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दुश्मन की निगरानी करने वाले सोनार अब देश में बनेंगे, नौसेना ने निजी कंपनी से किया करार

अब तक नौसेना की जरूरतों के लिए ये सोनार आयात किए जाते थे।

Danik Bhaskar | Nov 17, 2017, 07:31 AM IST

नई दिल्ली. समुद्र में पानी के भीतर हमलावर पर निगरानी करने वाले सोनार अब देश में बनेंगे। यह गोताखोरों या मानवरहित छोटी पनडुब्बियों के जरिये हमला रोकने के लिए होंगे। नौसेना बड़ी संख्या में नए सोनार खरीदने जा रही है। इसके लिए इजरायल की कंपनी डीएसआईटी तकनीक ट्रांसफर करेगी। अब तक नौसेना की जरूरतों के लिए ये सोनार आयात किए जाते थे।

रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि पोर्टेबल डाइवर डिटेक्शन सोनार (पीडीडीएस) की सप्लाई के लिए टाटा पावर एसईडी के साथ करार किया गया है। पहली बार कोई भारतीय कंपनी यह सोनार बनाने जा रही है। सरकार की “मेक इन इंडिया’ पॉलिसी के मुताबिक ये सोनार बेंगलुरू में बनाए जाएंगे। बेहद हल्का होने से इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है।


हवाई निगरानी सिस्टम खरीदेगी सेना
सेना 60 शॉर्ट रेंज रिमोट पायलट एयर क्राफ्ट सिस्टम भी खरीदने जा रही है, जिससे बड़े इलाकों की हवाई निगरानी दिन-रात की जा सके। ये सिस्टम किसी भी ऑपरेशन के दौरान सैनिकों को रीयल टाइम इलेक्ट्रॉनिक डेटा और इमेज मुहैया कराते हैं।

सेना चाहती है कि सिस्टम 200 किलोमीटर रेंज का हो और हरेक 10 घंटे उड़ान भरने की क्षमता रखता हो। इसके लिए गुरुवार को रिक्वेस्ट फॉर इन्फर्मेशन जारी की गई। इसमें कहा गया है कि ये सिस्टम भारतीय उद्यमी विकसित कर बनाएंगे। करार होने के दो साल में सप्लाई देनी होगी।