अाईएनएस ने अखबारी कागज पर 10% कस्टम ड्यूटी वापस लेने की अपील की

New-delhi News - इंडियन न्यूजपेपर साेसाइटी (अाईएनएस) की कार्यकारी समिति ने शुक्रवार काे अापात बैठक बुलाकर सरकार से अखबारी कागज,...

Jul 27, 2019, 07:20 AM IST
इंडियन न्यूजपेपर साेसाइटी (अाईएनएस) की कार्यकारी समिति ने शुक्रवार काे अापात बैठक बुलाकर सरकार से अखबारी कागज, अखबाराें की छपाई में इस्तेमाल हाेने वाले अनकाेटेड पेपर अाैर मैगजीन की छपाई में काम अाने वाला लाइटवेट काेटेड पेपर पर 10% कस्टम ड्यूटी वापस लेने की अपील की है। अाईएनएस ने सरकार से अखबार उद्याेग काे बचाने के लिए हस्तक्षेप कर ड्यूटी खत्म करने की मांग की है। छह जुलाई काे सरकार ने इस बारे में अधिसूचना जारी की थी।

संगठन ने कहा है कि देश में मानक अखबारी कागज की कुल खपत 25 लाख टन है जबकि देश में केवल 10 लाख टन अखबारी कागज निर्माण की क्षमता है। एेसा लगता है कि घरेलू निर्माताअाें ने सरकार काे यह गलत जानकारी दी है कि वे स्थानीय जरूरत काे पूरा करने में समर्थ हैं। इसके अलावा देश में बनने वाला अखबारी कागज गुणवत्ता के मामले में अायातित कागज से कमतर है जिससे अाधुनिक प्रिंटिंग प्रेस में उसका कम इस्तेमाल हाेता है। छपाई में घरेलू अखबारी कागज अायातित की तुलना में तीन गुना ज्यादा फटता है िजससे नुकसान अधिक हाेता है। कई मिलाें काे प्रदूषण काे लेकर प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड ने नाेटिस दिए हुए हैं। इससे कभी भी इनकी सप्लाई बंद हाेने का भी खतरा है। वहीं अनकाेटेड (ग्लेज्ड) अाैर लाइटवेट काेटेड (एलडब्लूसी) का ताे देश में उत्पादन ही नहीं हाे रहा है। संगठन ने कहा कि अखबार अाैर मैगजीन के प्रकाशक विज्ञापनाें से घटती अामदनी, बढ़ती लागत अाैर डिजिटल मीडिया के कारण पहले ही दबाव का सामना कर रहे हैं। दस फीसदी कस्टम ड्यूटी के कारण छाेटे अाैर मझाेले अखबाराें काे बहुत नुकसान हाेगा अाैर कई बंद हाे जाएंगे।

कार्यकारी समिति की अापात बैठक में मांग

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