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दिल्ली में अब तक का सबसे ज्यादा प्रदूषण: रविवार तक सभी प्राइवेट कंस्ट्रक्शन पर रोक

4 दिन पहले जारी हुए अलर्ट के बाद 2 दिन से उखड़ रही थीं सांसें, तब जागीं एजेंसियां।

Bhaskar News | Last Modified - Jun 15, 2018, 08:09 AM IST

दिल्ली में अब तक का सबसे ज्यादा प्रदूषण: रविवार तक सभी प्राइवेट कंस्ट्रक्शन पर रोक

नई दिल्ली. राजस्थान की ओर से आई धूल से दिल्ली गुरुवार को भी परेशान रही। औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स सीवियर कैटेगरी में रहा और 431 दर्ज किया गया। वहीं, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के प्रोजेक्ट सफर के आंकड़ांे के मुताबिक दिल्ली में गुरुवार को पीएम 10 का औसत स्तर 1263 एमजीसीएम दर्ज किया। प्रोजेक्ट सफर के इंचार्ज डाॅ. गुफरान बेग के अनुसार 7 साल से दर्ज किए जा रहे प्रदूषण के आंकड़ों के मुताबिक यह पूरी दिल्ली के औसत के आधार पर पीएम 10 का सर्वाधिक स्तर है। इससे पहले 7 नवंबर 2017 को यह 700 के स्तर पर दर्ज किया गया था।

96 घंटे पहले जारी हो गया था अलर्ट, 72 घंटे बाद ली बैठक

मौसम विभाग 8 जून से लगातार अलर्ट जारी कर रहा था कि दिल्ली में 12 से 14 जून तक धूल भरी हवाएं चलेंगी। 11 जून की दोपहर से ही धूल भरी हवाएं दिल्ली पहुंचने लगीं। करीब दो दिनांे तक इन हवाओं के कारण दिल्ली का दम फूलता रहा लेकिन प्रदूषण पर निगरानी रखने वाली एजेंसियां सोती रहीं। 14 जून को इन एजेंसियों की नींद टूटी।

मीटिंग में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने का फैसला

- गुरुवार अपराह्न 3 बजे एलजी के साथ दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (डीपीसीसी) के अधिकारियों की बैठक हुई। करीब 55 मिनट चली इस मीटिंग में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने का फैसला लिया गया। दिल्ली में पॉल्यूशन लेवल अब भी बेहद खतरनाक स्तर पर बना हुआ है।

- बुधवार और गुरुवार को लगातार दो दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स सीवियर कैटेगरी में दर्ज हो रहा है। बुधवार को एक्यूआई 445 और गुरुवार को एक्यूआई 431 दर्ज हुआ।

बच्चों-बुजुर्गों और सांस के मरीजों को ज्यादा खतरा

पीएम 10 को रेस्पायरेबल पर्टिकुलेट मैटर कहते हैं। इन कणों का साइज 10 माइक्रोमीटर होता है। इससे छोटे कणों का व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या कम होता है। यह कण ठोस या तरल रूप में वातावरण में होते हैं। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल हैं। हवा में इनकी 100 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर की मात्रा ही स्वीकार्य होती है। बच्चों-बुजुर्गांे और सांसों की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए पीएम 10 का बढ़ा स्तर सबसे ज्यादा घातक है।

क्या हो सकता है असर

दीपचंद बंधु अस्पताल के सीनियर डॉक्टर अविनाश कुमार के अनुसार पिछले 48 घंटे में दिल्ली की हवा इनका स्तर इतना ज्यादा है कि अगर कोई सामान्य इंसान खुले में लगातार 5 घंटे सांस ले तो उसमें अस्थमा के लक्षण नजर आने लगेंगे। 40 फीसदी लोगों को हार्ट अटैक की संभावना है। ऐसे में बेहतर हैं कि हम मॉर्निंग वॉक न करें।

रविवार तक सभी प्राइवेट कंस्ट्रक्शन पर रोक

उपराज्यपाल अनिल बैजल ने गुरुवार को आपात बैठक ली। बैठक में फैसला लिया गया कि 17 जून रविवार तक सिविल इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन(प्राइवेट निर्माण) पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी पीडब्ल्यूडी, एमसीडी सड़क किनारे व सेंट्रल वर्ज पर पानी का छिड़काव करेगी, मुख्य सड़कों पर झाड़ू से सफाई बंद करें। 25 जून को अगली समीक्षा बैठक होगी।

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Web Title: delhi mein ab tak ka sabse jyada prdusn: raviwar tak sbhi praaivet knstrkshn par rok
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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