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डेढ़ साल पहले बेटे की मौत को रेलवे पुलिस ने ट्रेन दुर्घटना बताया था, एएसआई पिता ने खुद जांच की तो हत्या की बात सामने आई, केस दर्ज

दिल्ली पुलिस के एएसआई केे बेटे की मौत के मामले में नया मोड़, क्राइम ब्रांच ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की

Dainik Bhaskar

Aug 09, 2018, 05:26 AM IST
ASI father examined death of his son matter of murder revealed

21 दिसंबर 2016 को हुई थी युवक की मौत, एएसआई ने दो लोगों पर जताया शक

नई दिल्ली. डेढ़ साल पहले दिल्ली पुलिस के एएसआई ब्रह्मप्रकाश के बेटे जतिन (18) की हुई मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। रेलवे पुलिस जिसे दुर्घटना बता रही थी, उस केस में क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को हत्या का केस दर्ज कर लिया है।

इस मामले की जांच एएसआई ब्रह्मप्रकाश ने अपने स्तर की और सीनियर अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने बेटे की हत्या के मामले में दो लोगों पर शक जताया है। क्राइम ब्रांच नए सिरे से केस की जांच कर रही है। भलस्वा में रहने वाले एएसआई ब्रह्मप्रकाश डीआईयू सेंट्रल यूनिट में बतौर ड्राइवर तैनात हैं। बेटा जतिन विजय नगर में कोचिंग करता था। 21 दिसंबर, 2016 की शाम 4.30 बजे जतिन के पास एक कॉल आई। कुछ देर बात करने के बाद वह घर से चला गया, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन दोपहर 3 बजे सब्जी मंडी रेलवे पुलिस थाने से एएसआई वेदप्रकाश ने ब्रह्मप्रकाश को कॉल कर बताया कि जतिन की रेल दुर्घटना में मौत हो गई है। ब्रह्मप्रकाश मौके पर गए तो पता चला कि शव उनके बेटे का ही है। बाद में पोस्टमार्टम के बाद शव उनके हवाले कर दिया गया।

इसलिए हुए शक... जतिन की मौत अगर रेल दुर्घटना थी तो उसके कपड़े फटे क्यों नहीं थे: ब्रह्मप्रकाश को रेलवे पुलिस की ओर से बताई गई जतिन की रेल दुर्घटना से हुई मौत की कहानी उचित नहीं लगी। बेटे के शरीर पर चोट के निशान और शव की स्थिति देख उन्हें बेटे की हत्या का शक हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट लगने के कारण बॉडी पर नजर आए निशानों से मेल नहीं खाए। बेटे के शरीर पर सही सलामत मिले कपड़े को देखकर उनका शक और गहरा हो गया क्योंकि उनके बेटे की मौत अगर रेल दुर्घटना में हुई होती तो उसके कपड़े फटे होते। इसके अलावा अगर यह रेल दुर्घटना थी तो ट्रेन के ड्राइवर ने उस दिन हादसे की रिपोर्ट क्यों नहीं फाइल की।

एएसआई ने जांच में पाया... बेटा जिस दिन घर से निकला, उस दिन पड़ोसी दोस्त के संपर्क में था: जांच के दौरान ब्रह्मप्रकाश ने पाया कि जतिन पड़ोस में रहने वाले दोस्त से फोन के जरिए संपर्क में था। पूछताछ में दोस्त में बताया कि वह जतिन से हैदरपुर मेट्रो स्टेशन पर मिला था। लेकिन दोनों के बीच मीटिंग की वजह क्या थी, इस बारे में उसने नहीं बताया। जतिन दिन घर से बाहर गया था, उस दिन वह उसी दोस्त से फोन के जरिए संपर्क में था। उधर, रेलवे पुलिस ने जतिन के दोस्त की लोकेशन भी ठीक से चेक नहीं की थी। जांच के बाद ब्रह्मप्रकाश ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिख केस की नए सिरे से जांच की मांग की। केस की जांच ट्रांसफर करने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें रेलवे पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है।

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