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भूकंप पर हाईकोर्ट के जज बोले - अभी तो कम स्तर पर आया है, अगर लगातार ऐसा हुआ तो बदल जाएगी दिल्ली की सूरत, तुरंत काम करना होगा

अमित कसाना | नई दिल्ली Amit.kasana@dbcorp.in हाईकोर्ट के जस्टिस एस रविंद्र भट्ट और जस्टिस एके चावला की डबल बेंच ने कहा कि यमुना...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 04:10 AM IST

अमित कसाना | नई दिल्ली Amit.kasana@dbcorp.in

हाईकोर्ट के जस्टिस एस रविंद्र भट्ट और जस्टिस एके चावला की डबल बेंच ने कहा कि यमुना नदी अपनी जगह से शिफ्ट हो रही है। आज कम स्तर का भूकंप आया है। अगर इस तरह लगातार छोटे-छोटे भूकंप आए तो सब चीजों का स्वरूप बदल जाएगा। हमें इस समस्या पर तुरंत कुछ करना होगा। कुछ भी स्थायी नहीं होता। कुछ भी परफेक्ट नहीं होता। हाईकोर्ट ने बुधवार को साउथ दिल्ली के कुछ एरिया में वाटर लेवल बढ़ने पर यह मौखिक टिप्पणी की।

राजधानी की सिद्धार्थ एंक्लेव, सनलाइट कॉलोनी समेत अन्य जगह बढ़े वाटर लेवल के मामले में सुनवाई कर रहे थे जज

पानी बढ़ने से मकानों की नींव कमजोर हो रही है

याचिकाकर्ता मोहन लाल आहूजा का दावा है कि पानी का लेवल बढ़ने से सिद्धार्थ एंक्लेव, सिद्धार्थ एक्सटेंशन समेत आसपास रहने वाले करीब 4 लाख लोग इससे प्रभावित हैं। पानी बढ़ने से उनके मकानों की नींव कमजोर हो रही है और अगर भूकंप आया तो जानमाल का बड़ा नुकसान होगा। वहीं, सुनवाई के दौरान दिल्ली जल बोर्ड के वकील सुमित पुष्करणा ने हाईकोर्ट को बताया कि सिद्धार्थ एंक्लेव से रोजाना 10 लाख लीटर पानी जमीन से निकाला जा रहा है।

हाईकोर्ट ने साउथ दिल्ली के कुछ एरिया में वाटर लेवल बढ़ने पर की मौखिक टिप्पणी

याचिकाकर्ता- 2010 से पानी का लेवल बढ़ने की समस्या है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।

जल बोर्ड के वकील- सेंट्रल ग्राउंड वॉटर बोर्ड की सिफारिश के बाद मौके से रोजाना 10 लाख लीटर पानी निकाला जा रहा है। इससे वाटर लेवल में कमी आई है।

याचिकाकर्ता-दो माह में तीन मीटर पानी कम होने की बात कही गई थी। लेकिन ऐसा कतई नहीं हुआ। सिफारिशों से कोई लाभ नहीं।

जस्टिस एस रविंद्र भट्ट- यह यमुना का नैचुरल पानी है। इसका कोई तो समाधान करना होगा।

याचिकाकर्ता- यह यमुना समेत जल बोर्ड का सप्लाई पानी है जो ओवरफ्लो होकर पुराने कनेक्शन में जा रहा है। पूर्व में स्थानीय पार्क में बोरवेल कर पानी की आपूर्ति करते थे।

जल बोर्ड के वकील- जल बोर्ड की पाइपलाइन कहीं भी लीक नहीं। यह यमुना का ही पानी है।

जस्टिस- यमुना अपनी जगह से शिफ्ट हो रही है। आज कम स्तर पर भूंकप आया है। अगर ऐसे छोटे-छोटे भूंकप आए तो सब चीजें बदल जाएंगी। कुछ स्थायी नहीं होता।

जल बोर्ड के वकील- दिल्ली में दो जगह एक सिद्धार्थ एंक्लेव, दूसरा महरौली के पास कालू राम कॉम्प्लेक्स में भूमिगत लेवल का स्तर ऊंचा है। पांच से सात फुट में ही पानी आ जाता है।

जस्टिस- हमें इस पर तुरंत काम करने की जरूरत है।

4 लाख लोग हैं प्रभावित

सिद्धार्थ एंक्लेव (ए,बी,सी) सिद्धार्थ एक्सटेंशन, जंगपुरा, किलोकरी, आश्रम, सनलाइट कॉलोनी, भगवान नगर, कालू राम कॉम्पलेक्स आदि इलाकों को लोग प्रभावित हैं।

भूंकप से जमीन हिलती और कांपती है। इससे चीजें कुछ खिसक जाती हैं। पानी का दबाव भी बढ़ जाता है। जहां कहीं यमुना के बाढ़ग्रस्त एरिया पर कंस्ट्रक्शन होगा यह प्रोब्लम आएगी। - श्यामकृष्णा गुप्ता, पर्यावरण एक्सपर्ट

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