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डीयू से श्रीराम और हिंदू कॉलेज होंगे अलग, लेंगे ऑटोनॉमी

यूजीसी की ऑटोनॉमी चर्चा में देशभर के 100 कॉलेजों के प्रिंसिपल और प्रतिनिधि हुए शामिल, बाहर होता रहा प्रदर्शन

Danik Bhaskar

Nov 17, 2017, 08:21 AM IST

नई दिल्ली. डीयू के एसआरसीसी और हिंदू कॉलेज डीयू से अलग होंगे। यह बात गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से स्वायत्तता पर आयोजित चर्चा में सामने आई है। चर्चा में डीयू के कॉलेजों के प्रिंसिपल के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों से आए कॉलेज प्रिंसिपल्स ने भी हिस्सा लिया। इस चर्चा का उद्देश्य डीयू के कॉलेजों को स्वायत्तता दिलाना और नामचीन कॉलेजों को डीम्ड यूनिवर्सिटी में परिवर्तित कर उनकी शाखाओं का विस्तार कराना है।

इसे लेकर लोधी रोड स्थित स्कोप भवन में गुरुवार को बैठक हुई। यूजीसी की ओर से कॉलेजों को इस दिशा में 10 नवंबर को पत्र जारी किया गया था। इस चर्चा को डीयू के लेक्चरर्स केंद्रीय विश्वविद्यालयों को निजीकरण की राह पर ले जाने वाला खाका बता रहे हैं।

डीयू शिक्षक संघ का विरोध-प्रदर्शन, लेक्चरर्स ने कहा- इन कॉलेजों में गरीब छात्रों को नहीं मिल पाए शिक्षा
गुरुवार सुबह 10 बजे ही डीयू कॉलेजों के प्रिंसिपल स्कोप भवन पहुंच गए। वहीं कुछ दूरी पर दयाल सिंह कॉलेज में डीयू शिक्षक संघ के बैनर तले लेक्चरर्स का विरोध-प्रदर्शन जारी था।

लेक्चरर्स का विरोध इस बात को लेकर था कि डीयू के नामचीन कॉलेज ऑटोनॉमी डूटा के अध्यक्ष डा. राजीव रे यूजीसी केंद्र सरकार के इशारे पर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कॉलेजों का निजीकरण करने जा रहा है। ऐसे में डीयू के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, हिंदू, सेंट स्टीफन, किरोड़ीमल, रामजस, हंसराज, मिरांडा हाउस कॉलेज, आईपी कॉलेज, एलएसआर जैसे कॉलेजों से गरीब छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना महज सपना रह जाएगा।

ऑटोनॉमी से पांच हजार में मिलने वाली शिक्षा मिलेगी लाखों में
डीयू एग्जिक्यूटिव काउंसिल के सदस्य डाॅ. राजेश झा ने कहा कि नामचीन कॉलेज अगर डीयू से अलग हो जाएंगे तो फिर डीयू की पहचान क्या रह जाएगी? इसके अलावा ऑटोनॉमी की राह केंद्रीय विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा को महंगी करना है।

अभी 5-10 हजार में मिल रही शिक्षा फिर लाखों रुपए में मिलेगी। क्योंकि ऑटोनॉमी के ड्रॉफ्ट में यह साफ लिखा है कि 70 फीसदी ग्रांट मिलेगी, बाकी की 30 फीसदी ग्रांट कॉलेजों को खुद जुटानी होगी।

डीयू एग्जिक्यूटिव काउंसिल के सदस्य डाॅ. एके भागी ने कहा कि उच्च शिक्षा को लेकर सरकार की सोच सकारात्मक नजर आ रही है। देश में 592 उच्च शिक्षण संस्थानों को स्वायत्तता दी गई है। ऐसे में अगर डीयू के कुछ कॉलेजों को ऑटोनॉमी मिले तो इसमें हर्ज क्या है?

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