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येदियुरप्पा के सीएम बनते ही इगलटन रिजॉर्ट से पुलिस हटी, कांग्रेस-जेडीएस विधायकों के लिए सुरक्षित जगह खोज रही

कांग्रेस विधायक केरल या पंजाब और जेडीएस विधायक हैदराबाद या विजयवाड़ा जा सकते हैं।

Bhaskar News | Last Modified - May 18, 2018, 05:57 AM IST

  • येदियुरप्पा के सीएम बनते ही इगलटन रिजॉर्ट से पुलिस हटी, कांग्रेस-जेडीएस विधायकों के लिए सुरक्षित जगह खोज रही
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    अभी कांग्रेस विधायक बेंगलुरू से 40 किमी दूर इगलटन रिजॉर्ट में रुके हुए हैं।

    बेंगलुरू. कर्नाटक में भाजपा के बीएस येद्दियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ ले ली है, लेकिन अभी विधानसभा में बहुमत साबित करना बाकी है। इसके लिए राज्यपाल ने 15 दिन की मोहलत दी है। अब राज्य में जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस और जेडीएस ने अपने विधायकों को भाजपा से बचाने के लिए सुरक्षित रिजॉर्ट की तलाश में हैं। फिलहाल कांग्रेस ने अपने 78 विधायकों के लिए बेंगलुरू से 40 किमी दूर इगलटन रिजॉर्ट को बुक कराया है। पर जल्द ही कांग्रेस विधायकों को केरल या पंजाब ले जा सकती है। वहीं, जेडीएस अपने 38 विधायकों को हैदराबाद या विजयवाड़ा के किसी रिजॉर्ट में ले जा सकती है।

    कांग्रेस के 3 विधायक नदारद, जेडीएस के भी 2 विधायकों का पता नहीं

    कांग्रेस विधायक रामालिंगा रेड्‌डी ने कहा कि सभी विधायक देर रात तक कहीं और शिफ्ट किए जा सकते हैं। हालांकि, अब तक जगह पक्की नहीं है। कांग्रेस विधायक राजशेखर पाटिल ने बीमारी बताकर रिजॉर्ट छोड़ दिया है। देर रात जेडीएस विधायक होटल से रवाना भी गए। कांग्रेस के 3 विधायक नदारद हैं। जेडीएस के भी 2 विधायकों का पता नहीं है।

    इगलटन के मालिक का नाम उप मुख्यमंत्री के लिए भी प्रस्तावित था

    - इगलटन गोल्फ रिजॉर्ट बेंगलुरू के सबसे महंगे होटलों में से एक है। बताया जाता है कि इस रिजॉर्ट के मालिक कांग्रेस के सबसे अमीर विधायक डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश हैं। शिवकुमार का नाम कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन में उप मुख्यमंत्री के लिए भी प्रस्तावित था।

    विधायकों के लिए बेहतरीन इंतजाम लेकिन मोबाइल और इंटरनेट से दूर

    - 132 कमरे वाले इगलटन रिजॉर्ट में हेलीपैड और गोल्फ से लेकर स्विमिंग पूल तक के बेहतरीन इंतजाम हैं। कांग्रेस विधायक यहां स्विमिंग और गोल्फ खेल रहे हैं। गुरुवार सुबह कुछ विधायकों ने जिम भी की। दिन में धरना-प्रदर्शन कर शाम को दो बसों से रिजॉर्ट लौटे विधायकों ने कॉन्टिनेंटल रेस्तरां और बार के भी लुत्फ भी उठाए। हालांकि इन सबके बावजूद विधायकाें को बाहरी दुनिया से अलग रखा गया है। उन्हें मॉनीटर किया जा रहा है, फोन, इंटरनेट के इस्तेमाल पर भी पाबंदी है।

    दक्षिण भारत में कर्नाटक रिजॉर्ट राजनीति का हब है
    दक्षिण भारत में रिजॉर्ट राजनीति पुरानी परंपरा है। इनमें कर्नाटक रिजॉर्ट राजनीति का हब है। कर्नाटक के आरके हेगड़े, आंध्र के एनटी रामाराव, महाराष्ट्र के बिलासराव देशमुख, तमिलनाडु की शशिकला रिजॉर्ट राजनीति कर चुकी हैं।

    येदियुरप्पा तीसरी बार सीएम बने, किसान कर्ज माफ किया
    कर्नाटक सीएम के रूप में तीसरी बार शपथ लेने के साथ ही येद्दियुरप्पा ने किसानों की कर्जमाफी का ऐलान किया। इससे पहले वह 2007 में 7 दिन के लिए सीएम बने थे। इसके बाद 2008 में 3 साल 62 दिन सीएम रहे थे।

    दक्षिण भारत में 34 साल पुरानी है रिजॉर्ट राजनीति

    1984: जब आंध्र के सीएम रामाराव विधायकों को लेकर बेंगलुरूं के रिजॉर्ट पहुंचे थे

    1984 में आंध्र प्रदेश में टीडीपी के चीफ एनटी रामाराव को बहुमत साबित करने के लिए महीने भर का समय मिला था, तब कर्नाटक के सीएम और उनके मित्र आरके हेगड़े ने उन्हें विधायकों के साथ कर्नाटक के देवानाहैली रिजॉर्ट में पनाह दी थी।

    2002: बिलासराव 40 विधायकों के साथ बेंगलुरू आए
    महाराष्ट्र में कांग्रेस सीएम बिलासराव देशमुख 2002 में 40 विधायकों को लेकर बेंगलुरू पहुंचे थे। उन्होंने यहीं से सीधे विधानसभा जाकर विश्वास मत हासिल किया था। उनके रुकने की व्यवस्था तब मौजूदा विधायक शिवकुमार ने ही की थी।

    2004 : जब कांग्रेस और जेडीएस के विधायक भाजपा के डर से रिजॉर्ट भेजे गए थे

    2004 में कर्नाटक विधानसभा त्रिशंकु थी। भाजपा को 90, कांग्रेस को 65 व जेडीएस को 58 सीटें मिली थीं। जेडीएस विधायकों को बेंगलुरू के एक रिजॉर्ट में बुलाया था। जेडीएस ने कांग्रेस को समर्थन दिया था। विधायक रिजॉर्ट से विस वोट डालने पहुंचे थे।

    2006 : जब कुमारस्वामी पिता से नाराज होकर विधायकों को लेकर रिजॉर्ट पहुंच गए थे

    2006 में कुमारस्वामी ने पिता एचडी देवेगौड़ा को नाराज कर भाजपा के साथ सरकार बनाई थी। वह अपने समर्थक विधायकों के साथ इगलटन रिजॉर्ट में ठहरे थे। बाद में सिद्दारमैया के पार्टी छोड़ने और सरकार गिरने के बाद वह विधायकों के साथ गोवा में रुके थे।

    2008: जेडीएस विधायक तीसरी बार रिजॉर्ट पहुंचे थे

    भाजपा 110 सीटों के साथ 2008 में पहली बार राज्य में बहुमत के करीब पहुंची थी। येद्दियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उन्हें रोकने के लिए कांग्रेस और जेडीएस नेता अपने विधायकों को बेंगलुरू के एक रिजॉर्ट में रोका था।

    2017: अहमद पटेल को जिताने के लिए कांग्रेस विधायक गुजरात से बेंगलुरू ले जाए गए

    गुजरात में राज्यसभा चुनाव के दौरान भी कांग्रेस ने अपने 44 विधायकों को बेंगलुरू के इगलटन रिजॉर्ट में रखा था। अहमद पटेल को राज्यसभा पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने यह कदम उठाया था। रिजॉर्ट में विधायकों की प्रेस कॉन्फ्रेंस और परेड भी हुई थी।

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    2004 में भी कांग्रेस और जेडीएस के विधायक भाजपा के डर से रिजॉर्ट भेजे गए थे। -फाइल
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