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सांसद मनमर्जी से टिकट बुक करा नहीं ले पाएंगे ज्यादा भत्ते

मनमर्जी से टिकट बुक कराकर ज्यादा भत्ते वसूलने की सांसदों की मनमानी अब नहीं चलेगी। दरअसल सांसदों को संसद की स्थायी...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 04:05 AM IST
मनमर्जी से टिकट बुक कराकर ज्यादा भत्ते वसूलने की सांसदों की मनमानी अब नहीं चलेगी। दरअसल सांसदों को संसद की स्थायी समिति की बैठकों में शामिल होने के लिए सासंदों को टिकट की राशि का 25 फीसदी हिस्सा भत्ते के तौर पर दिया जाता है। ज्यादा भत्ता पाने के लिए कुछ सांसद पहले तो बैठक में शामिल होने के नाम पर हामी भरते, बाद में बैठक में शामिल न होने की बात कहकर पहले से बुक हुए कम दाम के टिकट को रद्द करवा लेते। फिर बैठक की तारीख से एक-दो दिन पहले दोबारा से कमेटी की बैठक में शामिल होने को लेकर हामी भर देते। इस से समिति के सचिवालय को सर्ज प्राइसिंग पर टिकट खरीदना पड़ता। इसमें होता ये था कि 3-4 हजार वाला टिकट आखिरी वक्त में 15-16 हजार रुपए का मिलता। सांसदों को पहले वाले टिकट के मुकाबले ज्यादा भत्ता मिलता। सरकार ने इस प्रावधान को वापस ले लिया है। अब पहली बार बुक किए गए टिकट के आधार पर ही भत्ता मिलेगा, ना कि सर्ज प्राइसिंग वाले टिकट पर।

हालांकि सांसदों की लंबे समय से चली आ रही वेतन-भत्ते बढ़ाने की मांग को सरकार ने मंजूर कर लिया है। बजट में हुई घोषणा के मुताबिक सांसदों के वेतन भत्ते संबंधी कानून में बदलाव होगा। हर पांच साल में महंगाई दर के आधार पर वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी होगी। सूत्रों के मुताबिक 1 अप्रैल 2018 से सांसदों का वेतन 50 हजार से बढ़कर एक लाख रुपए हो जाएगा। वेतन-भत्तों को लेकर सरकार इसी बजट सत्र में कानून में संशोधन करेगी ताकि 1 अप्रैल 2018 से इन्हें लागू किया जा सके।

सांसद अपनी सैलरी बढ़ाने को लेकर एकजुट हो इसे पारित करा लेते थे। इस मामले मेंे एक कमेटी बनाने का सुझाव भी यूपीए सरकार में आया था, जिस पर अमल नहीं हो पाया। अब मोदी सरकार ने इसके लिए अलग से मैकेनिज्म बना दिया है। केंद्र को उम्मीद है कि आने वाले समय में राज्य भी ऐसे प्रावधान कर सकते हैं।



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