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दो घंटे तड़पता रहा ढाई साल का मासूम, इलाज न मिलने से मौत

4 नवंबर को बिंदापुर श्मशान घाट के पास रहने वाले रामदेव माथुर की पत्नी दुर्गा देवी खाना बना रही थी।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 14, 2017, 06:05 AM IST

दो घंटे तड़पता रहा ढाई साल का मासूम, इलाज न मिलने से मौत
नई दिल्ली. दिल्ली के सरकारी अस्पताल और पुलिस की संवेदनहीनता एक बार फिर सामने आई है। दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार को ड्रेसिंग न किए जाने के कारण एक ढाई साल के मासूम की मौत हो गई। परिजनों ने जब डॉक्टरों की लापरवाही पर हंगामा किया तो पुलिस ने परिजनों की मदद करने के बजाए शव अपने कब्जे में ले लिया और रात 11 बजे तक नहीं सौंपा। परिजनों का कहना है कि पुलिस कह रही है कि मामला डाबड़ी थाने का है, जब तक वहां के थाने की पुलिस आकर कार्रवाई नहीं करती, शव मरच्यूरी में ही रहेगा।
4 नवंबर को गैस ब्लास्ट से झुलसा था बच्चा
4 नवंबर को बिंदापुर श्मशान घाट के पास रहने वाले रामदेव माथुर की पत्नी दुर्गा देवी खाना बना रही थी। इसी दौरान गैस लीक होने से ब्लास्ट हो गया और घर के सात लोग बुरी तरह झुलस गए। इसमें ढाई साल का सोनू भी शामिल था। डॉक्टरों ने परिजनों को उसकी रोज ड्रेसिंग करवाने की सलाह दी थी। इसी क्रम में जब सोनू के चाचा और पिता बच्चे की ड्रेसिंग करवाने के लिए सुबह छह बजे डीडीयू की इमरजेंसी पहुंचे तो डॉक्टरों ने उन्हें यह कहते हुए अस्पताल से भगा दिया कि ओपीडी में जाओ। दो घंटे तड़पने के बाद मासूम ने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस का वही जवाब- अभी जांच करेंगे
इस संबंध में जांच की जा रही है कि थाना क्षेत्र में घटी घटना के संदर्भ में किन अफसरों की ड्यूटी लगी थी। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।-सीबेश सिंह, डीसीपी, साउथ वेस्ट
..और एमएस फोन नहीं उठा रहे
इस मामले को लेकर जब डीडीयू अस्पताल के एमएस डॉ. एके मेहता से संपर्क करने की कोशिश की गई तो करीब 10 बार कॉल करने के बाद भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
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