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कर्नाटक में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी; वजह कॉल सेंटर से 50 हजार बूथों तक माइक्रो मैनेजमेंट किया

एक दिन में 8 बार जनसंपर्क की रणनीति ने भाजपा को मुकाबले में सबसे ऊपर ला दिया।

Dainik Bhaskar

May 16, 2018, 08:22 AM IST
शुरुआती रुझानों में बहुमत मिलता देख दिल्ली भाजपा दफ्तर पर जश्न शुरू हो गया था। शुरुआती रुझानों में बहुमत मिलता देख दिल्ली भाजपा दफ्तर पर जश्न शुरू हो गया था।

  • भाजपा हर गांव में रोजाना 8 बार जनसंपर्क करती थी, हर विधानसभा में 15-20 हजार लोगों की पन्ना कमेटी थी
  • केंद्रीय मंत्रियों समेत 55 सांसदों को सौंपी थी 4-4 विधानसभा की जिम्मेदारी

नई दिल्ली. कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा माइक्रो मैनेजमेंट के दम पर इस मुकाम तक पहुंची है। हालांकि, कांटे के मुकाबले में वह बहुमत से चंद सीटें पीछे रह गई। कर्नाटक में बहुमत के लक्ष्य के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मोदी कैबिनेट के 30 केंद्रीय मंत्रियों समेत 55 सांसदों को पहले 4-4 विधानसभा की जिम्मेदारी सौंपी थी। बाद में इसे कम करते हुए केंद्रीकृत व्यवस्था की।

हर गांव में रोज 8 बार जनसंपर्क करती थी भाजपा

- भाजपा की इस जीत में उसकी प्रचार की रणनीति अहम रही। पार्टी ने महिला, युवा, किसान, एससी, एसटी, अल्पसंख्यक समेत सभी 8 मोर्चों को सक्रिय करते हुए हर गांव में जनसंपर्क की जिम्मेदारी सौंपी थी। यानी एक दिन में एक ही गांव में एक घंटे के अंतराल पर जनसंपर्क अभियान चलाया। एक दिन में 8 बार जनसंपर्क की रणनीति ने भाजपा को मुकाबले में सबसे ऊपर ला दिया।

हर विधानसभा में 15-20 हजार लोगों की पन्ना कमेटी थी

- भाजपा ने पन्ना प्रमुख के साथ पहली बार पन्ना कमेटी भी बनाई, जिसमें वोटर लिस्ट के उसी पन्ने से 2-3 वोटर छांट कर अपने साथ जोड़े। इस तरह हर विधानसभा में पार्टी ने 15 से 22 हजार पन्ना कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी की और 10 लाख से ज्यादा प्रतिबद्ध मतदाताओं को अपने साथ जोड़ा।

50-55 हजार बूथों को 3 हिस्सों में बांटकर काम किया

- इसके अलावा मिस्ड कॉल से पार्टी के सदस्य बने लोगों से कॉल सेंटर के जरिए सीधा संपर्क किया गया। जिन वोटरों से फोन पर बात नहीं होती थी, उनसे प्रत्यक्ष संपर्क के लिए 10-10 लोगों की टीम बनाई गई थी। हर विधानसभा में ये व्यवस्था रखी।

- इसके अलावा करीब 50-55 हजार बूथों को 3 हिस्सों- बूथ कमेटी, शक्ति केंद्र, महाशक्ति केंद्र में बांटकर काम किया। हर बूथ पर 5 से 7 लोगों की कमेटी बनाई। 5-7 बूथों को मिलाकर एक शक्ति केंद्र, 5 शक्ति केंद्र से एक महाशक्ति केंद्र बनाया। राज्य भाजपा इकाई को रणनीतिक मामलों से दूर रखकर सिर्फ प्रचार में लगने को कहा गया। उम्मीदवारों के चयन में शाह ने अपने सर्वे को ही प्राथमिकता दी।

बड़ी-बड़ी बातों का क्या हुआ?

उडुपी: जहां मोदी ने राहुल गांधी को 15 मिनट बिन देखे बोलने की चुनौती दी

मोदी ने उडुपी में राहुल को 15 मिनट बोलने की चुनौती दी थी। इस जिले की सभी 5 सीटें भाजपा को मिली।

कुल सीटें 07
भाजपा 5(+4)
कांग्रेस 2(-4)
2013 में अन्य को 2 सीटें मिली थी

जमखांडी: मोदी बोले- मैडम सोनिया दलित राष्ट्रपति से मिलीं तक नहीं

बेलगाम जिले के जमखांडी की रैली में सोनिया को दलित विरोधी बताया था। यहां भाजपा ने कांग्रेस 4 सीटें छीनी।

कुल सीटें 7
भाजपा 5(+4)
कांग्रेस 5(+4)
2013 में अन्य को 2 सीटे मिली थी

चित्रदुर्ग: जो पार्टी गरीबों का वेलफेयर नहीं कर सकती, उसे फेयरवेल दे दो

चित्रदुर्ग में मोदी ने कहा था कि कांग्रेस सुल्तानों की जंयती मना रही। 6 में से 5 भाजपा जीती। कांग्रेस को 3 सीटों का नुकसान।

कुल सीटें 6
भाजपा 5(+4)
कांग्रेस 1(-2)
यहां जनता ने कांग्रेस का फेयरवेल किया

कलगी:मोदी जी चाहते हैं कि रेड्डी ब्रदर्स, येद्दि कर्नाटक का पैसा लूटें

यहां जनता ने राहुल की नहीं सुनी। जिले की 9 में से 4 पर भाजपा और 5 पर कांग्रेस को मिली। कांग्रेस को 2 सीट का घाटा हुआ।

कुल सीटें 9
भाजपा 4(+3)
कांग्रेस 5(-2)
2013 में यहां 1 सीट अन्य को मिली थी।

बीजापुर: जहां सोनिया बोलीं-मोदी जी पर कांग्रेस मुक्त भारत का जुनून सवार

बीजापुर में 2013 में कांग्रेस ने 7 में से 6 सीट जीती थी। पर सोनिया की रैली का असर नहीं हुआ। पार्टी 3 सीट पर सिमटी।

कुल सीटें 07
भाजपा 3(+2)
कांग्रेस 3(-3)
जेडीएस 1(+1)
यहां पर एक सीट जेडीएस को मिली।

चिकमंगलूर: यहां राहुल धोती-कुर्ते में श्रृंगेरी मठ के दर्शन करने पहुंचे थे

चिकमंगलूर से जीतकर इंदिरा गांधी दिल्ली पहुंची थी। पर यहां कांग्रेस का करिश्मा नहीं चला। भाजपा ने 4 में से 3 सीटें जीत ली।

कुल सीटें 04
भाजपा 3(+1)
कांग्रेस 1(0)
चिकमंगलूर सीट से भाजपा जीती है।

कांग्रेस का सॉफ्ट हिंदुत्व

- 39 लिंगायत बहुल सीट भाजपा ने जीती। कांग्रेस 21 और जेडीएस 9 सीटों पर जीती।

- 24 वोक्कालिगा प्रभाव वाली सीट जेडीएस ने और 11 कांग्रेस ने जीती। भाजपा 8 पर आगे रही।

- 15 मुस्लिम डाॅमिनेटेड सीट पर भाजपा जीती। कांग्रेस 13 और जेडीएस 5 सीटों पर आगे रही।

भाजपा के 97% और कांग्रेस के 75% करोड़पति प्रत्याशी जीते

करोड़पति: भाजपा के 206 प्रत्याशी करोड़पति थे, उनमें से 101 विजयी रहे हैं। कांग्रेस के 204 प्रत्याशी करोड़पति थे, जिनमें 75% विजयी रहे हैं।
क्रिमिनल केस: भाजपा के 81 कैंडिडेट पर क्रिमनल केस थे, इनमें 42 विजयी रहे। कांग्रेस के 58 में से 23 और जेडीएस के 45 में से 12 प्रत्याशी विजयी।
मौजूदा विधायक: कांग्रेस के 105 मौजूदा विधायकों में से 47 विजयी रहे हैं। भाजपा के 45 में से 32 और जेडीएस के 25 में से 14 विधायक चुनाव जीते।

शुरुआती रुझानों में भाजपा को बहुमत मिलता दिख रहा था। कांग्रेस की हार की आहट मिलते ही सचिवालय की एक तस्वीर सामने आई। इसमें कर्मचारी ने सीएम सिद्दारमैया के ऑफिस पर ताला लगा दिया। शाम को सिद्दारमैया फिर सक्रिय हुए। शुरुआती रुझानों में भाजपा को बहुमत मिलता दिख रहा था। कांग्रेस की हार की आहट मिलते ही सचिवालय की एक तस्वीर सामने आई। इसमें कर्मचारी ने सीएम सिद्दारमैया के ऑफिस पर ताला लगा दिया। शाम को सिद्दारमैया फिर सक्रिय हुए।
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शुरुआती रुझानों में बहुमत मिलता देख दिल्ली भाजपा दफ्तर पर जश्न शुरू हो गया था।शुरुआती रुझानों में बहुमत मिलता देख दिल्ली भाजपा दफ्तर पर जश्न शुरू हो गया था।
शुरुआती रुझानों में भाजपा को बहुमत मिलता दिख रहा था। कांग्रेस की हार की आहट मिलते ही सचिवालय की एक तस्वीर सामने आई। इसमें कर्मचारी ने सीएम सिद्दारमैया के ऑफिस पर ताला लगा दिया। शाम को सिद्दारमैया फिर सक्रिय हुए।शुरुआती रुझानों में भाजपा को बहुमत मिलता दिख रहा था। कांग्रेस की हार की आहट मिलते ही सचिवालय की एक तस्वीर सामने आई। इसमें कर्मचारी ने सीएम सिद्दारमैया के ऑफिस पर ताला लगा दिया। शाम को सिद्दारमैया फिर सक्रिय हुए।
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