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मैदान के रास्ते राह पर लौट रहे कश्मीरी युवा; सालभर में 60 हजार स्पोर्ट्स इवेंट में उतरे, 289 ने मेडल जीते

पत्थरबाजी के लिए बदनाम श्रीनगर के डाउन टाउन में थाने 6 हैं पर खेल के मैदान 8।

उपमिता वाजपेयी | Last Modified - Jun 11, 2018, 07:09 AM IST

  • मैदान के रास्ते राह पर लौट रहे कश्मीरी युवा; सालभर में 60 हजार स्पोर्ट्स इवेंट में उतरे, 289 ने मेडल जीते
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    हिजाब पहनकर फुटबॉल प्रैक्टिस करती कश्मीरी लड़कियां।

    • क्रिकेट-फुटबॉल के 90 ट्रेनिंग कैंप कश्मीर में चल रहे, बाकी खेलों के 22 इंडोर स्टेडियम बन रहे
    • कश्मीरी युवाओं ने 87 गोल्ड सहित 281 नेशनल मेडल जीते, 8 इंटरनेशनल मेडल

    श्रीनगर.कश्मीर के भटके हुए युवाओं को मोटीवेट करने के लिए सरकार ने खेल का सहारा लिया है। हाथ में गेंद थमाकर सरकार युवाओं को बंदूक, पत्थर और ड्रग्स से दूर करना चाहती है। इसी से जुड़ी रिपोर्ट जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने चार दिन पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह को सौंपी है। राजनाथ यहां राज्य के पहले स्पोर्ट्स काॅन्क्लेव में शामिल होने आए थे। उन्होंने इस पहल को स्पोर्ट्स की करामात कहा। इसका ही नतीजा है कि एक साल में 60 हजार बच्चे अलग-अलग इवेंट्स में शामिल हुए हैं। इनमें 12 हजार लड़कियां भी हैं।

    पत्थरबाजी के लिए बदनाम डाउन टाउन में थाने 6 और खेल के मैदान 8

    - यहां उम्र की कोई सीमा नहीं है। ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा खेल से जुड़ें। खेल को लेकर जिद ऐसी कि पत्थरबाजी के लिए बदनाम डाउन टाउन में 6 थाने हैं, पर 8 मैदान।

    - स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल के सेक्रेटरी वाहिद पारा ने बताया कि 2017 में राज्य से 19 स्पोर्ट्सपर्सन अंतरराष्ट्रीय खेलों का हिस्सा बने और 8 मेडल जीते। 2000 ने नेशनल इवेंट्स में भाग लिया। 87 गोल्ड, 77 सिल्वर, 117 ब्रॉन्ज जीते। इन मेडल्स में कश्मीर घाटी की हिस्सेदारी 80% है। वॉटर स्पोर्ट्स में भी राज्य के बच्चे 56 मेडल जीत चुके हैं।

    गांव-गांव में ट्रेनिंग के लिए कम्युनिटी कोच

    - सरकार ने एनआईएस पटियाला से 200 युवाओं को ट्रेनिंग दिलवाई है। अब ये युवा कोच की भूमिका निभा रहे हैं। कश्मीर के गांव-गांव जाकर युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। ताकि जो युवा ट्रेनिंग लेने शहर नहीं आ सकते, ट्रेनिंग खुद उन तक पहुंचे। रग्बी, फुटबॉल, वाटर स्पोर्ट्स, ताइक्वांडो, वुशू के लिए श्रीलंका, फ्रांस और बाकी देशों से इंटरनेशनल कोच भी कश्मीर आते हैं।

    क्रिकेट-फुटबॉल के 90 ट्रेनिंग कैंप कश्मीर में चल रह

    - बीसीसीआई के कोच 50 से ज्यादा क्रिकेट कैंप लगा चुके हैं। हर जिले में एक फुटबॉल एकेडमी भी है। फुटबॉल के 40 ट्रेनिंग कैंप लग चुके हैं।
    - आइस हॉकी, स्नो स्कीइंग और नॉर्डिक स्कीइंग के लिए कश्मीर मशहूर है। देश में तीन ही राज्य हैं, जहां ये खेल खेले जाते हैं, जिनमें से एक कश्मीर है। देश की सबसे अच्छी वॉटर स्पोर्ट्स फेसिलिटी श्रीनगर में तैयार की गई है।
    - बर्फबारी के बीच भी खेल लगातार होते रहें, इसलिए 22 इंडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं।
    - फीमेल कोच स्टेट फुटबॉल एकेडमी, रग्बी, क्रिकेट के साथ हेल्थ और फिटनेस की ट्रेनिंग लड़कों को दे रही हैं।

    आगे की स्लाइड्स में पढ़ें- 3 कहानियां, जब बंदूक और पत्थर को छोड़ गेंद उठाई...

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    अफशां कश्मीर वुमन फुटबॉल टीम की कैप्टन है। -फाइल

    सुरक्षाबलों परपत्थर फेंकने वाली अफशां अब है फुटबॉलर

    अफशां अपने उस फोटो से चर्चा में आई थी, जिसमें वह पत्थर लिए सुरक्षाबलों की ओर दौड़ रही है। अब अफशां कश्मीर वुमन फुटबॉल टीम की कैप्टन है। कश्मीर में 70 बच्चों को फुटबॉल भी सिखाती है, जिनमें 30 लड़के हैं। अफशां कहती हैं- पढ़ाई और फिर फुटबॉल के बाद किसी और बात के बारे में सोचने का वक्त ही नहीं मिलता।

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    माजिद खान अपने एक दोस्त के एनकाउंटर के बाद आतंकवादी बन गया था। -फाइल

    कभी आतंकी रहा माजिद अब है फुटबॉल कोच

    साउथ कश्मीर आतंकवाद का गढ़ है। वहां के अनंतनाग में रहने वाला माजिद खान अपने एक दोस्त के एनकाउंटर के बाद आतंकवादी बन गया था। ये वही माजिद था, जिसे कुछ समय पहले स्कूल में स्टूडेंट ऑफ द इयर अवॉर्ड मिला था। परिवारवालों के कहने पर माजिद आतंकवाद छोड़ घर लौट आया। फिर स्पोर्ट्स काउंसिल के प्रोग्राम के जरिए एनआईएस पटियाला में ट्रेनिंग ली। आज माजिद फुटबॉल कोच है।

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    - सिम्बॉलिक

    पत्थरबाजी के लिए बदनाम इलाके में शबीर चला रहे स्पोर्ट्स एकेडमी

    श्रीनगर का डाउन टाउन पत्थरबाजी के लिए मशहूर है। इसी डाउन टाउन में शबीर अहमद शाह स्पोर्ट्स एकेडमी चलाते हैं। वो कहते हैं, मेरी कोशिश है बच्चों को खेल में इतना मशगूल रखूं कि उनका ध्यान गलत चीजों पर जाए ही नहीं। शबीर बैंक में नौकरी करते हैं। उनकी एकेडमी शुरू हुए अभी एक साल ही हुआ है और 50 बच्चे खेल सीखने आने लगे हैं। इनमें 25 लड़कियां भी हैं।

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Web Title: Initiative To Divert Towards Sports To Kashmir Youth
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