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मंत्री जयंत, सांसद सिन्हा, अमिताभ, नीरा राडिया समेत 714 भारतीयों के पैसे विदेश में

पनामा लीक के 18 माह बाद पैराडाइज पेपर्स; सरकार ने दिए जांच के आदेश

Bhaskar News | Last Modified - Nov 07, 2017, 05:16 AM IST

मंत्री जयंत, सांसद सिन्हा, अमिताभ, नीरा  राडिया समेत 714 भारतीयों के पैसे विदेश में
नई दिल्ली. पनामा पेपर्स लीक होने के 18 महीने बाद पैराडाइज पेपर्स नाम से एक और बड़ा वित्तीय डेटा सामने आया है। इसमें उन फर्मों और ऑफशोर कंपनियों की जानकारी है, जो दुनियाभर में अमीरों का पैसा विदेश भेजने में मदद करती हैं। लीक हुए 1.34 करोड़ दस्तावेजों में भारत से केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, भाजपा के राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा, अमिताभ बच्चन, संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त (दिलनशीं नाम से), लॉबिस्ट नीरा राडिया, फोर्टिस-एस्कॉर्ट्स अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ, विजय माल्या सहित 714 नाम हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि किस-किसका निवेश अवैध है। यह खुलासा पनामा पेपर्स का खुलासा करने वाले जर्मनी के जीटॉयचे साइटुंग अखबार ने किया है।
#आरोपों पर भाजपा सांसद ने लिखा- मेरा मौन व्रत, मंत्री जयंत बोले- जो कहना था कह चुके...
आरके सिन्हा पर आरोप:इनकी फर्म एसआईएस की विदेश में दो कंपनियां हैं। माल्टा की कंपनी में माइनॉरिटी शेयर होल्डर हैं। उनकी पत्नी डायरेक्टर हैं। सिन्हा ने चुनावी हलफनामे में इसकी जानकारी नहीं दी।
सफाई:सिन्हा ने पहले चुप्पी साधी। फिर रिपोर्टर से पेन मांगा। कार से ही कागज पर लिखकर बताया- सात दिन के भागवत यज्ञ में मौन व्रत हैं।
जयंत सिन्हा पर आरोप:|सितंबर 2009 से दिसंबर 2013 तक ओमिडयार के भारत में एमडी थे। कार्यकाल में कंपनी ने डी लाइट डिजाइन में निवेश किया। डी लाइट डिजाइन ने 30 लाख डॉलर का लोन लिया था। बतौर स्वतंत्र निदेशक नवंबर 2014 तक जुड़े रहे।
सफाई:लेन-देन का संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष खुलासा किया गया था। ओमिडयार के प्रतिनिधि के तौर पर लेन-देन किए थे, न कि व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए। केंद्र में मंत्री बनते ही मैंने कंपनी छोड़ दी थी।
अमिताभ बच्चन: कौन बनेगा करोड़पति के पहले सीजन के बाद बरमूडा की डिजिटल मीडिया कंपनी में पैसा लगाया। कंपनी 2002 में बनी थी और 2005 में इसे खत्म कर दिया गया। पनामा पेपर्स में भी इनका नाम आया था।
विजय माल्या:माल्या ने 7 वर्षों में कर्ज के 1.5 अरब डॉलर 4 कंपनियों में भेजे। एक कंपनी ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और 3 इंग्लैंड में हैं।
डॉ. अशोक सेठ:फोर्टिस-एस्कॉर्ट्स के चेयरमैन। स्टेंट बनाने वाली सिंगापुर की कंपनी ने उन्हें शेयर दिए, सेठ ने मरीजों को इसी के स्टेंट लगाने को कहा।
मान्यता दत्त:मान्यता दत्त का पहले दिलनशीं नाम था। बहामास रजिस्ट्री के अनुसार उन्हें अप्रैल 2010 में नसजय कंपनी लिमिटेड का एमडी और ट्रेजरर नियुक्त किया गया। उस वक्त कंपनी की पूंजी 5,000 डॉलर (करीब 3 लाख रुपए) बताई गई।
पनामा से बड़ा हो सकता है
पनामा लीक का डेटा 2.6 टेराबाइट्स था। 1.15 करोड़ दस्तावेजों में 2010 के विकीलीक्स केबल्स से 1500 गुना ज्यादा जानकारी थी। पैराडाइज पेपर्स का डेटा अभी 1.4 टेराबाइट्स में है।
पनामा पर बना मल्टी एजेंसी ग्रुप करेगा जांच
- पनामा पेपर्स पर गठित मल्टी एजेंसी ग्रुप पैराडाइज पेपर्स की भी जांच करेगा। इसमें सीबीडीटी, ईडी, फाइनेंशल इंटेलिजेस यूनिट, रिजर्व बैंक के अधिकारी शामिल
- सेबी कंपनियों और प्रमोटर्स द्वारा फंड की हेराफेरी और कंपनी संचालन में खामी की जांच करेगा। विदेशी नियामकों से जानकारी मांगी जाएगी।
एंबुलेंस घोटाले से जुड़ी कंपनी में रह चुके सचिन पायलट, कार्ति के भी नाम
- पैराडाइज पेपर्स में राजस्थान एंबुलेंस घोटाले से जुड़ी जिक्यूस्ता हेल्थकेयर कंपनी का भी नाम है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट, पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम के बेटे कार्ति पूर्व में इसके मानद या स्वतंत्र डायरेक्टर थे।
- मीडिया कंपनी सन ग्रुप एपलबी का दूसरा सबसे बड़ा क्लाइंट है। एस्सार-लूप, एसएनसी लावलिन के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति के कई मंत्री, ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय, पाक के पूर्व पीएम शौकत अजीज के भी नाम हैं।
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