इस महिला ने 10 हजार में शुरू की थी कंपनी, आज हैं करोड़ों की मालकिन / इस महिला ने 10 हजार में शुरू की थी कंपनी, आज हैं करोड़ों की मालकिन

किरण ने घर के गैराज से 10 हजार रुपए से काम शुरू किया। उन्हें पौधों से एंजाइम निकाल कर सप्लाई करना था।

Bhaskar News

May 11, 2016, 12:31 AM IST
किरण मजूमदार को पद्मश्री और पद्मभूषण मिल चुका है। किरण मजूमदार को पद्मश्री और पद्मभूषण मिल चुका है।
नई दिल्ली. बात मार्च 1978 की है। किरण मजूमदार बड़ौदा से दिल्ली आ रही थीं। उन्हें स्कॉटलैंड जाना था। शराब कंपनी मोरे फर्थ मॉल्टिंग्स ज्वाइन करने। किरण तीन साल पहले ऑस्ट्रेलिया से ब्रूविंग में डिग्री लेकर लौटी थीं। चार साल तक कार्लटन एंड यूनाइटेड बेवरेजेज में ट्रेनी ब्रूवर के तौर पर काम करने के बावजूद यहां नौकरी मिलने में परेशानी हो रही थी। उन दिनों भारत की शराब कंपनी में महिला को ब्रू-मास्टर नहीं रखा जाता था। किरण को कैसे मिली जॉब...
- किरण के पिता रसेंद्र मजूमदार बेंगलुरु में यूनाइटेड ब्रूवरीज में चीफ ब्रूमास्टर थे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने बड़ौदा में ही मॉल्टिंग कंपनी खोल ली थी।
- इससे पहले कि किरण शराब कंपनी में जातीं, जाने-माने आयरिश एंटरप्रन्योर लेस ऑचिंक्लॉस ने उन्हें बुलाया। ऑचिंक्लॉस ने उन्हें एक बिजनेस शुरू करने का प्रस्ताव दिया। किरण पहले इसके लिए तैयार नहीं हुईं। तब ऑचिंक्लॉस ने कहा, ‘आप सिर्फ एक साल के लिए यह काम कीजिए। उसके बाद भी काम पसंद न आया तो मैं स्कॉटलैंड की उसी कंपनी में या इंग्लैंड की किसी दूसरी ब्रूविंग कंपनी में नौकरी दिलवा दूंगा।’
- ऑचिंक्लॉस ने अपनी इंटरनेशनल कंपनी ‘बायोकॉन बायोकेमिकल्स’ के लिए 25 साल की किरण को भारत में पार्टनर चुना था। वह आयरिश कंपनी में ट्रेनी मैनेजर बन गईं
- उसी साल भारत में बायोकॉन इंडिया की स्थापना की। उन दिनों बायोटेक्नोलॉजी बिल्कुल नया विषय था। कोई इसमें पैसे नहीं लगाना चाहता था। बैंक भी लोन नहीं दे रहे थे। महिला एंटरप्रेन्योर होने के कारण भी कोई भरोसा नहीं कर रहा था।
10 हजार रुपए में शुरू किया था बिजनेस

- आखिरकार ऑचिंक्लॉस ने किरण को 10,000 पाउंड (अब 9.5 लाख रुपए) की रकम दी।
- किरण ने घर के गैराज से 10 हजार रुपए से काम शुरू किया। आज इनकी कंपनी बायोकॉन 12 हजार करोड़ की हो गई है और यहां 8 हजार लोग काम करते हैं।
- उन्हें पौधों से एंजाइम निकाल कर सप्लाई करना था। उसके बाद जो हुआ, वह इतिहास बन गया।
- भरोसा बढ़ा तो किरण ने 1998 में बायोकॉन को पूरी तरह भारतीय रिसर्च कंपनी बनाने का फैसला किया। वह 2004 में आईपीओ लेकर आईं, जो 33 गुना सब्सक्राइब हुआ।
- रातों-रात बायोकॉन एक बिलियन डॉलर (तब 4,500 करोड़ रुपए) की कंपनी और किरण देश की सबसे अमीर महिला बन गईं।
- जब किरण ने करियर शुरू किया तब भारत में किसी महिला के लिए कंपनी खोलनी नई बात थी, लेकिन उन्होंने कभी इसकी परवाह नहीं की।
- 23 मार्च 1953 को बेंगलुरु में जन्मी किरण ने स्कूली शिक्षा बिशप्स कॉटन गर्ल्स हाई स्कूल से की।
- पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किरण महिला एंटरप्रेन्योर में भारत की ब्रांड एंबेसडर हैं।
मैं कर सकती हूं तो आप क्यों नहीं
किरण मजूमदार का कहना है कि मेरा पूरा जीवन गैर-पारंपरिक रहा है। पिता हमेशा गैर-पारंपरिक काम करने के लिए प्रोत्साहित करते थे। अगर आपको ऐसा समर्थन मिलता है तो फिर कोई आपको रोक नहीं सकता।
आगे की स्लाइड्स में देखें, किरण मजूमदार की अन्य फोटोज...
किरण की कंपनी बायोकॉन 12 हजार करोड़ की है। किरण की कंपनी बायोकॉन 12 हजार करोड़ की है।
8 हजार लोगों को मिली है इसमें नौकरी। 8 हजार लोगों को मिली है इसमें नौकरी।
विजय माल्या के साथ किरण मजूमदार विजय माल्या के साथ किरण मजूमदार
जब किरण ने करियर शुरू किया तब भारत में किसी महिला के लिए कंपनी खोलनी नई बात थी जब किरण ने करियर शुरू किया तब भारत में किसी महिला के लिए कंपनी खोलनी नई बात थी
23 मार्च 1953 को बेंगलुरु में जन्मी किरण ने स्कूली शिक्षा बिशप्स कॉटन गर्ल्स हाई स्कूल से की। 23 मार्च 1953 को बेंगलुरु में जन्मी किरण ने स्कूली शिक्षा बिशप्स कॉटन गर्ल्स हाई स्कूल से की।
2004 में जब किरण अपनी कंपनी का आईपीओ लेकर आईं तब वह 33 गुना सब्सक्राइब हुआ। 2004 में जब किरण अपनी कंपनी का आईपीओ लेकर आईं तब वह 33 गुना सब्सक्राइब हुआ।
पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किरण महिला एंटरप्रेन्योर में भारत की ब्रांड एंबेसडर हैं। पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किरण महिला एंटरप्रेन्योर में भारत की ब्रांड एंबेसडर हैं।
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किरण मजूमदार को पद्मश्री और पद्मभूषण मिल चुका है।किरण मजूमदार को पद्मश्री और पद्मभूषण मिल चुका है।
किरण की कंपनी बायोकॉन 12 हजार करोड़ की है।किरण की कंपनी बायोकॉन 12 हजार करोड़ की है।
8 हजार लोगों को मिली है इसमें नौकरी।8 हजार लोगों को मिली है इसमें नौकरी।
विजय माल्या के साथ किरण मजूमदारविजय माल्या के साथ किरण मजूमदार
जब किरण ने करियर शुरू किया तब भारत में किसी महिला के लिए कंपनी खोलनी नई बात थीजब किरण ने करियर शुरू किया तब भारत में किसी महिला के लिए कंपनी खोलनी नई बात थी
23 मार्च 1953 को बेंगलुरु में जन्मी किरण ने स्कूली शिक्षा बिशप्स कॉटन गर्ल्स हाई स्कूल से की।23 मार्च 1953 को बेंगलुरु में जन्मी किरण ने स्कूली शिक्षा बिशप्स कॉटन गर्ल्स हाई स्कूल से की।
2004 में जब किरण अपनी कंपनी का आईपीओ लेकर आईं तब वह 33 गुना सब्सक्राइब हुआ।2004 में जब किरण अपनी कंपनी का आईपीओ लेकर आईं तब वह 33 गुना सब्सक्राइब हुआ।
पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किरण महिला एंटरप्रेन्योर में भारत की ब्रांड एंबेसडर हैं।पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किरण महिला एंटरप्रेन्योर में भारत की ब्रांड एंबेसडर हैं।
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