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मणिका बत्रा ने कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले सचिन से इसलिए की थी 3 घंटे तक बात, आ चुके हैं मॉडलिंग के ऑफर

मणिका बत्रा ने अपने प्रदर्शन और भविष्य की प्लानिंग पर बातचीत क

Danik Bhaskar | Apr 21, 2018, 05:06 AM IST
मणिका बत्रा मणिका बत्रा

नई दिल्ली. कॉमनवेल्थ गेम्स में टेबल टेनिस में चार मेडल जीतने वाली मणिका बत्रा ने प्रदर्शन में सुधार के लिए गोल्ड कोस्ट जाने से पहले सचिन तेंडुलकर से तीन घंटे तक बात की थी। भारत की नई टेबल टेनिस स्टार मणिका बत्रा गुरुवार को दैनिक भास्कर के नोएडा ऑफिस पहुंचीं। उनके साथ कोच संदीप गुप्ता और भाई साहिल बत्रा भी थे। यहां मणिका ने अपने प्रदर्शन और भविष्य की प्लानिंग को लेकर बातचीत की। एकाग्रता और एग्रेशन को लेकर लंबी बातचीत हुई...

मणिका ने बताया, ‘मैंने कभी भी गलती पर डांट नहीं खाई है। मुझे तो कोच ने हमेशा एग्रेशन पर ही डांटा है। पहले मैं एग्रेसिव होकर नहीं खेलती थी। जब भी कोई गलती करती तो कोच प्यार से समझाते। लेकिन अगर एग्रेसिव होकर नहीं खेलती थी तो कोच से बहुत डांट पड़ती थी। वे मुझे हमेशा कहते कि अगर बड़े मुकाबलों में जीतना है तो खेल में एग्रेशन लाना होगा। आज भी एग्रेशन पर ही डांट पड़ती है। पीवी सिंधु को भी उनके कोच पुलेला गोपीचंद एग्रेसिव गेम खेलने के लिए कहते हैं।’ मणिका बताती हैं, ‘मेरी और कोच संदीप की गेम्स से पहले सचिन तेंडुलकर से एकाग्रता और एग्रेशन को लेकर लंबी बातचीत हुई थी।

तब उन्होंने कहा था कि वे फ्री टाइम में भी क्रिकेट खेलना ही पसंद करते हैं। इसलिए उन्हें सिर्फ क्रिकेट दिखता है। तब सचिन सर ने मुझे सलाह दी थी कि मैं भी फ्री टाइम में टेबल टेनिस ही खेला करूं। गेम के वक्त सिर्फ और सिर्फ गेंद देखाे और शॉट्स का सही चयन करो। इससे एकाग्रता और एग्रेशन दोनों दिखने लगेगा।’ मणिका शरत कमल को रोल मॉडल मानती हैं। उनके गेम से मणिका ने काफी कुछ सीखा है। इसके अलावा, बीजिंग ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं नेहा अग्रवाल को वे बेस्ट प्लेयर मानती हैं।


मॉडलिंग को छोड़ टेबल टेनिस को चुना

- दिल्ली के नारायणा विहार की रहने वाली मणिका को जीएस एंड मैरी कॉलेज में पढ़ते वक्त मॉडलिंग का ऑफर मिला था।
- वह इस ओर भी अपना कॅरियर बना सकती थीं, लेकिन उन्होंने टेबल टेनिस में ही अपनी मेहनत जारी रखी। मणिका ने बताया कि वह चार साल की उम्र से टेबल टेनिस खेल रही हैं।
- उन्होंने कहा, "खुदकिस्मत हूं कि मेरे खेल की वजह से ही मुझे कॉमनवेल्थ गेम्स में लीड करने का मौका मिला और लीडर होने का रोल मैं अच्छे से निभा सकी।
- सिंगापुर की दोनो टॉप रैंक की प्लेयर को हराना सुखद अनुभव रहा। लेकिन, डबल्स में उनसे ही मिली हार से जरूर थोड़ी निराशा हुई।"
- उनकी मां सुषमा बत्रा ने कहा कि मुझे खुशी है कि उसने देश का नाम ऊंचा करने के लिए सही रास्ता चुना।

गोल्ड कोस्ट में आती थी घर की याद

गोल्ड कोस्ट में रहने के दौरान मुझे दिल्ली और घर की काफी याद आती थी। शाम को जब समय मिलता था तो तुरंत घर पर फोन लगाकर पैरेंट से बात करती थी। सभी लोग मुझे खेल पर ध्यान देने को कहते। इन सबसे बात करके मुझे इंस्प्रेशन मिलती और मैं अंदर से और ज्यादा स्ट्रॉन्ग महसूस करती थी। मेरा मानना है कि हर लड़की को स्ट्रॉन्ग होना चाहिए। (मणिका ‘लिव स्ट्रॉन्ग’ लिखा हुआ बैंड पहनती हैं)। गेम खत्म होने के बाद बस यही सोच रही थी कि कैसे जल्दी से घर पहुंचूं। सभी के साथ खुशी शेअर करूं। उसे सेलिब्रेट करूं।

अचीवमेंट्स से हूं सैटिस्फाई

सोचा नहीं था कि इतनी कम उम्र में इतनी सक्सेस मिल जाएगी। बहुत अच्छा लगता है जब मैं कहीं जाती हूं और लोग मुझे पहचानते हैं। हर मेडल मुझे बेहतर करने की एनर्जी देती है। अभी सफर जारी है। मुझे और भी कई अचीवमेंट्स हासिल करनी हैं। इसके लिए मैंने प्रैक्टिस शेड्यूल में कोई चेंज नहीं किया है।

...और बी.ए. कर लिया कंप्लीट

टीटी की प्रैक्टिस और लगातार कॉम्पिटिशन में भाग लेने से पढ़ाई को कम समय मिल पाता था। स्कूलिंग के बाद मैंने जीसस एंड मैरी कॉलेज में एडमिशन लिया। लेकिन कॉलेज कभी कॉन्टीन्यू नहीं कर पाई। अक्सर केवल एग्जाम देने ही जा पाती थी। ऐसे में मैंने डीयू के ओपेन स्कूल (SOL) में एडमिशन लिया। वहां से हाल ही में ग्रेजुएशन (बी.ए.) पूरा किया है।

टि्वटर पर है फेक अकाउंट

मणिका सोशल मीडिया सेवी नहीं हैं। उनका अकाउंट फेसबुक पर ही है और उसे उनके भाई साहिल हैंडल करते हैं। वैसे उनके नाम से एक अकाउंट टि्वटर पर भी है लेकिन मणिका के मुताबिक वह टि्वटर पर नहीं हैं। ऐसे में यह अकाउंट (@M_batra1) फेक है। हालांकि अप्रैल में जनरेट इस अकाउंट से बाकायदा ट्वीट किए जाते हैं। शुक्रवार तक इसके 842 फॉलोवर्स भी थे।

गोल्ड कोस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जर्मनी में ट्रेनिंग ली थी। गोल्ड कोस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जर्मनी में ट्रेनिंग ली थी।
22 साल की मणिका का यह दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स था। 22 साल की मणिका का यह दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स था।
मणिका ने 2011 में चिली ओपन में अंडर-21 आयु वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया। मणिका ने 2011 में चिली ओपन में अंडर-21 आयु वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया।
2016 साउथ एशियन गेम्स में 3 गोल्ड देश को दिलाए। वुमेन्स डबल्स, मिक्स्ड डबल्स और टीम में ये गोल्ड हासिल किए। 2016 साउथ एशियन गेम्स में 3 गोल्ड देश को दिलाए। वुमेन्स डबल्स, मिक्स्ड डबल्स और टीम में ये गोल्ड हासिल किए।