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कोर्ट में 7 माह के अंदर दूसरी हत्या, पेशी पर आए कैदी को सिर में मारी गोली

परिजनों की मानें तो विनोद की हत्या पैसों के लेनदेन के कारण की गई है।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 14, 2017, 06:09 AM IST

  • कोर्ट में 7 माह के अंदर दूसरी हत्या, पेशी पर आए कैदी को सिर में मारी गोली
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    नई दिल्ली. सात साल से फरार एक आरोपी जब तक फरार था तो जिंदा था, पिछली 30 अक्टूबर को उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पहली ही पेशी में सोमवार को कोर्ट परिसर में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात प्रशांत विहार स्थित रोहिणी कोर्ट में हुई। मृतक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से ही हमलावर को हथियार समेत गिरफ्तार कर लिया।
    उधर, कोर्ट में लगातार हो रही वारदातों के बाद चौकी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से निलंबित और एसएचओ प्रशांत विहार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। जबकि आरोपी पर अार्म्स एक्ट और हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जिला पुलिस उपायुक्त के अनुसार विनोद कुमार ने 30 अक्टूबर को ही धोखाधड़ी के सात साल पुराने मामले कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उसे तिहाड़ जेल भेज दिया गया था।
    सोमवार को दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन उसे जेल से पेशी के लिए रोहिणी कोट लेकर आई थी। कोर्ट संख्या 107 में पेश कर पुलिसकर्मी विनोद को कोर्ट लॉकअप में बंद करने के लिए ले जा रहे थे।
    उसी दौरान रैम्प से कैदी के साथ पुलिसकर्मी परिसर में स्थित चौकी से सटे कैंटीन के सामने पहुंचे ही थी तभी पीछे से आरोपी अब्दुल खान ने कट्टा सटाकर विनोद के सिर में गोली मार दी। कोर्ट परिसर में फायरिंग से भगदड़ मच गई। वहां मौजूद लोगों और वकीलों की मदद से पुलिसकर्मियों ने अब्दुल खान को हथियार के साथ मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस घायल अवस्था में विनोद को बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
    मां बोली- काश उधार दे देती, तो बेटा जिंदा होता
    बेटे की मौत की खबर से सदमे में बैठी विनोद की मां बार-बार एक ही बात दाेहरा रही थी कि मेरा बेटा मेरी गलती से मरा है। रूंधी आवाज में बात करते हुए विनोद की मां ने बताया कि वह दूसरों को पैसे उधार देती है, लेकिन उसने अपने बेटे को पैसे नहीं दिए। इसके चलते उसे बाहरी लोगों से पैसा उधार लेना पड़ा, जो उसकी मौत का कारण बना।
    उधर, परिजनों ने बताया कि विनोद के घर में अब कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा है क्योंकि विनोद के भाई की भी तीन साल पहले एक दुर्घटना में मौत हो गई थी। ऐसे में अब उसके घर में विनोद की पत्नी, मां और दो छाेटे बच्चे ही बने हैं।
    पैसों के लेनदेन के कारण हुई हत्या
    परिजनों की मानें तो विनोद की हत्या पैसों के लेनदेन के कारण की गई है। विनोद ने गाड़ियों के पार्ट बेचने का काम शुरू किया था। बवाना निवासी राहुल से पैसों को लेकर विनोद का कई बार झगड़ा हो चुका था और झगड़े के दौरान उसने विनोद को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
    नीरज की गैंग से जुड़ा है आरोपी
    आरोपी अब्दुल खान नीरज बवानिया के गैंग से जुड़ा है। माना जा रहा है कि या तो विनोद की हत्या उसके दुश्मन ने नीरज गैंग के लोगों को सुपारी देकर कराई है या फिर विनोद का नीरज के प्रतिद्वंदी गैंग से संबंध हो सकता है।
    दो दिन पहले ही की थी रेकी
    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने दो दिन पहले ही कोर्ट जाकर रेकी की थी। इसलिए उसने आसानी से वारदात को अंजाम दे दिया। जैसे ही विनोद कोर्ट से बाहर आया ताे अब्दुल ने सिर पर कट्टा सटाकर गोली मार दी।
    इस साल रोहिणी कोर्ट में दूसरी हत्या
    रोहिणी कोर्ट में लगातार बड़ी वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। विनोद की हत्या इस वर्ष में ही दूसरी वारदात को अंजाम दिया गया है। 29 अप्रैल को गैंगस्टर राजेश धूरमुट को हरियाणा पुलिस पेशी के लिए लाई थी। बाइक सवार बदमाशों ने कोर्ट परिसर में उसकी गोली मार कर हत्या कर दी।
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