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दिल्ली को 17 लाख किफायती मकान मिलने का रास्ता साफ

लंबे इंतजार के बाद नई लैंड पूलिंग पॉलिसी को डीडीए की मंजूरी

Danik Bhaskar | Sep 08, 2018, 05:20 AM IST

नई दिल्ली. दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 400 से एफएआर (फ्लोर एरिया रेश्यो) 200 कर बहुप्रतिक्षित लैंड पूलिंग पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में पॉलिसी को हरी झंडी देकर केन्द्र को नोटिफाई करने के लिए भेज दिया गया। इसके नोटिफाई होने के बाद दिल्ली में प्लानिंग के तहत 17 लाख अफोर्डेबल घर बनने का रास्ता साफ हो जाएगा। इसमें 76 लाख लोग रह सकेंगे। पॉलिसी में 5 लाख घर ईडब्ल्यूएस कोटे के होंगे। यह मकान डीडीए डेवलपर से खरीद कर उनको अलॉट करेगा। 5 लाख घर ईडब्ल्यूएस कोटे के लिए रिजर्व होंगे।

2 हेक्टयर जमीन होना अनिवार्य : दिल्ली में लैंड पूलिंग पॉलिसी के लिए 19 हजार हेक्टयर जमीन है। इसमें ज्यादात्तर कृषि भूमि है, जिसका स्वामित्व किसानों के पास है। डीडीए की शर्त अनुसार जहां भू स्वामी इस पॉलिसी में शामिल होना चाहते हैं, उनके पास वहां कम से कम 2 हेक्टयर जमीन होना अनिवार्य है। जिसमें से कम से कम 70 फीसद हिस्सा एक जगह होना चाहिए। तभी डीडीए वहां इसके लिए मंजूरी देगा।

क्यों घटा एफएआर: जानकारों का कहना है कि पानी की कमी, पर्यावरण पर असर, सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जमीन की जरूरत आदि को देखते हुए एफएआर की संख्या को घटाने का कदम उठाया गया है। 200 एफएआर में पाइपलाइन से पानी की जरूरतें पूरी की जा सकेंगी।

डीडीए, जमीन मालिक व प्लानर बनाएंगे मकान: पॉलिसी में डीडीए सुविधा मुहैया करने और प्लानर की भूमिका अदा करेगा। विकास का काम जमीन मालिक और डेवलपर करेंगे। अब 95 गांव का अर्बन एक्सटेंशन हो सकेगा। हालांकि जमीदार और डेवलपर का कहना है कि एफएआर कम होने से दिक्कत होगी।

60% जमीन मिलेगी वापस: जमीन में 40 एवं 60 का अनुपात रखा गया है। 40% पर डीडीए सड़क-सीवरेज जैसी सुविधाएं विकसित करेगा। 60% जमीन डेवलपर को वापस कर दी जाएगी। इसमें भी 53% हिस्सा रिहायशी निर्माण, 5% कमर्शियल और 2% संस्थागत निर्माण के लिए तय किया गया है।