• Home
  • Union Territory News
  • Delhi News
  • News
  • New Delhi - एमएसपी से कम पर फसल बिकी तो सरकार दाम में अंतर का भुगतान करेगी
--Advertisement--

एमएसपी से कम पर फसल बिकी तो सरकार दाम में अंतर का भुगतान करेगी

केंद्र सरकार ने बुधवार को नई फसल खरीद नीति को मंजूरी दे दी। इसके तहत यदि तिलहन किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 03:15 AM IST
केंद्र सरकार ने बुधवार को नई फसल खरीद नीति को मंजूरी दे दी। इसके तहत यदि तिलहन किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम पर फसल बेचने की नौबत आई तो सरकार कीमत में अंतर का भुगतान करेगी। इसे अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (आशा) नाम दिया गया है। कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने बताया कि दो साल के लिए 15,053 करोड़ मंजूर किए गए हैं। इस साल 6,250 करोड़ रु. खर्च होंगे। इस नीति का मकसद तिलहन उत्पादन बढ़ाना और खाद्य तेल का आयात कम करना है। देश हर साल 1.4 से 1.5 करोड़ टन खाद्य तेल आयात करता है। यह घरेलू जरूरत का 70% है। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि धान-गेहूं जैसी फसलों के लिए पहले से जारी खरीद योजनाएं जारी रहेंगी। ध्यान रहे कि मप्र, राजस्थान और गुजरात तिलहन उत्पादक राज्य हैं। दो राज्यों में चुनाव होने हैं।

पेट्रोल में मिलाने के लिए इथेनॉल की कीमत 25% बढ़ाई गई

पेट्रोल में मिलाने के लिए गन्ने के रस से बनने वाले इथेनॉल की कीमत 25% बढ़ाई गई है। इसे 47.13 से बढ़ाकर 59.13 रु. लीटर किया गया है। इससे चीनी के भारी स्टॉक की समस्या से निपटने और क्रूड आयात घटाने में मदद मिलेगी। मिलों के पास गन्ने के भुगतान के लिए अधिक कैश उपलब्ध होगा।

तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाने के लिए रॉयल्टी में छूट देने का फैसला

ओएनजीसी व वेदांता के कुछ ब्लॉक से तेल उत्पादन पर सरकार 4,500 रु. प्रति टन रॉयल्टी लेती है। इसे आधा किया जाएगा। गैस पर रॉयल्टी में 75% छूट दी जाएगी। पेट्रोलिमय मंत्री ने कहा कि इससे जो नया निवेश होगा, उससे 20 साल में 50 लाख करोड़ रु. के पेट्रोलियम पदार्थों के उत्पादन का अनुमान है।