकेल कसने की मुहिम शुरू कर दी है। पुलिस इन पर मकोका के तहत कार्रवाई करने की रणनीति बना रही है। पुलिस ने दिल्ली के दस मोस्ट वांटेड गिरोहों की लिस्ट भी बना ली है। इनमें से चार गोगी गैंग, टिल्लू गैंग, किशन पहलवान गैंग और छेनू गैंग की फाइल लगभग तैयार भी कर ली है। इसके बाद बाकी 6 गैंग पर कार्रवाई की जाएगी। ताकि दिल्ली को मुंबई अंडरवर्ल्ड बनने से रोका जा सके। इसके लिए दिल्ली पुलिस आला अफसरों के दिशा निर्देश पर दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय ऐसे गिरोहों का रिकाॅर्ड यानी संपत्ति और उनकी क्राइम प्रोफाइल खंगालकर उनका ब्योरा तैयार कर रही है। क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में एक्टिव छोटे-बड़े अपराधियों पर अंकुश को धरपकड़ का काम शुरू किया हुआ है। पिछले कुछ समय से इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं कि जेल में बैठे नामचीन अपराधी अपने गुर्गों की मदद से आपराधिक वारदातें करवा रहे हैं। इससे निपटने को पुलिस इन गिरोहों पर मकोका लगाने की तैयारी में है।

गोगी, टिल्लू, किशन पहलवान और छेनू गैंग की फाइल भी लगभग तैयार

1. गोगी गैंग

सरगना| जितेंद्र गोगी

सदस्य| 24-25 लोग, अभी सरगना समेत पांच जेल में हैं, बाकी बाहर।

मामले| हत्या के 12, 24 लूटपाट।

सबसे चर्चित कांड : 2009 में दिल्ली के अलीपुर में कांस्टेबल समेत चार की हत्या की थी।

सबसे ताजा कांड : 15 जनवरी 2018 को रोहिणी कोर्ट के पास मोनू उर्फ नेपाली की गोली मारकर हत्या की थी।

ये 4 गैंग हैं हिटलिस्ट में...

2. टिल्लू गैंग

सरगना| सुनील मान

सदस्य| 20 लोग, 3 जेल में, बाकी बाहर।

मामले| हत्या के 10, 24 चोरी, लूटपाट

सबसे चर्चित कांड| 2015 में रोहिणी में अरुण कमांडो की हत्या की थी, 2017 में अलीपुर में अंकित नाम के शिक्षक की गोली मारकर हत्या की थी।

सबसे ताजा कांड| सितंबर 2017 में गोगी गैंग के गुर्गे दीपक उर्फ बंटी की गोली मारकर हत्या की थी।

4. किशन पहलवान गैंग

सरगना : किशन पहलवान

सदस्य : 20 लाेग, 4 जेल में बाकी बाहर।

मामले : हत्या के 11, 1 दर्जन से ज्यादा अन्य

3. छेनू गैंग

सरगना| छेनू ,सदस्य| 14 लोग, 4 जेल में, बाकी बाहर।

मामले| हत्या के 6 और 1 दर्जन केस

सबसे चर्चित कांड| 23 दिसंबर 2015 को नासिर गैंग ने छेनू पर कड़कड़डूमा कोर्ट में गोलियां चलाई थीं, छेनू बच गया था, 1 कांस्टेबल की मौत होई थी।

सबसे ताजा कांड| दिसंबर 2017 में नासिर गैंग ने छेनू गैंग के कमर और उसके साथी इमरान की हत्या की थी।

चर्चित कांड : नजफगढ़ में 1998 में 6 लोगों की गोली मारकर हत्या की थी।

ताजा कांड : 19 फरवरी 2017 को नजफगढ़ में मंगू की हत्या की थी।

मकोका के बारे में वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं...

दिल्ली में 2002 में लागू हुआ...

महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) सबसे पहले 1999 में महाराष्ट्र सरकार ने बनाया था। मकसद था- अंडरवर्ल्ड में सक्रिय गिरोहों का खात्मा करना। दिल्ली सरकार ने 2002 में इसे लागू किया।

इसी कंडीशन में लगेगा मकोका...

इसमें तभी केस दर्ज होगा, जब 10 साल के दौरान वह दो संगठित अपराधों में शामिल रहा हो। इसमें कम से कम दो लोग शामिल हों। आरोपी के खिलाफ एफआईआर के बाद चार्जशीट दाखिल हो।

इसमें अधिकतम सजा फांसी है। वहीं न्यूनतम पांच साल की जेल का प्रावधान है।

आसानी से नहीं मिलती बेल...

इसमें आसानी से जमानत नहीं मिलती है। अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपराधी, जबरन वसूली, फिरौती, अपहरण, हत्या, हत्या की कोशिश, धमकी, उगाही, ऐसा कोई भी गैरकानूनी काम जिससे बड़े पैमाने पर पैसे बनाए जाते हों।

इसलिए खतरनाक है ये एक्ट...

मकोका के तहत आरोपी की पुलिस रिमांड 30 दिन हो सकती है, आईपीसी में यह 15 दिन होती है। चार्जशीट दाखिल करने को 180 दिन का वक्त मिलता है, जबकि आईपीसी के तहत समय सीमा 60 से 90 दिन है।