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बेटे को छोड़ने के लिए व्यापारी से मांगी थी 2 करोड़ की फिरौती, पुलिस ने 5 किडनैपर्स को 8 घंटे में किया अरेस्ट

दुकान पर काम करने वाले नौकरों ने क्राइम पेट्रोल देख बनाई योजना

Danik Bhaskar | Sep 09, 2018, 04:27 AM IST

  • किडनैपिंग के लिए दुकान पर काम करने वाले आरोपियों ने ली थी छुट्टी
  • मयूरविहार फेस-3 में पढ़ता था छात्र, गुरुवार को हुआ था अपहरण, खोड़ा के वंदना इन्क्लेव से बरामद

गाजियाबाद. दिल्ली के मयूर विहार फेस-3 से शुक्रवार दोपहर किडनैप हुए छात्र को गाजियाबाद पुलिस ने 8 घंटे के अंदर सकुशल बरामद कर लिया। किडनैपरों ने छात्र के पिता से 2 करोड़ की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने मामले में 5 किडनैपरों को अरेस्ट किया है। इनमें से 2 किडनैपर छात्र के पिता की दुकान में काम करते थे।

आरोपियों ने क्राइम पेट्रोल देखकर वारदात को अंजाम दिया। पिता ने न्यू अशोक नगर दिल्ली में बेटे के अपहरण का केस दर्ज कराया था। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि अजय कुमार गुप्ता न्यू कोंडली में रहते हैं। उनका कोंडली में ही किराने का व्यापार है। बेटा पीयूष गुप्ता मयूर विहार फेस-3 के एक स्कूल में 8वीं में पढ़ता है। शुक्रवार दोपहर को छ़ुट्टी के बाद स्कूल के बाहर से किडनैप हो गया। घर न पहुंचने पर पिता अजय स्कूल पहुंचे और बच्चे के घर न पहुंचने की बात स्कूल प्रबंधन को बताई। स्कूल प्रबंधकों ने सीसीटीवी फुटेज में देखा कि छात्र गेट से बाहर गया है। वह निजी साधन से स्कूल आता-जाता था। शाम 4.30 पर पिता के पास फोन आया और 2 करोड़ रु. की फिरौती मांगी गई। पिता ने दिल्ली पुलिस को इसकी सूचना दी। दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी। रात 8 बजे तक पिता के पास किडनैपरों ने 4 बार फिरौती के लिए फोन किया।

5 आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल :

गाजियाबाद पुलिस को करीब 7.30 पर मुखबिर से सूचना मिली कि वंदना इन्क्लेव के एक घर में बच्चे को संदिग्ध हालात में रखा गया है। पुलिस ने सूचना के आधार पर फ्लैट में दबिश दी और पीयूष को सकुशल बरामद कर लिया। छात्र के साथ राजा और एक नाबालिग आरोपी थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। दोनों ने बताया कि यह फ्लैट आकाश चौधरी का है जो वोडाफोन में काम करता है। आकाश, करण और रवि आनंद विहार में हैं, जहां फिरौती की रकम देने के लिए बुलाया गया है। गाजियाबाद पुलिस ने रात करीब 2 बजे तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

इलाहाबाद में बनाई किडनैपिंग की योजना : इलाहाबाद में बनाई थी योजना, किडनैपरों में से आकाश और नाबालिग दोनों अजय की किराना की दुकान में काम करते थे। पियूष को स्कूल छोड़ने और लाने का काम राजा करता था। इसलिए छात्र उसे पहचानता था। उसने एक सप्ताह पूर्व घर जाने के लिए छुट्टी ली थी। 3 दिन पूर्व नाबालिग नौकर भी बगैर बताए छुट्टी पर चला गया। इसके बाद पांचों किडनैपर इलाहाबाद में इकट्‌ठे हुए और वहीं पर किडनैपिंग की योजना बनाई। गुरुवार सुबह ट्रेन से सभी दिल्ली पहुंचे। दोपहर में छुट्टी के समय राजा और नाबालिग नौकर बाइक से स्कूल के बाहर पहुंचे और छात्र से घर जाने की बात कहकर बाइक पर बैठा लिया। इसके बाद घर ले जाने की बजाए खोड़ा ले गए और बंधक बनाकर फिरौती की मांग की। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि क्राइम पेट्रोल देखकर किडनैप करने की योजना बनाई थी।