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18 साल से नहीं बढ़ी दिल्ली सरकार की पॉकेट मनी

दिल्ली को केंद्रीय बजट से निराशा मिली है। दिल्ली को 2001-02 में केंद्र सरकार ने केन्द्रीय करों में से 325 करोड़ रुपए की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 04:05 AM IST

दिल्ली को केंद्रीय बजट से निराशा मिली है। दिल्ली को 2001-02 में केंद्र सरकार ने केन्द्रीय करों में से 325 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी दी थी जो 18 साल बाद यानी 2018 में भी नहीं बढ़ाई गई, जबकि इस बीच दिल्ली की आबादी 1.38 करोड़ से बढ़कर दो करोड़ से अधिक हो गई है। दिल्ली सरकार का बजट साढ़े पांच गुना (8739 करोड़ से 48 हजार करोड़) हो गया है। देश में जो 6.26 करोड़ लोग इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं उसमें से 13% दिल्ली से आता है। इनकी कर देने में भी बड़ी भागीदारी है।

केन्द्र सरकार ने केन्द्र शासित राज्यों को दी जाने वाली केन्द्रीय सहायता पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 412.98 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 449.99 करोड़ रुपए कर दी है।

केंद्र से नहीं मिलती सहायता

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट के बाद कहा है कि केन्द्रीय सहायता में संशोधित बजट में 1000 करोड़ रुपए और 2018-19 के लिए 1500 करोड़ रुपए की मांग की थी। सिसोदिया ने कहा है कि केन्द्र सरकार से कोई सहायता नहीं मिलने के बावजूद दिल्ली सरकार अपने बजट कलेक्शन की 10.5 फीसदी राशि देती है। देश का कोई भी ऐसा हिस्सा नहीं है जिसकी केन्द्रीय करों में हिस्सेदारी नहीं बढ़ाई गई हो। केन्द्रीय करों में हिस्सेदारी कर वसूली वृद्धि के हिसाब से हर साल अन्य राज्यों की बढ़ाई जाती है। केन्द्र सरकार ने स्थानीय निकाय के लिए कोई सहायता राशि नहीं दी है जबकि 14वें वित्त आयोग की सिफारिश के हिसाब से बेसिक और प्रदर्शन के हिसाब से 2015-20 तक के लिए मिलना चाहिए।

मनीष सिसोदिया

इलेक्ट्रिक बसों के लिए मांगा था स्पेशल पैकेज

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि राजधानी में प्रदूषण की समस्या को देखते हुए 2000 इलेक्ट्रिक बसें उतारने के लिए स्पेशल पैकेज की मांग की थी लेकिन केन्द्र सरकार ने इसमें कोई पैसा नहीं दिया। दिल्ली को मिलने वाली सभी तरह की राशि को मिला दें तो पिछले वित्त वर्ष में 757.99 करोड़ रुपए दिल्ली को मिले थे जो इस साल 790 करोड़ रुपए हो गए हैं। इसमें डिजास्टर रिस्पांस फंड में 5 करोड़ और 1984 के दंगा पीड़ितों के मुआवजे के लिए 10 करोड़ रुपए की राशि शामिल है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बजट से जताई निराशा

मुझे उम्मीद थी कि राजधानी में महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजनाओं के लिए कुछ वित्तीय मदद केन्द्र सरकार देगी। मैं इस बात को लेकर निराश हूं कि केन्द्र सरकार ने दिल्ली के साथ पुराना बर्ताव जारी रखा है। इस बजट में मध्यम वर्ग और व्यापारियों के लिए कुछ नहीं है। उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। - अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री

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