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रेप मामले में गुड़िया लेकर पहुंचीं बच्चियां बोलीं- इन्हें भी है खतरा, सरकार से पूछा सवाल, क्या दुष्कर्मी हमारे नायक बनेंगे?

कठुआ-उन्नाव मामले में बच्चियां, स्टूडेंट, रिटायर्ड अफसर सब सड़क पर

Bhaskar News | Last Modified - Apr 16, 2018, 07:11 AM IST

  • रेप मामले में गुड़िया लेकर पहुंचीं बच्चियां बोलीं- इन्हें भी है खतरा, सरकार से पूछा सवाल, क्या दुष्कर्मी हमारे नायक बनेंगे?
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    संसद मार्ग पर प्रदर्शन में 6 से 9 साल की बच्चियां भी अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुईं।

    नई दिल्ली.वीकेंड में घूमने और इंज्वॉय करने वाली दिल्ली रविवार के दिन सड़क पर थी। इनमें रिटायर्ड अफसर, संगठन, आम जनता और जनप्रतिनिधि शामिल थे। सबकी एक ही मांग थी- दुष्कर्मियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाए। गुड़िया लेकर पहुंचीं बच्चियां बोलीं- इन्हें भी खतरा...

    - संसद मार्ग पर प्रदर्शन में 6 से 9 साल की बच्चियां भी अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुईं। इन बच्चियों के हाथों में खेलने वाली गुड़िया थीं, जिन्हें वे छिपाई हुई थीं।

    - देश में बढ़ी रही दुष्कर्म की घटनाओं के खिलाफ सरकार का विरोध करने वाली बच्चियों से जब पूछा गया कि वे अपनी गुड़िया को क्यों छिपाई हुई हैं तो उनका जवाब था- क्या पता कोई इन्हें भी अपनी हवस मिटाने के लिए खींचकर ले जाए।

    - वहीं, कई युवाओं ने सड़क पर दुष्कर्म के विरोध में पेंटिंग्स बनाकर इन घटनाओं का विरोध किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

    संसद मार्ग - दोषियों को सजा दिलाने दो घंटे सड़क पर बैठी रहीं बच्चियां

    क्या दुष्कर्मी और हत्यारे अब हमारे नए नायक बनेंगे? क्या दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध करने वालों के खिलाफ सरकार सख्ती नहीं दिखाएगी? क्या समाज बेटियों के लिए अब असुरक्षित हो गया है?... प्रदर्शन के दौरान सरकार से कुछ ऐसे ही सवाल पूछ रही थी नौवीं की छात्रा अंजलि सुहैल।

    जेनएयू-डीयू के छात्र तख्तियां लेकर पहुंचे

    जेएनयू, डीयू, जामिया के छात्र भी यहां पहुंचे। कुछ के हाथ में राजनीतिक पार्टियों के झंडे थे, जिन्हें हटाने के लिए कहा गया। डीयू की छात्रा मीनाक्षी सिंह ने कहा कि सरकार के दो मंत्रियों ने जिस तरह के बयान दिए, वह शर्मनाक है। इससे यह साबित होता है कि राजनीतिक पार्टियां महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के मुद्दे पर कितनी संवेदनहीन हो गई हैं।

    रिटायर्ड आईएएस का पीएम को लेटर

    रिटायर्ड आईएएस अमिताभ पांडे ने पीएम को ओपन लेटर लिखा है। इसमें लिखा है कि दुष्कर्मियों को बचाने के लिए सामने आए लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे केंद्र के कामकाज पर सवाल उठता है। क्या हम इतने कमजोर हो गए कि दुष्कर्मियों को बचाने लगेंगे? निर्भया कांड के बावजूद हमने सख्त कानून नहीं बनाया। वैसे भी सख्त कानून तभी कारगर होगा, जब गुनहगारों को सजा मिलेगी।

    पीएम आवास घेरने जा रहे आप कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका

    देशभर में महिलाओं और बच्चियों के साथ हो रही दुष्कर्म की घटनाओं के खिलाफ पीएम आवास का घेराव करने जा रहे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने संसद मार्ग पर ही रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ता वहीं नारेबाजी करने लगे। इस दौरान आप के प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में नरेंद्र मोदी ने कहा था- ‘बहुत हुआ महिलाओं पर वार, अबकी बार मोदी सरकार’। लेकिन वही मोदी जी सरकार अपने वादे भूलकर दुष्कर्मियों को बचाने में जुट गई है। अमित शाह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के संरक्षण में आरोपियों को बचाया जा रहा है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री मौन हैं।

    समता स्थल -स्वाति के समर्थन में नहीं, बेटी की सुरक्षा के लिए आया :सीएम

    कठुआ-उन्नाव में हुईं दुष्कर्म की घटनाओं के विरोध में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल तीन दिन से समता स्थल पर अनशन कर रही हैं। रविवार को सीएम अरविंद केजरीवाल भी वहां पहुंचे। उन्होंने कहा- ‘मैं यहां मालीवाल का समर्थन करने के लिए नहीं बल्कि अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए आया हूं। मैं पिता, पति, पुत्र और भाई हूं। देश का नागरिक होने के नाते महिलाओं की सुरक्षा की चिंता से यहां आया हूं।


    विस में लाएंगे प्रस्ताव:

    उन्होंने कहा कि विस सत्र में आईपीसी और सीआरपीसी में संशोधन का प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजेंगे। इसमें छोटी बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को फांसी देने का प्रावधान होगा।

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    आमरण अनशन पर बैठी स्वाति मालीवाल से मिलने पहुंचे केजरीवाल।
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