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मैं चंदा कोचर ही नहीं, लोन समिति के सभी 12 सदस्यों को जानता हूं: धूत

आईसीआईसीआई बैंक से कर्ज हासिल करने के बदले कथित तौर पर मदद पहुंचाने के मामले में सीबीआई जांच के घेरे में आए...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:15 AM IST

आईसीआईसीआई बैंक से कर्ज हासिल करने के बदले कथित तौर पर मदद पहुंचाने के मामले में सीबीआई जांच के घेरे में आए वीडियोकॉन समूह के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने रविवार को एक टीवी इंटरव्यू में कहा, ‘मैं लोन मंजूर करने वाली समिति के सभी 12 सदस्यों को जानते हूं। बैंक के पूर्व चेयरमैन केवी कामत (समिति के प्रमुख) के साथ तो मैं अक्सर लंच करता रहा हूं। दो लोगों के बीच व्यक्तिगत संबंध होने का परिणाम हमेशा आपराधिक कृत्य (क्रिमिनल एक्ट) नहीं होता है।’

आईसीआईसीआई बैंक से कर्ज मामले में चंदा कोचर से जुड़े सवाल पर वेणुगोपाल धूत ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं था। वे लोन मंजूर करने वाली 12 सदस्यीय समिति की एक सदस्य मात्र थीं। समिति ने वीडियोकॉन समूह का 3,250 करोड़ रुपए का लोन मंजूर किया था।’ वीडियोकॉन समूह पर चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की कंपनी न्यूपावर रिन्यूएबल्स में निवेश का आरोप है। इस सवाल पर धूत ने कहा कि उन्होंने पुरानी दोस्ती के चलते दीपक कोचर की कंपनी में 2.5 लाख रुपए निवेश करने पर सहमति दी थी।

वीडियोकॉन को 3,250 करोड़ का लोन मंजूर करने वाली समति में चंदा कोचर भी सदस्य थीं

केवी कामत के साथ अक्सर लंच करता था: धूत

बैंक ने वीडियोकॉन को दिए कर्ज में से 86% एनपीए में डाले

पिछले दिनों आई रिपोर्ट में वीडियोकॉन समूह को लोन मुहैया कराने के बदले आईसीआईसीआई बैंक की प्रमुख चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को कथित तौर पर मदद पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। आईसीआईसीआई बैंक ने वर्ष 2012 में वीडियोकॉन समूह को 3,250 करोड़ रुपए का लोन दिया था। इसमें से 2,810 करोड़ रुपए के कर्ज को बैंक ने पिछले साल फंसे कर्ज (एनपीए) में डाल दिया था।

सीबीआई ने बैंक के कुछ अफसरों से पूछताछ की

इस मामले में सीबीआई की प्रारंभिक जांच (पीई) पर धूत ने कहा कि जांच एजेंसी ‘फर्जी शिकायतों’ सहित सभी आरोपों की जांच कर रही है। सीबीआई ने 2012 में वीडियोकॉन समूह को दिए गए कर्ज को लेकर आईसीआईसीआई बैंक के कुछ अधिकारियों से भी पूछताछ की है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर ही है कि बैंक द्वारा 2012 में वीडियोकॉन समूह को दिए 3,250 करोड़ के लोन के बदले कोई और मदद की गई। पीई में वीडियोकॉन समूह के चेयरमैन और प्रमोटर वेणुगोपाल धूत, दीपक कोचर और अन्य को नामजद किया गया है। सीबीआई जांच यह तय करने के लिए करती है कि यदि पर्याप्त सबूत मिलते हैं तो मामले में विस्तृत जांच की जाए। यदि उसे नियमों के उल्लंघन के सबूत मिलते हैं तो यही पीई एफआईआर में बदल जाती है।

एनआरपीएल से धूत ने क्यों दिया था इस्तीफा

दीपक कोचर और वेणुगोपाल धूत में साठगांठ के आरोपों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर धूत ने दीपक की कंपनी न्यूपावर रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड से एक महीने के अंदर ही इस्तीफा क्यों दे दिया।

वेणुगोपाल धूत ने चंदा के पति दीपक कोचर के साथ 50:50 की साझेदारी में कंपनी खोली थी

बैंक का बोर्ड चंदा कोचर को दे चुका है क्लीन चिट

आईसीआईसीआई बैंक के बोर्ड मामले में विवाद खड़ा होने पर ने पिछले दिनों चंदा कोचर को क्लीन चिट दे दी थी। बोर्ड ने कहा था कि यह कर्ज एसबीआई के नेतृत्व वाले 20 बैंकों के समूह द्वारा वीडियोकॉन समूह को दिए गए कुल 40,000 करोड़ रुपए के कर्ज का एक हिस्सा भर है। आईसीआईसीआई बैंक इसमें मुख्य कर्जदाता नहीं है। साथ ही कहा था कि चंदा कोचर उस समय समिति में भी नहीं थी।

ई-वे बिल लागू, कारोबारियों ने कहा-असली परीक्षा सोमवार को

नेटवर्क की क्षमता रोजाना 75 लाख की, लेकिन पहले दिन 1.71 लाख ही बिल जेनरेट हुए

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली

एक राज्य से दूसरे राज्य में सामान की ढुलाई के लिए ई-वे बिल रविवार से लागू हो गया। राज्य के भीतर यह सिर्फ कर्नाटक में लागू हुआ है। जीएसटी नेटवर्क के अधिकारियों ने बताया कि पहले दिन बिल जेनरेट करने वाले प्लेटफॉर्म पर कोई दिक्कत नहीं आई। पहले दिन 1.71 लाख बिल जेनरेट हुए हालांकि सूत्रों के मुताबिक दोपहर एक बजे से तीन बजे तक साइट बंद रही। इस वजह से कुछ जगह पर समस्या का सामना करना पड़ा। ऑल हरियाणा ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सुरेश शर्मा ने बताया कि रविवार को 80-90% फैक्ट्रियां बंद रहती हैं। इसलिए पहले दिन ज्यादा बिल जेनरेट नहीं हुए। वित्त वर्ष के पहले हफ्ते में कारोबार धीमा ही रहता है। इसलिए ई-वे बिल प्लेटफॉर्म की असली परीक्षा दूसरे हफ्ते में होगी। उन्होंने कहा कि सोमवार को नेटवर्क सही नहीं चला तो ई-वे बिल को फिर टाला जा सकता है।

नेटवर्क की क्षमता रोजाना 75 लाख बिल की

ई-वे बिल को पहले 1 फरवरी से लागू करना था। लेकिन लोड बढ़ने पर दिक्कतें आईं और इसे मुल्तवी कर दिया गया। उसके बाद इसमें कई सुधार किए गए। सरकार का दावा है कि इससे रोजाना 75 लाख इंटर-स्टेट बिल जेनरेट किए जा सकते हैं। जीएसटी नेटवर्क पर 1.05 करोड़ कारोबारियों-कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पिछले हफ्ते तक इनमें से सिर्फ 11 लाख ई-वे बिल पोर्टल पर रजिस्टर्ड थे।

31 मार्च से पहले के माल की लोडिंग-अनलोडिंग हुई

राजस्थान : फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) के अध्यक्ष तथा ट्रांसपोर्टर सुरेश अग्रवाल ने बताया कि रविवार को अधिकांश ट्रांसपोर्ट कंपनियां बंद होने से माल की ढुलाई नहीं हुई। पर ई-वे बिल से ट्रांसपोर्टर्स की परेशानी बढ़ना तय है। कुछ ट्रांसपोर्टर तो फिलहाल काम बंद करने की बात कर रहे हैं।

झारखंड : पहले दिन रांची से लगभग 300 बिल जारी हुए। प्रदेश चैंबर के परिवहन उपसमिति के चेयरमैन सुनील सिंह चौहान ने बताया कि पोर्टल की खामियां दूर हो गई हैं। वाणिज्यकर विभाग के रांची जोन के ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि पोर्टल सही तरीके से काम कर रहा है।

मध्यप्रदेश : रविवार को ज्यादातर ऐसे माल की लोडिंग-अनलोडिंग हुई जो 31 मार्च के पहले बुक किए गए थे। भोपाल की सबसे बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी हरीश ट्रांसपोर्ट के संचालक कमल पंजवानी ने बताया कि ई-वे बिल की टेस्टिंग तो सोमवार सुबह होगी, जब सभी ट्रांसपोर्टर एक साथ डाउनलोड करेंगे।

हरियाणा : आयरन स्टील एंड ट्रेडर्स के प्रधान अरुण गुप्ता के अनुसार पहले दिन शिकायत नहीं मिली। असली परीक्षा सोमवार से होगी। फरीदाबाद इंडस्ट्री एसो. के कर्नल एस. कपूर ने बताया कि जिले में 23 हजार इंडस्ट्रियल यूनिट्स हैं, अधिकांश रविवार को बंद रहती हैं।

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