--Advertisement--

लागू होगा नया ई-वेस्ट कानून मोबाइल-टीवी हो जाएंगे महंगे

राजीव कुमार| नई दिल्ली rajeev.kumar2@dbcorp.in अप्रैल से देश में इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट (ई-वेस्ट) कानून नए रूप में लागू होने जा रहा...

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2018, 04:05 AM IST
लागू होगा नया ई-वेस्ट कानून मोबाइल-टीवी हो जाएंगे महंगे
राजीव कुमार| नई दिल्ली rajeev.kumar2@dbcorp.in

अप्रैल से देश में इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट (ई-वेस्ट) कानून नए रूप में लागू होने जा रहा है। सरकार जल्द इस संबंध में अधिसूचना जारी करेगी। ई-वेस्ट के नए नियम लागू होने के बाद कंप्यूटर, मोबाइल और टेलीविजन जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान 1 से 1.5% तक महंगे हो सकते हैं। इसका कारण है कि हर साल कंपनियों को तय सीमा में पुराने उत्पादों को रिसाइकिल कराना अनिवार्य होगा।

औद्योगिक संगठन सीआईआई से जुड़े कमल शर्मा के मुताबिक उत्पादक कंपनियों पर पुराने आइटम सिर्फ रिसाइकिल के लिए भेजने की जिम्मेदारी होगी। इसके लिए उन्हें सेंटर खोलने होंगे और पुराने उत्पादों को रिसाइकलिंग यूनिट तक भेजना होगा। ई-वेस्ट कानून से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कदम उपभोक्ताओं की सेहत के लिए काफी लाभदायक होगा। क्योंकि ई-वेस्ट से निकलने वाले कैमिकल से कैंसर तक का खतरा रहता है। इलेक्ट्रॉनिक सामान की रिसाइकिलिंग अनिवार्य होने से रिसाइकलिंग क्षेत्र में नए निवेश का रास्ता भी खुलेगा। ई-वेस्ट को लेकर वर्ष 2016 में ही कानून बना दिया था, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा था। नियम को लागू करवाने के लिए इसमें संशोधन किया है। इसे ही अधिसूचित किया जाएगा।

संशोधित नियमों पर अधिसूचना जल्द ही जारी करेगी केंद्र सरकार

कंपनियां हर साल भरेंगी रिसाइकिलिंग का रिटर्न

हर साल 20% ई-वेस्ट करना होगा रिसाइकिल

नए नियम के लागू होने के बाद कंपनियों को हर साल बेचे गए उत्पाद के वजन के 20% वजन के पुराने आइटम को रिसाइकिल के लिए भेजना होगा। जो कंपनियां पांच साल पुरानी नहीं

है, उन्हें 20% की जगह 5% रिसाइकिलिंग करनी होगी।

17

लाख मीट्रिक टन ई-वेस्ट पैदा हुआ था भारत में 2014 में

1000

के करीब टॉक्सिन होते हैं ई-वेस्ट में, गंभीर बीमारी संभव

लाइफ स्पैन तय होगा... यानी कितने साल पुराना ई-वेस्ट हो रिसाइकिल

संशोधित नियमों में इलेक्ट्रॉनिक आइटमों का लाइफ स्पैन भी तय होगा। इसके तहत टेलीविजन का लाइफ स्पैन 10 साल, कंप्यूटर का 7 साल तो मोबाइल फोन का 5 साल निर्धारित हो सकता है। यानी लाइफ स्पैन से तय होगा कि कंपनियां कितने साल पुराने ई-वेस्ट को रिसाइकिल कर सकती हैं।

देश में कुल ई-वेस्ट में 70 % कंप्यूटर पार्ट्स

उदाहरण से समझें... माने लें एक टीवी निर्माता कंपनी ने वर्ष 2018-19 में कुल 1000 किलो वजन के टीवी बनाए। तो उसे 2008 से पहले के 200 किलो वजन के टीवी रिसाइकिल के लिए भेजने होंगे। ये किसी भी कंपनी के हो सकते हैं।


12%

टेलीकम्यूनिकेशन इक्विपमेंट होते हैं ई-वेस्ट में

08%

इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट होते हैं

12% टेली कम्यूनिकेशन इक्विपमेंट होते हैं

08% इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट होते हैं

उपभोक्ताओं से पुराना आइटम नहीं खरीदना होगा

 कंपनियों को रिसाइकिलिंग के लिए ई-वेस्ट कहां से मिलेगा?

यह कंपनियों की जिम्मेदारी होगी। उन्हें ई-वेस्ट जुटाने के लिए योजना बनानी होगी। कलेक्शन सेंटर खोलने होंगे।

 तो क्या उपभोक्ताओं को पुराने माल के दाम मिलेंगे?

नहीं ऐसा नहीं है। उपभोक्ता से अलग से पुराना इलेक्ट्रॉनिक आइटम खरीदना जरूरी नहीं है। हालांकि यह कंपनी की ई-वेस्ट की जरूरतों पर निर्भर करेगा।

 कंपनियां ई-वेस्ट कहां इकट्‌ठा करेंगी और कहां भेजेंगी?

इसके लिए कंपनियों को अलग सेंटर खोलने होंगे और सामान को रिसाइकिलिंग यूनिट भेजना होगा।

 कंपनी रिसाइकिलिंग कर रही है। इसकी निगरानी कैसे होगी?

कंपनियां हर साल रिसाइकिलिंग के डाटा दाखिल करेंगी। नियम की अनदेखी की तो उत्पादन पर भी रोक लगाई जा सकती है।

07%

मेडिकल इक्विपमेंट होते हैं

X
लागू होगा नया ई-वेस्ट कानून मोबाइल-टीवी हो जाएंगे महंगे
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..