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गुजरात में कैदियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की इजाजत

आठ राज्यों के नौ विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी

Bhaskar News | Last Modified - Nov 06, 2017, 05:29 AM IST

गुजरात में कैदियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की इजाजत
नई दिल्ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आठ राज्यों के नौ विधेयकों को मंजूरी दे दी है। इनमें गुजरात दंड प्रक्रिया संहिता संशोधन और पश्चिम बंगाल का औद्योगिक संशोधन ड्राफ्ट भी शामिल है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि दंड प्रक्रिया संहिता (गुजरात संशोधन) विधेयक, 2017 पर काफी विचार के बाद राष्ट्रपति ने हाल में मंजूरी दी है। यह विधेयक विचाराधीन कैदियों को व्यक्तिगत पेशी के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की इजाजत देता है। कैदियों की सुरक्षा और उनकी पेशी के दौरान कम से कम पुलिसकर्मियों की तैनाती के लिए यह संशोधन किया गया है।
कर्नाटक के दो विधेयकों न्यूनतम मजदूरी कर्नाटक संशोधन विधेयक, 2017 और कर्नाटक समुद्री बोर्ड विधेयक, 2015 को भी राष्ट्रपति ने मंजूरी दी है। मजदूरी बिल 23 उद्योगों के श्रमिकों को बेहतर मजदूरी मुहैया कराने के लिए है, जबकि समुद्री बोर्ड विधेयक एक प्राधिकरण स्थापित करने का प्रस्ताव करता है, जो बंदरगाहों पर प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए रास्ते बताएगा।
औद्योगिक विवाद पश्चिम बंगाल संशोधन विधेयक 2016, औद्योगिक विवाद झाारखंड संशोधन विधेयक, 2016 और औद्योगिक विवाद केरल संशोधन विधेयक, 2016 को भी राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी। तीनों विधेयकों का मकसद, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच विवाद निपटाने के लिए नियम तय करना, कानून के तहत आने वाले कर्मचारियों का दायरा बढ़ाना और सभी औद्योगिक इकाइयों में शिकायत निवारण समितियां गठित करना है।

श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र विधेयक, 2016 को भी मंजूरी दे दी गई है। यह विधेयक हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना में सहायता करेगा। राष्ट्रपति ने दंत चिकित्सक आंध्र प्रदेश संशोधन विधेयक, 2017 और भारतीय स्टाम्प मध्यप्रदेश संशोधन विधेयक, 2016 को भी मंजूरी दे दी है।
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