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जेल में मुझे आठ सप्ताह तक बिल्कुल अकेला रखा गया, बार-बार गीता पढ़कर इस मुश्किल परिस्थिति से जूझने की शक्ति मिली: रजत गुप्ता

New-delhi News - गोल्डमैन साक्स के पूर्व डायरेक्टर भारतवंशी रजत गुप्ता को इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप में 2012 में दो साल की जेल हुई थी।...

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 07:21 AM IST
New Delhi News - in prison i was kept alone for eight weeks repeatedly reading the gita and got the power to cope with this difficult situation rajat gupta
गोल्डमैन साक्स के पूर्व डायरेक्टर भारतवंशी रजत गुप्ता को इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप में 2012 में दो साल की जेल हुई थी। उन्होंने 19 महीने जेल की सजा काटी। जेल में पहले आठ सप्ताह तक उन्हें बिल्कुल अकेले रखा गया था। गुप्ता ने इस पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए माइंड विदाउट फियर नाम की किताब लिखी है। इसमें उन्होंने लिखा है कि जेल के शुरुआती दिनों में उन्होंने कई बार भगवत गीता पढ़ी। इससे उन्हें मुश्किल परिस्थितियों से जूझने में मदद मिली।

रजत गुप्ता पर आरोप लगा था कि उन्होंने एक हेज फंड के मैनेजर और गैलियन ग्रुप के फाउंडर राज राजार|म को गोल्डमैन साक्स के बारे में गोपनीय सूचनाएं पहुंचाई थी। कोर्ट में यह आरोप सही साबित हुआ और गुप्ता को दो साल की सजा मिली। वहीं, राजार|म को 11 साल की सजा सुनाई गई। हालांकि, गुप्ता तब भी आरोपों को गलत ठहराते रहे और अब भी उनका यही कहना है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया था।

गुप्ता ने कहा, ‘मैं भगवत गीता से परिचित था। लेकिन इसे कभी पढ़ा नहीं था। जेल के शुरुआती आठ सप्ताह तक मुझे बिल्कुल अकेले रखा गया। इस दौरान मैंने कई बार गीता पढ़ी। गीता में दिए गए जीवन मूल्यों को समझा। इससे मुझे जो अंदरूनी शक्ति मिली, उसी के दम पर मैं जेल के कठिन दिनों को झेल पाया।’

गुप्ता ने कहा कि गीता पढ़कर उन्हें लोगों को माफ करने का साहस मिला। उन्होंने कहा कि वे अपने उन मित्रों के खिलाफ कोई दुर्भावना नहीं रखते हैं जिन्होंने उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। गुप्ता 2016 में जेल से रिहा हुए थे। गुप्ता ने इस किताब में भारत, भारतीयों और भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में भी लिखा है। खुद आईआईटी से इंजीनियरिंग करने वाले गुप्ता ने लिखा है कि टैलेंट भारत का सबसे बड़ा निर्यात है। भारत सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत आगे बढ़ रहा है। हालांकि, उन्हें अफसोस है कि भारत में गूगल और फेसबुक जैसे ग्लोबल ब्रांड नहीं बने। भारत की शिक्षा व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों ने अच्छे नतीजे दिए हैं। लेकिन इन संस्थानों की चयन प्रक्रिया काफी कठिन है। गुप्ता ने कहा कि अब इन संस्थानों में रिफॉर्म की जरूरत है। ऐसा इसलिए कि कोई भी आईआईटी इस समय में दुनिया के टॉप-100 इंजीनियरिंग कॉलेज में शामिल नहीं है।

भारत को युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और बढ़ाने होंगे

भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में रजत गुप्ता ने कहा कि यह भले ही दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है लेकिन रोजगार सृजन के मामले में यह उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी है। उनके मुताबिक भारत में योग्यता की कोई कमी नहीं है लेकिन योग्यता को पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। रिजर्व बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था 2019-20 में 7.2% की दर से आगे बढ़ेगी।

रजत गुप्ता

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