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पीओके वापस लेने से कोई नहीं रोक सकता : अहीर

फारूक अब्दुल्ला के विवादित बयान का केंद्रीय मंत्री ने दिया करारा जवाब

Danik Bhaskar | Nov 17, 2017, 07:37 AM IST

नई दिल्ली. पीओके पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला के विवादित बयान पर केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि भारत यदि पाकिस्तान से पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) लेना चाहे तो उसे कोई रोक नहीं सकता।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पीओके भारत का हिस्सा है। एक दिन पहले ही फारूक ने कहा था कि पीओके पाक हिस्सा है। लाइन ऑफ कंट्रोल के पास उरी सेक्टर में फारूक ने कहा था, 'आखिर कब तक ऐसे ही बेगुनाह लोगों का खून बहता रहेगा और हम कहते रहेंगे कि पीओके हमारा हिस्सा है।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अहीर ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) पिछली सरकारों की गलतियों की वजह से पाकिस्तान के अधीन है। यहां एक कार्यक्रम से अलग उन्होंने कहा, पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भारत का हिस्सा है और पिछली सरकारों की गलतियों की वजह से यह पाकिस्तान के पास है। यदि हम पीओके वापस लेने का प्रयास करते हैं तो हमें कोई रोक नहीं सकता क्योंकि यह हमारा अधिकार है। मंत्री ने यह भी कहा कि भारत पाकिस्तान से यह क्षेत्र वापस लेने का प्रयास करेगा। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने पिछले हफ्ते भी विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) पाकिस्तान का हिस्सा है और उसे पाकिस्तान से कोई छीन नहीं सकता।

आर्मी चीफ बिपिन रावत बोले- जंग का तरीका बदला, बॉर्डर पर चलानी होंगी बख्तरबंद गाड़ियां
सेना प्रमुख बिपिन रावत ने सीमा पर बख्तरबंद गाड़ियों को चलाने की क्षमता पर जोर दिया। पाकिस्तान और चीन से मिल रही चुनौतियों के बीच उन्होंने कहा कि इलाके के स्वरूप में बदलाव आ रहा है और ऐसे में भविष्य में होने वाली किसी भी जंग के लिए हमें खुद को तैयार रखना होगा।

रावत ने जोर देकर कहा, ‘सैन्य वाहन जैसे - युद्धक टैंक व बख्तरबंद गाड़ियों में पश्चिम के साथ उत्तरी सीमा पर भी संचालित किए जाने की क्षमता होनी चाहिए। भविष्य में होने वाली युद्ध की प्रकृति मिलीजुली होगी और सुरक्षा बलों को इससे निपटने के लिए क्षमता के निर्माण की जरूरत है।’ नई दिल्ली में आयोजित ‘फ्यूचर आर्मर्ड व्हीकल्स इंडिया 2017’ पर आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने यह बयान दिया।